Attahiyat in hindi अत्तहिय्यात पढ़ने का सही तरीका : 7 अहम बातें और हिंदी मतलब

अत्तहिय्यात पढ़ने का सही तरीका : Attahiyat in hindi, अरबी और तर्जुमा

attahiyat in hindi

अत्तहिय्यात (Attahiyat) नमाज़ का एक अहम हिस्सा है, जिसे नमाज़ में बैठकर पढ़ा जाता है। इसे तशह्हुद भी कहा जाता है। इसमें हम अल्लाह सुब्हानवा तआला की तारीफ बयान करते हैं, नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम भेजते हैं और अल्लाह की वहदानियत तथा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की रिसालत की गवाही देते हैं।

बहुत से लोग Attahiyat Dua in Hindi, Attahiyat Arabic और Attahiyat Meaning in Hindi सर्च करते हैं, ताकि वे इसे सही तरीके से पढ़ना और इसका मतलब समझना सीख सकें।

इस आर्टिकल में आप अत्तहिय्यात के अरबी अल्फाज़, हिंदी में पढ़ने का तरीका, Hinglish उच्चारण, हिंदी और अंग्रेज़ी में मतलब, हदीस का हवाला और इसकी फज़ीलत के बारे में जानेंगे।

1. अत्तहिय्यात क्या है?

अत्तहिय्यात नमाज़ में बैठकर पढ़ी जाने वाली एक अहम तशह्हुद है। इसमें तीन अहम बातें शामिल हैं-

  • अल्लाह सुब्हानवातआला की तारीफ और इबादत का इज़हार।
  • नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम और रहमत की दुआ।
  • अल्लाह के एक होने और मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम के उसके बंदे और रसूल होने की गवाही।

अत्तहिय्यात को नमाज़ की पहली और आखिरी बैठकी में पढ़ा जाता है। पहली बैठकी में इसे पढ़ने के बाद नमाज़ के बाकी अमल जारी रखे जाते हैं, जबकि आखिरी बैठकी में इसके बाद दरूद शरीफ और मस्नून दुआएं पढ़ी जाती हैं।

2. अत्तहिय्यात अरबी में

अत्तहिय्यात के अरबी अल्फाज़ इस तरह हैं-

التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

3. अत्तहिय्यात हिंदी में Attahiyat in hindi

जो लोग अरबी पढ़ने में मुश्किल महसूस करते हैं, वे नीचे दिए गए हिंदी उच्चारण की मदद से अत्तहिय्यात पढ़ना सीख सकते हैं।

अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबातु।

अस्सलामु अलैका अय्युहन्नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू।

अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन।

अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू।

4. Attahiyat Hinglish

नीचे अत्तहिय्यात का Hinglish उच्चारण दिया गया है, जिससे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों पढ़ने वाले लोग आसानी से इसे सीख सकते हैं।

At-tahiyyatu lillahi was-salawatu wat-tayyibat.

Assalamu alaika ayyuhan-nabiyyu wa rahmatullahi wa barakatuhu.

Assalamu alaina wa ala ibadillahis-salihin.

Ash-hadu alla ilaha illallah wa ash-hadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluh.

5. अत्तहिय्यात का हिंदी मतलब

अत्तहिय्यात का हिंदी में मतलब इस तरह है-

अल्लाह ही के लिए तमाम अदब और तारीफें हैं, तमाम इबादतें और पाकीज़ा चीज़ें हैं।

ऐ नबी! आप पर सलाम हो और अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें हों।

हम पर और अल्लाह के तमाम नेक बंदों पर सलामती हो।

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं और मैं गवाही देता हूँ कि बेशक मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के बंदे और उसके रसूल हैं।

6. Attahiyat Meaning in English

The English meaning of Attahiyat is:

All compliments, prayers and pure words and deeds are for Allah.

Peace be upon you, O Prophet, and the mercy of Allah and His blessings.

