भारत में कुल कितनी मस्जिदें हैं? Total Mosque in india

भारत अपनी पुरानी तहज़ीब, शानदार इमारतों और अलग-अलग मज़हबों की विरासत के लिए जाना जाता है। यहां सदियों पुरानी मस्जिदें भी मौजूद हैं, जो इबादत के साथ-साथ मुल्क की तारीख, तामीर के हुनर और समाज में आए बदलावों की गवाही देती हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुल कितनी मस्जिदें हैं? भारत की सबसे पुरानी मस्जिद कौन-सी मानी जाती है? दिल्ली की जामा मस्जिद किसने बनवाई थी? और कौन-सी मस्जिदें इन दिनों खबरों में हैं?
इस लेख में हम भारत में मस्जिदों की कुल तादाद, 10 मशहूर मस्जिदों, 10 ऐतिहासिक मस्जिदों, 10 पुरानी मस्जिदों और हालिया खबरों से जुड़ी मस्जिदों के बारे में जानेंगे।
भारत में कुल कितनी मस्जिदें हैं? Total Mosque in india
भारत में मौजूद सभी मस्जिदों की कुल तादाद बताने वाला कोई एक सर्वमान्य, मुकम्मल और अद्यतन राष्ट्रीय सर्वे उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि देश में मस्जिदों की एक निश्चित संख्या आधिकारिक तौर पर दर्ज है।
सितंबर 2026 के आंकड़ों पर आधारित एक स्वतंत्र ऑनलाइन डायरेक्टरी Mosques Map में भारत की 24,670 मस्जिदों के रिकॉर्ड दर्ज हैं। यह संख्या सरकारी जनगणना का नतीजा नहीं, बल्कि अलग-अलग सार्वजनिक डेटाबेस से इकट्ठा किए गए रिकॉर्ड हैं। इसलिए भारत की असल तादाद इससे ज्यादा या कम हो सकती है।
इस जानकारी का स्रोत: https://mosquesmap.com/how-many-mosques-are-there-in-india
मस्जिदों की गिनती में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। मसलन, कुछ गांवों की छोटी मस्जिदें ऑनलाइन दर्ज नहीं होतीं, कुछ इमारतों के नाम अलग-अलग रिकॉर्ड में मिलते हैं और कुछ जगहों पर पुरानी मस्जिद की नई तामीर हो चुकी होती है।
इसलिए किसी भी संख्या को इस्तेमाल करते समय यह देखना जरूरी है कि वह सरकारी रिकॉर्ड है, सर्वे है या ऑनलाइन डायरेक्टरी का डेटा।
भारत की 10 मशहूर मस्जिदें
भारत में कई मस्जिदें अपनी बड़ी इमारत, खूबसूरत तामीर, धार्मिक अहमियत और ऐतिहासिक पहचान के कारण मशहूर हैं। नीचे दी गई सूची मशहूर मस्जिदों का परिचय है, कोई आधिकारिक रैंकिंग नहीं।
1. जामा मस्जिद, दिल्ली
जगह- पुरानी दिल्ली, दिल्ली
दिल्ली की जामा मस्जिद भारत की सबसे मशहूर ऐतिहासिक मस्जिदों में से एक है। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां के दौर में हुआ और 1656 ईस्वी के आसपास यह मुकम्मल हुई।
लाल पत्थर और सफेद संगमरमर से बनी यह इमारत मुगल तामीर का शानदार नमूना है। इसके बड़े सहन, गुंबद और मीनारें इसकी खास पहचान हैं।
2. मक्का मस्जिद, हैदराबाद
जगह- हैदराबाद, तेलंगाना
मक्का मस्जिद हैदराबाद की सबसे अहम ऐतिहासिक मस्जिदों में शामिल है। इसकी तामीर कुतुब शाही दौर में शुरू हुई और बाद में आसफ जाही दौर में मुकम्मल हुई।
इसका नाम मक्का से जुड़ा है और यह चारमीनार के पास स्थित है। इसकी विशाल इमारत और ऐतिहासिक माहौल इसे खास बनाते हैं।
3. जामा मस्जिद, भोपाल
जगह- भोपाल, मध्य प्रदेश
भोपाल की जामा मस्जिद शहर की पुरानी और अहम मस्जिदों में से एक है। इसका निर्माण 19वीं सदी में भोपाल की बेगम सिकंदर जहां के दौर में हुआ।
इसके सुनहरे रंग के गुंबद और ऊंची मीनारें इसे शहर की पहचान बनाती हैं।
4. ताज-उल-मसाजिद, भोपाल
जगह- भोपाल, मध्य प्रदेश
ताज-उल-मसाजिद भारत की विशाल मस्जिदों में गिनी जाती है। इसकी तामीर भोपाल की बेगम शाहजहां के दौर में शुरू हुई थी, हालांकि इसे मुकम्मल होने में काफी समय लगा।
इसकी गुलाबी रंगत, बड़े गुंबद और शानदार मीनारें इसकी खास पहचान हैं।
