Halal Certificate Meaning in Hindi – 7 ज़रूरी बातें और इससे जुड़ी गलतफहमियाँ

हलाल सर्टिफिकेट क्या है? 7 ज़रूरी बातें 

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हलाल सर्टिफिकेट क्या है? halal certificate meaning in hindi

हलाल सर्टिफिकेट एक ऐसा दस्तावेज़ है जो बताता है कि किसी खास प्रोडक्ट, सामान या उसे तैयार करने के तरीके की जाँच संबंधित हलाल उसूलों के मुताबिक की गई है।

आसान अल्फ़ाज़ में कहें तो, जब किसी खाने-पीने की चीज़ या दूसरे प्रोडक्ट की जाँच हलाल सर्टिफिकेशन संस्था की तरफ़ से की जाती है, तो तय शर्तें पूरी होने पर उसे हलाल सर्टिफिकेट दिया जा सकता है।

इस जाँच में कई बातें शामिल हो सकती हैं:

  • प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाले अजज़ा यानी सामग्री।
  • गोश्त और मीट तैयार करने का तरीका।
  • सामान बनाने और पैक करने की प्रक्रिया।
  • प्रोडक्ट को रखने और एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने का तरीका, जहाँ यह जाँच का हिस्सा हो।

ध्यान रहे कि हर सर्टिफिकेट का दायरा एक जैसा नहीं होता। इसलिए यह देखना ज़रूरी है कि सर्टिफिकेट किस प्रोडक्ट, कंपनी या प्रक्रिया के लिए जारी किया गया है।

हलाल का मतलब क्या है?

हलाल अरबी ज़बान का लफ़्ज़ है, जिसका मतलब है जायज़ या इजाज़त दिया गया। इस्लाम में हलाल उन चीज़ों और कामों के लिए इस्तेमाल होता है जिन्हें इस्लामी उसूलों के मुताबिक जायज़ माना गया है।

इसके उलट हराम का मतलब है वह चीज़ या काम जिसे इस्लाम में मना किया गया है।

मिसाल के तौर पर, इस्लाम में सूअर का गोश्त खाना हराम है। इसी तरह किसी खाने की चीज़ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसे तैयार करने का तरीका भी अहमियत रखता है।

हलाल का मतलब सिर्फ़ साफ़-सुथरा या सेहत के लिए अच्छा होना नहीं है। इसका ताल्लुक़ इस्लामी उसूलों से है।

हलाल सर्टिफिकेट क्यों दिया जाता है?

आजकल बहुत-सी चीज़ें बड़ी फैक्ट्रियों में तैयार होती हैं। बिस्कुट, चॉकलेट, मिठाई, सॉस और दूसरी पैक्ड चीज़ों में अलग-अलग तरह की सामग्री इस्तेमाल हो सकती है। ग्राहक के लिए हर सामग्री की असल और उसे तैयार करने का तरीका जानना हमेशा आसान नहीं होता।

हलाल सर्टिफिकेशन का मकसद संबंधित प्रोडक्ट या प्रक्रिया की जाँच करके ग्राहकों को उसके बारे में जानकारी देना है।

इससे ग्राहकों को इन बातों को समझने में मदद मिल सकती है:

  • प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री।
  • तैयार करने के तरीके से जुड़ी हलाल शर्तें।
  • सामान रखने और पैक करने के दौरान अपनाए गए उसूल।
  • सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्था और उसकी जाँच का दायरा।

हालाँकि, सर्टिफिकेट होने का मतलब यह नहीं कि प्रोडक्ट हर देश के हर हलाल स्टैंडर्ड पर पूरा उतरता है। इसकी तस्दीक संबंधित सर्टिफिकेट से करनी चाहिए।

हलाल सर्टिफिकेट कैसे मिलता है?