Peace be upon us and upon all the righteous servants of Allah.

I bear witness that there is no deity worthy of worship except Allah, and I bear witness that Muhammad is His servant and Messenger.

7. अत्तहिय्यात की हदीस

अत्तहिय्यात के बारे में सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम में कई रिवायतें मौजूद हैं।

हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसूद (रज़ि.) से रिवायत है-

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने मुझे तशह्हुद सिखाया। आप रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने मेरा हाथ अपने दोनों हाथों के बीच लेकर मुझे इसे उसी तरह सिखाया, जैसे कुरान की सूरत सिखाते थे।

हवाला-

  • सहीह मुस्लिम: हदीस 402e
  • किताब: किताबुस्सलात

इस रिवायत से पता चलता है कि नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने अत्तहिय्यात को सहाबा किराम को बहुत एहतिमाम और तफसील के साथ सिखाया था।

एक दूसरी रिवायत-

हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसूद (रज़ि.) बयान करते हैं कि सहाबा किराम नमाज़ में बैठकर पहले कुछ फरिश्तों और दूसरे लोगों को सलाम कहा करते थे। इस पर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने उन्हें अत्तहिय्यात के अल्फाज़ सिखाए और बताया कि अल्लाह ही अस्सलाम है।

हवाला-

  • सहीह बुखारी: हदीस 831
  • किताबुल अज़ान, बाबुत तशह्हुद

इन दोनों रिवायतों से अत्तहिय्यात के अल्फाज़ और इसकी अहमियत साबित होती है।

8. कुरान में अत्तहिय्यात का जिक्र

अत्तहिय्यात के पूरे अल्फाज़ कुरान मजीद की किसी एक आयत में इस तरह मौजूद नहीं हैं। बल्कि ये अल्फाज़ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की सुन्नत और सहीह हदीस से साबित हैं।

हालांकि कुरान मजीद में नमाज़ कायम करने और अल्लाह की इबादत करने का हुक्म दिया गया है।

कुरान की सूरह अल-अनकबूत, आयत 45-

इस आयत में अल्लाह तआला नमाज़ कायम करने का हुक्म देता है और बताता है कि नमाज़ बेहयाई और बुरे कामों से रोकती है।

कुरान की सूरह अन-निसा, आयत 103-

इस आयत में नमाज़ को मोमिनों पर मुकर्रर वक्तों में फर्ज़ बताया गया है।

इसलिए अत्तहिय्यात को नमाज़ में पढ़ने का तरीका और इसके खास अल्फाज़ हमें हदीस से मालूम होते हैं।

9. अत्तहिय्यात की फज़ीलत

अत्तहिय्यात सिर्फ कुछ अल्फाज़ पढ़ने का नाम नहीं है, बल्कि इसमें बहुत अहम अक़ीदे और इबादत के मायने शामिल हैं।

1. अल्लाह की तारीफ का इज़हार

अत्तहिय्यात की शुरुआत में हम तमाम तारीफों, इबादतों और पाकीज़ा चीज़ों को अल्लाह के लिए खास करते हैं। इससे अल्लाह की अज़मत और उसकी बंदगी का इज़हार होता है।

2. नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम भेजना

इसमें हम नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम भेजते हैं और उनके लिए अल्लाह की रहमत और बरकत की दुआ करते हैं।

3. तमाम नेक बंदों के लिए सलामती

अत्तहिय्यात में हम अपने लिए ही नहीं, बल्कि अल्लाह के तमाम नेक बंदों के लिए भी सलामती की दुआ करते हैं।

4. तौहीद और रिसालत की गवाही

इसमें हम गवाही देते हैं कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के बंदे और रसूल हैं। यह इस्लाम के बुनियादी अक़ीदे का इज़हार है।

5. नमाज़ में सुन्नत की पैरवी

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने सहाबा किराम को अत्तहिय्यात सिखाई थी। इसे सही तरीके से पढ़ना नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की तालीम पर अमल करना है।

10. नमाज़ में अत्तहिय्यात कब पढ़ें?