5. बड़ा इमामबाड़ा की आस-पास की ऐतिहासिक मस्जिदें, लखनऊ
जगह- लखनऊ, उत्तर प्रदेश
लखनऊ अपनी नवाबी तहज़ीब, इमामबाड़ों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर है। शहर की कई पुरानी मस्जिदें नवाबी दौर की तामीर और धार्मिक विरासत की नुमाइंदगी करती हैं।
लखनऊ की मस्जिदों को देखते समय किसी खास इमारत का नाम और उसकी तारीख अलग से जांचना जरूरी है, क्योंकि शहर में कई ऐतिहासिक धार्मिक इमारतें मौजूद हैं।
6. जामा मस्जिद, आगरा
जगह- आगरा, उत्तर प्रदेश
आगरा की जामा मस्जिद मुगल बादशाह शाहजहां की बेटी जहांआरा बेगम के दौर में 1648 ईस्वी के आसपास बनवाई गई थी।
यह आगरा के ऐतिहासिक इलाके में स्थित है और मुगल तामीर की अहम मिसाल मानी जाती है।
7. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा
जगह- अजमेर, राजस्थान
अढ़ाई दिन का झोंपड़ा राजस्थान की सबसे चर्चित ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। इसे मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल किया गया और इसकी तामीर में अलग-अलग दौर की स्थापत्य परंपराओं के निशान दिखाई देते हैं।
यह इमारत अपने मेहराबों, नक्काशी और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए जानी जाती है।
8. जामा मस्जिद, अहमदाबाद
जगह- अहमदाबाद, गुजरात
अहमदाबाद की जामा मस्जिद का निर्माण सुल्तान अहमद शाह के दौर में 1424 ईस्वी में हुआ था।
इसकी तामीर में पत्थर की बारीक कारीगरी, खुले सहन और खूबसूरत मेहराबों का खास अंदाज दिखाई देता है।
9. जामा मस्जिद, श्रीनगर
जगह- नौहट्टा, श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर
श्रीनगर की जामा मस्जिद कश्मीर की ऐतिहासिक मस्जिदों में अहम जगह रखती है। इसका शुरुआती निर्माण सुल्तान सिकंदर के दौर में 14वीं सदी के आखिर में हुआ माना जाता है।
लकड़ी के खंभे, बड़ा सहन और कश्मीरी तामीर का अंदाज इसे दूसरी मस्जिदों से अलग बनाता है।
10. चेरामन जुमा मस्जिद
जगह- कोडुंगल्लूर, केरल
चेरामन जुमा मस्जिद को भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक माना जाता है। केरल टूरिज्म के मुताबिक इसकी स्थापना शुरुआती इस्लामी दौर में, लगभग 628 ईस्वी में मानी जाती है।
इसके बारे में मशहूर रवायत चेरामन पेरुमल नाम के चेरा राजा और अरब से आने वाले शुरुआती मुस्लिम प्रचारकों से जुड़ी है। हालांकि, इसकी शुरुआती तारीख और कुछ किस्सों की ऐतिहासिक पुष्टि को लेकर मतभेद मौजूद हैं।
भारत की 10 ऐतिहासिक मस्जिदें
यह सूची उन मस्जिदों पर केंद्रित है जो भारत की सियासी, सामाजिक, धार्मिक और स्थापत्य तारीख में अहम जगह रखती हैं। कुछ मस्जिदें ऊपर की मशहूर सूची में भी शामिल हैं।
1. कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद, दिल्ली
दिल्ली के कुतुब परिसर में स्थित यह मस्जिद दिल्ली सल्तनत के शुरुआती दौर की अहम इमारत है। इसका निर्माण 12वीं सदी के आखिर में कुतुबुद्दीन ऐबक के दौर में शुरू हुआ।
2. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा, अजमेर
यह इमारत 12वीं सदी के आखिर और उसके बाद के दौर की ऐतिहासिक तामीर से जुड़ी है। इसके मेहराब और पत्थर की कारीगरी इतिहासकारों और स्थापत्य में दिलचस्पी रखने वालों के लिए खास अहमियत रखते हैं।
3. जामा मस्जिद, अहमदाबाद
1424 ईस्वी में बनी यह मस्जिद गुजरात सल्तनत के स्थापत्य की बेहतरीन मिसाल है। इसके खुले सहन और पत्थर की कारीगरी इसे खास बनाते हैं।
4. जामा मस्जिद, दिल्ली
शाहजहां के दौर में बनी यह मस्जिद मुगल सल्तनत की धार्मिक और स्थापत्य विरासत का अहम हिस्सा है।
5. मक्का मस्जिद, हैदराबाद