हलाल सर्टिफिकेट हासिल करने का तरीका प्रोडक्ट, कारोबार और सर्टिफिकेशन संस्था के मुताबिक अलग हो सकता है। आम तौर पर इसमें ये मरहले शामिल होते हैं।

1. प्रोडक्ट की जानकारी देना

कंपनी अपने प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, सप्लायर और उसे तैयार करने के तरीके की जानकारी देती है।

2. दस्तावेज़ों की जाँच

सर्टिफिकेशन संस्था उपलब्ध दस्तावेज़ों की जाँच करती है और देखती है कि सामग्री तय हलाल शर्तों के मुताबिक है या नहीं।

3. फैक्ट्री का मुआयना

जहाँ ज़रूरी हो, वहाँ सामान तैयार करने, सफ़ाई, पैकिंग और रखने के तरीके का मुआयना किया जा सकता है।

4. सर्टिफिकेट जारी करना

अगर प्रोडक्ट या प्रक्रिया संबंधित शर्तों पर पूरी उतरती है, तो संस्था अपने तय दायरे के मुताबिक सर्टिफिकेट जारी कर सकती है।

5. दोबारा जाँच

कुछ सर्टिफिकेट एक तय मुद्दत के लिए जारी किए जाते हैं। उन्हें जारी रखने के लिए दोबारा जाँच या नवीनीकरण की ज़रूरत पड़ सकती है।

हलाल सर्टिफिकेट कौन जारी करता है?

हलाल सर्टिफिकेट आम तौर पर हलाल सर्टिफिकेशन संस्था जारी करती है। कुछ देशों में ऐसी संस्थाओं के लिए मान्यता, एक्रेडिटेशन या सरकारी नियम भी लागू होते हैं।

भारत में भी अलग-अलग हलाल सर्टिफिकेशन संस्थाएँ काम करती हैं। लेकिन किसी संस्था का सर्टिफिकेट हर देश या हर बाज़ार में अपने आप मंज़ूर नहीं माना जाता।

यहाँ दो बातों में फर्क समझना ज़रूरी है:

  • हलाल सर्टिफिकेट- संबंधित हलाल उसूलों के मुताबिक प्रोडक्ट या प्रक्रिया की जाँच से जुड़ा होता है।
  • FSSAI लाइसेंस- भारत में खाद्य कारोबार के लिए लागू खाद्य सुरक्षा और मानकों से जुड़ा होता है।

दोनों का मकसद अलग है। हलाल सर्टिफिकेट होने से खाद्य सुरक्षा के लागू सरकारी नियमों से छूट नहीं मिलती। इसी तरह FSSAI लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं कि प्रोडक्ट के पास हलाल सर्टिफिकेट भी है।

भारत से कुछ खास मीट और मीट प्रोडक्ट्स के निर्यात के लिए अलग सरकारी शर्तें लागू हैं। DGFT की 2023 की अधिसूचना और उसके बाद जारी सरकारी नोटिस में संबंधित निर्यात के लिए i-CAS (Halal) स्कीम का ज़िक्र किया गया है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में हर प्रोडक्ट के लिए हलाल सर्टिफिकेट ज़रूरी है।

किन चीज़ों पर हलाल सर्टिफिकेट होता है?

हलाल सर्टिफिकेशन अलग-अलग प्रोडक्ट और प्रक्रियाओं के लिए हो सकता है।

खाने-पीने की चीज़ें- गोश्त, चिकन, बिस्कुट, चॉकलेट, मिठाई और सॉस जैसी चीज़ें।

कॉस्मेटिक्स- क्रीम, लिपस्टिक और स्किन केयर की कुछ चीज़ें, जिनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जाँच की जा सकती है।

दवाएँ और सप्लीमेंट्स- कुछ दवाओं या सप्लीमेंट्स में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उन्हें तैयार करने के तरीके की जाँच हो सकती है।

रेस्टोरेंट और फूड कारोबार- कुछ सर्टिफिकेशन संस्थाएँ रेस्टोरेंट, किचन या खाने की सप्लाई से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जाँच करती हैं।

यह ज़रूरी नहीं कि इन सभी चीज़ों पर हलाल सर्टिफिकेट होना ही चाहिए। इसकी ज़रूरत प्रोडक्ट, कारोबार, ग्राहक की पसंद और लागू नियमों पर निर्भर करती है।