नमाज़ में अत्तहिय्यात बैठकर पढ़ी जाती है। आम तौर पर इसकी दो जगहें होती हैं-

पहली बैठकी (क़ादा-ए-ऊला)-

तीन या चार रकात वाली नमाज़ में दो रकात पूरी होने के बाद बैठकर अत्तहिय्यात पढ़ी जाती है। इसके बाद बाकी नमाज़ के लिए खड़े हो जाते हैं।

आखिरी बैठकी (क़ादा-ए-आखिरा)-

नमाज़ की आखिरी रकात के बाद बैठकर अत्तहिय्यात पढ़ी जाती है। इसके बाद दरूद शरीफ और दुआ पढ़कर सलाम फेरा जाता है।

नोट – अलग-अलग फिक्ही मसाइल में बैठने और पढ़ने के कुछ तरीकों में फर्क हो सकता है। अपने अमल के मुताबिक किसी भरोसेमंद आलिम से रहनुमाई ली जा सकती है।

11. अत्तहिय्यात से जुड़े 5 आम सवाल

सवाल 1: अत्तहिय्यात को और किस नाम से जाना जाता है?

जवाब: अत्तहिय्यात को तशह्हुद भी कहा जाता है। इसमें अल्लाह की तारीफ, नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम और तौहीद व रिसालत की गवाही दी जाती है।

सवाल 2: क्या अत्तहिय्यात हर नमाज़ में पढ़ी जाती है?

जवाब: जी हाँ, नमाज़ में बैठने वाली जगहों पर अत्तहिय्यात पढ़ी जाती है। दो रकात वाली नमाज़ में आखिरी बैठकी होती है, जबकि तीन और चार रकात वाली नमाज़ में पहली और आखिरी बैठकी होती है।

सवाल 3: क्या अत्तहिय्यात हिंदी में पढ़ सकते हैं?

जवाब: हिंदी में दिए गए अल्फाज़ अरबी का उच्चारण सीखने में मदद के लिए हैं। नमाज़ में अत्तहिय्यात के अरबी अल्फाज़ पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। अगर किसी को अरबी पढ़ने में परेशानी हो तो सही उच्चारण सीखने के लिए किसी जानकार से मदद लेनी चाहिए।

सवाल 4: अत्तहिय्यात के बाद क्या पढ़ते हैं?

जवाब: आखिरी बैठकी में अत्तहिय्यात के बाद दरूद इब्राहीमी पढ़ा जाता है। इसके बाद मस्नून दुआ पढ़कर सलाम फेरा जाता है।

सवाल 5: क्या अत्तहिय्यात कुरान की आयत है?

जवाब: नहीं, अत्तहिय्यात के खास अल्फाज़ कुरान की आयत नहीं हैं। ये रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की सुन्नत से साबित हैं और सहीह बुखारी तथा सहीह मुस्लिम में इनका जिक्र मिलता है।

आखिर में

अत्तहिय्यात नमाज़ का एक अहम हिस्सा है। इसे सिर्फ याद करके पढ़ना ही काफी नहीं, बल्कि इसके मतलब को समझना भी जरूरी है। जब हम इसके अल्फाज़ का मतलब समझते हैं तो नमाज़ में अल्लाह की तारीफ, नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर सलाम और तौहीद की गवाही को बेहतर तरीके से महसूस कर सकते हैं।

इसलिए अत्तहिय्यात को सही अरबी उच्चारण के साथ याद करें और इसके मायने समझकर नमाज़ अदा करने की कोशिश करें।

अल्लाह तआला हम सभी को सही तरीके से नमाज़ अदा करने और अपने दीन को समझने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

होम पेज – https://islamicknowledgehindi.com/

हमारे यूट्यूब पेज को चेक करें ( DoFollow ) – https://www.youtube.com/@DaastanByJafar