इस मस्जिद की तामीर 17वीं सदी में शुरू हुई और बाद में मुकम्मल हुई। यह गोलकुंडा और हैदराबाद के सियासी व सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी है।
6. जामा मस्जिद, आगरा
आगरा की यह मस्जिद मुगल दौर की धार्मिक इमारतों में अहम स्थान रखती है। इसका निर्माण जहांआरा बेगम से जुड़ा है।
7. जामा मस्जिद, मंडू
जगह- धार जिला, मध्य प्रदेश
मांडू की जामा मस्जिद मालवा सल्तनत के दौर की शानदार इमारत है। इसका निर्माण 15वीं सदी में हुआ और इसकी तामीर में बड़े सहन तथा विशाल मेहराबों का इस्तेमाल किया गया।
8. जामा मस्जिद, चंपानेर
जगह- चंपानेर-पावागढ़, गुजरात
यह मस्जिद गुजरात सल्तनत के दौर की स्थापत्य विरासत का हिस्सा है। चंपानेर का ऐतिहासिक इलाका यूनेस्को विश्व विरासत स्थल के रूप में भी जाना जाता है।
9. जामिया मस्जिद, श्रीनगर
कश्मीर की यह ऐतिहासिक मस्जिद कई बार मरम्मत और दोबारा तामीर के दौर से गुजरी है। इसका मौजूदा स्वरूप अलग-अलग ऐतिहासिक दौर की तामीर का नतीजा है।
10. चेरामन जुमा मस्जिद, केरल
इस मस्जिद की अहमियत सिर्फ इसकी पुरानी तारीख के दावे तक सीमित नहीं है। यह केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास और अरब व्यापारियों के समुद्री संपर्कों की याद दिलाती है।
भारत की 10 सबसे पुरानी मस्जिदें
पुरानी मस्जिदों की सूची बनाते समय एक जरूरी बात समझें: किसी जगह पर पहली मस्जिद कब बनी, और उसकी मौजूदा इमारत कब बनी, ये दोनों अलग सवाल हैं। कई पुरानी मस्जिदों में समय के साथ मरम्मत, विस्तार या दोबारा तामीर हुई है।
नीचे शुरुआती स्थापना की तारीखों से जुड़ी मशहूर रवायतों और ऐतिहासिक सूचनाओं के आधार पर सूची दी गई है। सभी तारीखों को एक जैसी ऐतिहासिक निश्चितता हासिल नहीं है।
1. चेरामन जुमा मस्जिद
जगह- कोडुंगल्लूर, केरल
मंसूब तारीख- लगभग 628–629 ईस्वी
इसे भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में सबसे ज्यादा जाना जाता है। इसकी स्थापना की तारीख स्थानीय रवायतों और केरल टूरिज्म की जानकारी में मिलती है। लेकिन इसकी शुरुआती तारीख के बारे में ऐतिहासिक बहस मौजूद है।
2. पलैया जुमा पल्लि
जगह- कीलाकरई, तमिलनाडु
मंसूब तारीख- लगभग 630 ईस्वी
पलैया जुमा पल्लि तमिलनाडु की पुरानी मस्जिदों में शामिल है। इसका इतिहास दक्षिण भारत के समुद्री व्यापार और अरब व्यापारियों से जुड़ी परंपराओं में बयान किया जाता है।
3. ज़ीनत बख्श मस्जिद
जगह- मंगलुरु, कर्नाटक
मंसूब तारीख- 7वीं सदी
ज़ीनत बख्श मस्जिद को कर्नाटक की सबसे पुरानी मस्जिदों में गिना जाता है। यह अपनी स्थानीय स्थापत्य शैली और मंगलुरु के पुराने मुस्लिम व्यापारिक समुदाय से जुड़ी विरासत के लिए जानी जाती है।
4. मलिक दीनार जुमा मस्जिद
जगह- थलंगरा, कासरगोड, केरल
मंसूब तारीख- 7वीं–8वीं सदी
यह मस्जिद केरल के शुरुआती मुस्लिम इतिहास से जुड़ी है। मलिक इब्न दीनार का नाम केरल में इस्लाम के प्रसार की रवायतों में अहम माना जाता है।
5. बरवाड़ा मस्जिद
जगह- घोघा, गुजरात
घोघा की बरवाड़ा मस्जिद को भारत की शुरुआती मस्जिदों में शामिल करने के दावे मिलते हैं। इसकी तारीख और शुरुआती इस्तेमाल के बारे में पुख्ता ऐतिहासिक पुष्टि सीमित है, इसलिए इसे निश्चित तौर पर सबसे पुरानी मस्जिद कहना ठीक नहीं होगा।
6. कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद
जगह- दिल्ली
इसका निर्माण 12वीं सदी के आखिर में शुरू हुआ। यह दिल्ली सल्तनत के शुरुआती दौर की सबसे अहम मस्जिदों में से एक है।
7. जामा मस्जिद, बदायूं
जगह- बदायूं, उत्तर प्रदेश
