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फज्र की नमाज़ ( Fajr Namaz Step By Steps Complete Guide 10 Steps – Authentic Details)

फज्र की नमाज़ ( Fajr Namaz Step By Steps Complete Guide 10 Steps )

इस्लाम में पाँच वक़्त की नमाज़ हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है। इनमें से पहली नमाज़ फ़ज्र की नमाज़ है, जो सुबह सवेरे सूरज निकलने से पहले अदा की जाती है।

यह नमाज़ इमान और तक़वा की शुरुआत मानी जाती है और अल्लाह तआला की तरफ़ से बरकत व रहमत का ज़रिया है। सुन्नी अक़ीदा (Sunni belief) के मुताबिक़ इसके तरीक़े और अहकाम नीचे विस्तार से दिए जा रहे हैं।

नमाज़ का वक़्त Timing 

रकअतें Rakats 

फ़ज्र की नमाज़ का तरीक़ा (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. नियत Niyyah 

दिल में यह इरादा करें कि मैं अल्लाह की ख़ुशनूदी के लिए फ़ज्र की सुन्नत/फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहा/रही हूँ।

2. तक़्बीर-ए-तहरीमा Starting Takbeer 

3. क़िरात Recitation 

4. रुकू Bowing 

5. क़ौमा Standing after Ruku 

6. सज्दा Prostration 

7. जलसा Sitting between two Sujood 

8. दूसरी रकअत 

9. तशह्हुद, दुरूद और दुआ 

अत्तहिय्यात At-Tahiyyat – 

اَلتَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللهِ وَبَرَكَاتُهُ، اَلسَّلاَمُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

अत्तहिय्यातु लिल्लाही वस्सलावातु वत्तैय्यिबातु, अस्सलामु अलैका अय्युहान नबीय्यु व रहमतुल्लाही व बरकातुहु, अस्सलामु अलैना वअला इबादील्लाहिस्सालिहीन, अश्हदु अन ला इला-हा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मुहम्मदन् अब्दुहु व रसूलुहु

At-tahiyyatu lillahi wassalawatu wattayyibatu, assalamu alaika ayyuhan-nabiyyu wa rahmatullahi wa barakatuhu, assalamu alaina wa ala ibadillahis-salihin, ash-hadu an la ilaha illallah wa ash-hadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluhu

दुरूद-ए-इब्राहीमी Durood-e-Ibrahimi 

اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ، كَمَا صَلَّيْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ، إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ. اللَّهُمَّ بَارِكْ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ، كَمَا بَارَكْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ، إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ

अल्लाहुम्मा सल्लि ‘अला मुहम्मदिन वअला आली मुहम्मद, कमासल्लैता ‘अला इब्राहीम वअला आली इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक ‘अला मुहम्मदिन वअला आली मुहम्मद, कमाबारक्ता ‘अला इब्राहीम वअला आली इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद

Allahumma salli ‘ala Muhammadin wa ‘ala ali Muhammad, kama sallayta ‘ala Ibrahim wa ‘ala ali Ibrahim, innaka Hamidun Majid. Allahumma barik ‘ala Muhammadin wa ‘ala ali Muhammad, kama barakta ‘ala Ibrahim wa ‘ala ali Ibrahim, innaka Hamidun Majid

नोट:

10. सलाम Ending 

फ़ज्र नमाज़ में आँखों की स्थिति 

सुन्नी हुक्म के मुताबिक़ नमाज़ के दौरान आँखें अक्सर नीचे की तरफ़ रखी जाती हैं, यानी सीधे जमीन की ओर देखें। ऐसा करने से:

  1. ध्यान और ख़ुशू (ख़ुशू’ – नमाज़ में ध्यान और तसल्ली) बढ़ती है।

  2. आँखों का इधर-उधर घूमना कम होता है और दिल की एकाग्रता बनी रहती है।

  3. हदीस में आया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम नमाज़ में अक्सर अपनी नज़र को सज्दे और हाथों के बीच जमीन की तरफ़ टिकाते थे।

नोट:

फ़ज्र की नमाज़ की ख़ास अहमियत 

  1. यह ईमान की पहचान है।

    रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया –  “जो शख़्स फ़ज्र की नमाज़ अदा करता है, वह अल्लाह की पनाह में आ जाता है।”

    (सहीह मुस्लिम, हदीस 657)

  2. यह नमाज़ दिन भर की बरकत और कामयाबी की वजह बनती है।

फ़ज्र की सुन्नत रकअतें बहुत अहम हैं। हदीस में है कि ये दुनिया और उसमें जो कुछ है उससे बेहतर हैं। (सहीह मुस्लिम)

5 FAQ about Fajr Namaz 

Q1: फ़ज्र की नमाज़ का सही वक़्त कब से कब तक है?
फ़ज्र की नमाज़ का वक़्त Subh-e-Sadiq (सच्चा सहर) से शुरू होकर सूरज निकलने से पहले तक रहता है।

Q2: अगर कोई फ़ज्र की नमाज़ सोने की वजह से मिस कर दे तो क्या करें?
उसे उठने के बाद सबसे पहले क़ज़ा (missed prayer) अदा करनी चाहिए।

Q3: फ़ज्र की सुन्नत रकअतें कितनी अहम हैं?
बहुत अहम! हदीस में आया है कि ये दुनिया और जो कुछ उसमें है, उससे बेहतर हैं। (सहीह मुस्लिम)

Q4: फ़ज्र की नमाज़ में कौन सी सूरह पढ़नी चाहिए?
हर छोटी सूरह पढ़ सकते हैं, लेकिन अक्सर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम सूरह इख़लास, सूरह काफ़िरून, सूरह बक़रह की शुरुआती आयतें पढ़ा करते थे।

Q5: नमाज़ के दौरान आँखों की पोज़िशन कहाँ रखनी चाहिए?
आँखें हमेशा सज्दे की जगह पर या हाथों पर टिकाएँ। ऊपर या इधर-उधर देखना मना है।

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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