हलाल सर्टिफिकेट और FSSAI में फर्क

हलाल सर्टिफिकेट और FSSAI लाइसेंस एक ही चीज़ नहीं हैं।

हलाल सर्टिफिकेट संबंधित हलाल शर्तों के मुताबिक जाँच से जुड़ा है। दूसरी तरफ़ FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा और खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था है।

इसलिए किसी पैक्ड फूड पर FSSAI का निशान होने का मतलब यह नहीं कि उसके पास हलाल सर्टिफिकेट भी है। इसी तरह हलाल सर्टिफिकेट होने से FSSAI के लागू नियमों का पालन करने की ज़िम्मेदारी खत्म नहीं होती।

हलाल सर्टिफिकेट की जाँच कैसे करें?

अगर किसी प्रोडक्ट पर हलाल का निशान या सर्टिफिकेट दिया गया है, तो इन बातों पर ध्यान दें:

  • सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्था का नाम देखें।
  • जाँचें कि सर्टिफिकेट किस प्रोडक्ट या कंपनी के लिए जारी हुआ है।
  • सर्टिफिकेट की वैधता की मुद्दत देखें।
  • प्रोडक्ट का नाम और दूसरी जानकारी सर्टिफिकेट से मिलाएँ।
  • ज़रूरत पड़ने पर संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या रिकॉर्ड से तस्दीक करें।

सिर्फ़ पैकेट पर हलाल का लोगो देखकर हर जानकारी की तस्दीक नहीं हो जाती। अगर कोई शक हो, तो संबंधित संस्था से जानकारी हासिल करना बेहतर है।

हलाल सर्टिफिकेट से जुड़ी 5 गलतफहमियाँ

गलतफहमी 1- हर हलाल चीज़ पर सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है।

ऐसा ज़रूरी नहीं है। किसी चीज़ का इस्लामी हुक्म और उसका सर्टिफिकेट होना दो अलग बातें हैं।

गलतफहमी 2- हलाल सर्टिफिकेट का मतलब है कि प्रोडक्ट सेहत के लिए ज़्यादा अच्छा है।

हलाल सर्टिफिकेट का बुनियादी ताल्लुक़ इस्लामी हलाल शर्तों से है। इसे अपने आप में बेहतर सेहत या ज़्यादा पौष्टिक होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

गलतफहमी 3- FSSAI लाइसेंस और हलाल सर्टिफिकेट एक ही हैं।

नहीं। दोनों का मकसद और दायरा अलग है।

गलतफहमी 4- हर हलाल सर्टिफिकेट पूरी दुनिया में मंज़ूर होता है।

ऐसा नहीं है। किसी दूसरे देश में सर्टिफिकेट की मंज़ूरी वहाँ के नियमों और मान्यता की शर्तों पर निर्भर कर सकती है।

गलतफहमी 5- हलाल सर्टिफिकेट सिर्फ़ गोश्त के लिए होता है।

हलाल सर्टिफिकेशन कुछ दूसरे खाने-पीने के प्रोडक्ट्स, कॉस्मेटिक्स और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए भी हो सकता है।

क़ुरआन और हदीस में हलाल का हुक्म

इस्लाम में हलाल और पाकीज़ा रोज़ी की अहमियत क़ुरआन और हदीस में बयान हुई है।

क़ुरआन की आयत

सूरह अल-बक़रह, आयत 168 में अल्लाह सुब्हानवा तआला ने लोगों को ज़मीन की हलाल और पाकीज़ा चीज़ों में से खाने की हिदायत दी है।

हवाला- सूरह अल-बक़रह 2:168।

इस आयत से हलाल और पाकीज़ा खाने की अहमियत समझ आती है। लेकिन इसमें आज के दौर के हलाल सर्टिफिकेट या किसी खास सर्टिफिकेशन संस्था का ज़िक्र नहीं है।

हदीस

सहीह मुस्लिम की हदीस 1015 में रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने बताया कि अल्लाह पाक है और पाक चीज़ ही क़ुबूल फ़रमाता है। इस हदीस में हलाल रोज़ी और खाने की अहमियत के बारे में भी तालीम मिलती है।