बदायूं की जामा मस्जिद मध्यकालीन भारत की ऐतिहासिक मस्जिदों में शामिल है। इसकी शुरुआती तामीर और बाद के विस्तार को समझने के लिए स्थानीय ऐतिहासिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
8. जामा मस्जिद, अहमदाबाद
जगह- अहमदाबाद, गुजरात
तारीख- 1424 ईस्वी
यह गुजरात सल्तनत के दौर की अहम मस्जिद है। इसकी स्थापत्य शैली और पत्थर की कारीगरी इसे ऐतिहासिक रूप से खास बनाती है।
9. जामा मस्जिद, मंडू
जगह- मंडू, मध्य प्रदेश
तारीख- 15वीं सदी
यह मस्जिद मालवा सल्तनत की स्थापत्य विरासत का अहम हिस्सा है।
10. जामा मस्जिद, श्रीनगर
जगह- श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर
शुरुआती दौर- 14वीं सदी के आखिर में
इस मस्जिद का शुरुआती निर्माण सुल्तान सिकंदर के दौर से जोड़ा जाता है। बाद में इसे कई बार दोबारा बनाया और बहाल किया गया।
ध्यान दें- यह सूची उम्र के लिहाज़ से प्रमाणित नंबर 1 से नंबर 10 रैंकिंग नहीं है। शुरुआती तारीखों के बारे में मौजूद रवायतों और मौजूदा इमारत की तारीख में फर्क हो सकता है।
खबरों में रहने वाली 10 मस्जिदें और उनसे जुड़े मामले
मस्जिदों से जुड़ी खबरें हमेशा निर्माण या धार्मिक आयोजनों के बारे में नहीं होतीं। कभी अदालत में चल रहे मुकदमे, कभी सरकारी जमीन से जुड़ा मामला, कभी मरम्मत और कभी ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फैसले चर्चा में रहते हैं।
नीचे कुछ मस्जिदों और मस्जिदों से जुड़े मामलों का उल्लेख है जिन पर हालिया समाचार रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं। यह खबरों में रिपोर्ट किए गए मामलों की जानकारी है।
1. रेस कोर्स मस्जिद, दिल्ली
अक्टूबर 2026 में दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को लेकर खबरें सामने आईं। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जाने के बाद उसके संरक्षण की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, वक्फ बोर्ड ने मस्जिद और उससे जुड़े कब्रिस्तान को अधिसूचित वक्फ संपत्ति बताया। इस मामले में जमीन, संरक्षण और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े सवाल उठे।
स्रोत: Times of India, 21 अक्टूबर 2026
https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/delhi-waqf-board-seeks-protection-of-race-course-mosque-after-utilities-disconnected/amp_articleshow/135099049.cms
2. शाही जामा मस्जिद, संभल
उत्तर प्रदेश के संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़ा सर्वे का मामला अदालतों में चर्चा में रहा है। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
यह मामला धार्मिक स्थलों से जुड़े मुकदमों और अदालत की प्रक्रिया के संदर्भ में खबरों में रहा।
स्रोत- India Today, 25 सितंबर 2026
https://www.indiatoday.in/india/story/uttar-pradesh-sambhal-mosque-survey-case-supreme-court-reserves-verdict-pleas-ptag-3002925-2026-09-25
3. शाही ईदगाह मस्जिद, मथुरा
मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा विवाद अदालत में चल रहे मुकदमों के कारण चर्चा में रहा है। यह मामला धार्मिक स्थल के इतिहास, जमीन के दावे और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है।
अदालत में दाखिल दावे और किसी पक्ष की दलील अपने आप में अंतिम न्यायिक फैसला नहीं होते।
स्रोत- Times of India, सितंबर 2026
https://timesofindia.indiatimes.com/city/allahabad/hc-adjourns-mathura-case-hearing-till-oct-13/amp_articleshow/134341901.cms
4. सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद
सितंबर 2026 में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक मस्जिद को हटाए जाने की खबर आई। मामला सरकारी जमीन पर कथित अनधिकृत कब्जे और बेदखली के आदेश से जुड़ा था।
समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद के मुतवल्ली ने कार्रवाई को चुनौती देने की बात कही थी। इस तरह के मामले में प्रशासन के आदेश और संबंधित पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
स्रोत- Indian Express, 5 सितंबर 2026
https://indianexpress.com/article/explained/saharanpur-mosque-demolition-court-order-land-dispute-10864629/
5. मुस्तफा मस्जिद, मुरादाबाद
सितंबर 2026 में मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद के निर्माण को लेकर नोटिस दिए जाने की खबर प्रकाशित हुई। यह मामला धार्मिक इमारत की वैधता और निर्माण से जुड़े प्रशासनिक सवालों के कारण चर्चा में आया।
स्रोत- Indian Express, 9 सितंबर 2026
https://indianexpress.com/article/cities/lucknow/saharanpur-masjid-demolition-mosques-scrutiny-10870007/
6. बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद, संभल
संभल की बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद के निर्माण को लेकर सितंबर 2026 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जांच से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित हुई।
ऐसे मामलों में किसी जांच का शुरू होना और जांच के बाद अंतिम नतीजा आना दो अलग बातें हैं।
स्रोत- Indian Express, 9 सितंबर 2026
https://indianexpress.com/article/cities/lucknow/saharanpur-masjid-demolition-mosques-scrutiny-10870007/
7. मोहामदी मस्जिद, कच्छ
गुजरात के कच्छ में मोहामदी मस्जिद को जून 2026 में गिराए जाने के मामले में मस्जिद के प्रबंधन ने अदालत में कार्रवाई को चुनौती दी। अक्टूबर में गुजरात हाई कोर्ट द्वारा जिला प्रशासन से जवाब मांगे जाने की खबर प्रकाशित हुई।
यह मामला नोटिस, जवाब देने के मौके और कथित अतिक्रमण की कार्रवाई से जुड़े कानूनी सवालों के कारण चर्चा में रहा।
स्रोत- Indian Express, अक्टूबर 2026
https://indianexpress.com/article/cities/ahmedabad/notice-reply-masjid-demolition-3-4-days-high-court-seeks-kutch-collectors-response-10920657/
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद से संबंधित मुकदमे और धार्मिक स्थल के इतिहास को लेकर कानूनी कार्यवाही समय-समय पर खबरों में रही है।
इस मामले पर कोई नई खबर लिखते समय अदालत के ताजा आदेश और उसकी तारीख की पुष्टि करना जरूरी है। पुराने समाचार को आज का फैसला बताना सही नहीं होगा।
9. बाबरी मस्जिद का ऐतिहासिक मामला, अयोध्या
अयोध्या की बाबरी मस्जिद का मामला भारत के आधुनिक इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चित धार्मिक और कानूनी मामलों में से एक रहा है। 1992 में इमारत गिराए जाने और बाद में चले मुकदमों ने देश की राजनीति तथा न्यायिक इतिहास पर गहरा असर डाला।
इसे मौजूदा खबर बताने के बजाय ऐतिहासिक संदर्भ के तौर पर समझना ज्यादा सही है, जब तक कोई नई और सत्यापित खबर उपलब्ध न हो।
10. चेरामन जुमा मस्जिद, केरल
चेरामन जुमा मस्जिद पुरानी तारीख और शुरुआती इस्लामी इतिहास से जुड़े दावों के कारण खबरों, पर्यटन लेखों और ऐतिहासिक चर्चाओं में जगह बनाती रही है।
इसकी पुरानी तारीख के बारे में प्रचलित रवायतें मशहूर हैं, लेकिन इसकी मौजूदा इमारत में समय के साथ बदलाव और बहाली हुई है। इसलिए शुरुआती स्थापना की तारीख और मौजूदा इमारत की उम्र को एक नहीं समझना चाहिए।
भारत की मस्जिदों की तामीर में क्या खास है?