हवाला- सहीह मुस्लिम, हदीस 1015।

हलाल सर्टिफिकेट आज के दौर में प्रोडक्ट और कारोबार की जाँच का एक तरीका है। इसे क़ुरआन या हदीस में बताए गए किसी खास सर्टिफिकेट के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।

आख़िरी बात

हलाल सर्टिफिकेट एक ऐसा दस्तावेज़ है जो किसी खास प्रोडक्ट, सामान या प्रक्रिया की संबंधित हलाल शर्तों के मुताबिक जाँच की तस्दीक करता है।

मुस्लिम ग्राहकों के लिए यह प्रोडक्ट के बारे में जानकारी हासिल करने का एक ज़रिया हो सकता है। लेकिन सर्टिफिकेट का दायरा, जारी करने वाली संस्था और उसकी वैधता को समझना भी ज़रूरी है।

किसी चीज़ के हलाल या हराम होने का इस्लामी हुक्म और उसके पास सर्टिफिकेट होना एक ही बात नहीं है। सही जानकारी के लिए प्रोडक्ट की सामग्री, भरोसेमंद इस्लामी रहनुमाई और संबंधित सर्टिफिकेशन की जानकारी को साथ में देखना बेहतर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. हलाल सर्टिफिकेट का मतलब क्या है?

हलाल सर्टिफिकेट ऐसा दस्तावेज़ है जो बताता है कि किसी खास प्रोडक्ट या प्रक्रिया को संबंधित हलाल स्टैंडर्ड के मुताबिक जाँचा गया है।

2. हलाल सर्टिफिकेट कौन जारी करता है?

यह आम तौर पर हलाल सर्टिफिकेशन संस्था जारी करती है। उसकी शर्तें और मान्यता देश, प्रोडक्ट और लागू नियमों के मुताबिक अलग हो सकती हैं।

3. क्या भारत में हलाल सर्टिफिकेट ज़रूरी है?

हर प्रोडक्ट के लिए हलाल सर्टिफिकेट ज़रूरी नहीं है। कुछ खास मीट और मीट प्रोडक्ट्स के निर्यात के लिए सरकारी शर्तें लागू हैं। किसी खास कारोबार पर लागू नियमों की जानकारी आधिकारिक सरकारी नोटिस से लेनी चाहिए।

4. क्या FSSAI लाइसेंस और हलाल सर्टिफिकेट एक ही हैं?

नहीं। FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा और खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों से संबंधित है, जबकि हलाल सर्टिफिकेट संबंधित हलाल शर्तों के मुताबिक जाँच से जुड़ा है।

5. क्या हलाल का लोगो देखकर प्रोडक्ट पर भरोसा किया जा सकता है?

लोगो शुरुआती जानकारी दे सकता है, लेकिन जारी करने वाली संस्था, सर्टिफिकेट की वैधता और उसमें शामिल प्रोडक्ट की तस्दीक करना बेहतर है।

हवाले और रेफरेंस – 
  1. क़ुरआन – सूरह अल-बक़रह, आयत 168 — हलाल और पाकीज़ा चीज़ें खाने की हिदायत।
  2. सहीह मुस्लिम- हदीस 1015 — अल्लाह पाक है और पाक चीज़ ही क़ुबूल फ़रमाता है।
  3. भारत सरकार, DGFT- 6 अप्रैल 2023 की अधिसूचना — कुछ मीट और मीट प्रोडक्ट्स के निर्यात से जुड़ी हलाल सर्टिफिकेशन शर्तें।
  4. APEDA- i-CAS (Halal) स्कीम से जुड़ा सरकारी नोटिस।
  5. USDA GAIN Report- भारत में हलाल सर्टिफिकेशन और फूड कारोबार से संबंधित रिपोर्ट।

आधिकारिक जानकारी के लिए:

नोट: यह लेख आम जानकारी के लिए है। किसी खास प्रोडक्ट के हलाल या हराम होने के बारे में फ़ैसला करने के लिए उसकी सामग्री और भरोसेमंद इस्लामी रहनुमाई की जाँच करें। कानूनी या निर्यात संबंधी मामलों में लागू सरकारी नियम देखें।

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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