भारत की मस्जिदों में अलग-अलग इलाकों की तामीरी परंपराओं का असर देखा जा सकता है।
- मुगल शैली: बड़े गुंबद, मेहराब, लाल पत्थर और संगमरमर।
- गुजरात शैली: पत्थर की बारीक नक्काशी और स्थानीय स्थापत्य का असर।
- कश्मीरी शैली: लकड़ी के खंभे और स्थानीय निर्माण परंपरा।
- केरल शैली: ढलानदार छतें और स्थानीय इमारती तरीकों का इस्तेमाल।
- दक्षिण भारतीय विरासत: स्थानीय कारीगरी और समुद्री व्यापार से जुड़े पुराने मुस्लिम समुदायों का असर।
हर मस्जिद की अपनी तारीख और स्थानीय पृष्ठभूमि है। इसलिए सभी मस्जिदों को एक ही तामीरी दौर से जोड़ना सही नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. भारत में कुल कितनी मस्जिदें हैं?
भारत में सभी मस्जिदों की कोई एक सर्वमान्य और मुकम्मल आधिकारिक गिनती उपलब्ध नहीं है। सितंबर 2026 के रिकॉर्ड पर आधारित Mosques Map में 24,670 मस्जिदों के रिकॉर्ड हैं, लेकिन यह सरकारी जनगणना नहीं है।
2. भारत की सबसे पुरानी मस्जिद कौन-सी है?
केरल की चेरामन जुमा मस्जिद को भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक माना जाता है। इसकी स्थापना लगभग 628–629 ईस्वी की मानी जाती है, लेकिन इस तारीख के बारे में ऐतिहासिक बहस मौजूद है।
3. भारत की सबसे मशहूर मस्जिद कौन-सी है?
दिल्ली की जामा मस्जिद भारत की सबसे मशहूर ऐतिहासिक मस्जिदों में से एक है। इसके अलावा हैदराबाद की मक्का मस्जिद और भोपाल की ताज-उल-मसाजिद भी काफी मशहूर हैं।
4. भारत की सबसे बड़ी मस्जिद कौन-सी है?
सबसे बड़ी मस्जिद का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि तुलना जमीन के कुल रकबे, नमाजियों की गुंजाइश या इमारत के आकार के आधार पर की जा रही है। इसलिए बिना एक जैसे और भरोसेमंद आंकड़ों के किसी एक मस्जिद को हर पैमाने पर सबसे बड़ी कहना ठीक नहीं होगा।
5. भारत की मस्जिदों की ऐतिहासिक जानकारी कहां से मिल सकती है?
मस्जिदों की तारीख और इतिहास के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), राज्य पर्यटन विभागों, संग्रहालयों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और भरोसेमंद समाचार संस्थानों की रिपोर्ट देखी जा सकती है। पुरानी मस्जिदों के बारे में तारीखों और स्थानीय रवायतों की अलग-अलग स्रोतों से पुष्टि करना बेहतर है।
नतीजा
भारत की मस्जिदें धार्मिक विरासत के साथ-साथ मुल्क की तारीख, स्थापत्य और सामाजिक बदलावों को भी बयान करती हैं। दिल्ली की जामा मस्जिद से लेकर केरल की चेरामन जुमा मस्जिद तक, हर इमारत की अपनी अलग पहचान है।
भारत में कुल मस्जिदों की सही तादाद जानने के लिए मुकम्मल राष्ट्रीय सर्वे की जरूरत है। फिलहाल ऑनलाइन डायरेक्टरी के रिकॉर्ड को पूरी राष्ट्रीय गिनती समझना सही नहीं होगा।
अगर आप किसी मस्जिद का इतिहास पढ़ना या वहां जाना चाहते हैं, तो उसकी जगह, निर्माण की तारीख, मौजूदा इमारत की हालत और ऐतिहासिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें।
स्रोत और आगे पढ़ें-
- Mosques Map — भारत में मस्जिदों के दर्ज रिकॉर्ड: https://mosquesmap.com/how-many-mosques-are-there-in-india
- Kerala Tourism — चेरामन जुमा मस्जिद का इतिहास: https://www.keralatourism.org/muziris/museums/islamic-history-museum
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