खाना खाने के बाद की दुआ क्या है?
इस्लाम में खाना खाने के बाद अल्लाह तआला का शुक्र अदा करना एक अहम अमल है। अल्लाह ने हमें खाने-पीने की नेमत अता फ़रमाई है, इसलिए खाना खाने के बाद उसकी हम्द और तारीफ़ करना चाहिए।
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने खाना खाने के बाद पढ़ने के लिए एक ख़ास दुआ सिखाई है। इस दुआ में बंदा अल्लाह सुब्हानवा तआला का शुक्र अदा करता है कि उसने उसे खाना दिया और अपनी तरफ़ से रिज़्क़ अता फ़रमाया।
खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़ें-
खाना खाने के बाद की दुआ (अरबी में)
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ
खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी में
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमनी हाज़ा व रज़क़नीहि मिन ग़ैरि हौलिम मिन्नी व ला क़ुव्वह।
खाना खाने के बाद की दुआ Hinglish में
Alhamdu lillahil-ladhi at’amani hadha wa razaqanihi min ghayri hawlin minni wa la quwwah.
खाना खाने के बाद की दुआ का हिंदी मतलब
तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जिसने मुझे यह खाना खिलाया और मेरी अपनी किसी ताक़त और क़ुव्वत के बग़ैर मुझे यह रिज़्क़ अता फ़रमाया।
Dua After Eating Meaning in English
All praise is due to Allah, who has fed me this food and provided it for me without any might or power on my part.
खाना खाने के बाद की दुआ का हदीस में हवाला
हज़रत सहल बिन मुआज़ बिन अनस रहमतुल्लाह के वालिद से रिवायत है कि रसूलुल्लाह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया –
जो शख़्स खाना खाने के बाद यह कहे कि तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जिसने मुझे यह खाना खिलाया और मेरी किसी ताक़त और क़ुव्वत के बग़ैर मुझे यह रिज़्क़ अता फ़रमाया, तो उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
हवाला – जामे तिर्मिज़ी, हदीस 3458। इमाम तिर्मिज़ी ने इस रिवायत को हसन ग़रीब कहा है। दारुस्सलाम की तहक़ीक़ में भी इसे हसन दर्जा दिया गया है।
खाना खाने के बाद की दुआ की फ़ज़ीलत
खाना खाने के बाद दुआ पढ़ने के कई अहम फ़ायदे हैं –
1. अल्लाह का शुक्र अदा करना
खाना अल्लाह सुब्हानवा तआला की तरफ़ से एक बड़ी नेमत है। इस दुआ के ज़रिए बंदा अल्लाह का शुक्र अदा करता है और मानता है कि रिज़्क़ उसी की तरफ़ से मिलता है।
2. गुनाहों की माफ़ी की उम्मीद
जामे तिर्मिज़ी की हदीस 3458 में इस दुआ को पढ़ने पर पिछले गुनाहों की माफ़ी की बशारत दी गई है। इसलिए इसे समझकर और यक़ीन के साथ पढ़ना चाहिए।
3. अल्लाह की नेमतों का एहसास
इस दुआ में बंदा मानता है कि खाना और रिज़्क़ सिर्फ़ उसकी अपनी मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि अल्लाह की अता और रहमत भी है।
4. रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़िक्र
खाना हर दिन की ज़रूरत है। खाने के बाद दुआ पढ़ने से रोज़मर्रा के एक मामूली काम को भी अल्लाह की याद और शुक्र के साथ पूरा किया जा सकता है।
खाना खाने के बाद अल्लाह का शुक्र अदा करने का दूसरा तरीक़ा
खाना खाने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना भी अल्लाह का शुक्र अदा करने का एक अच्छा तरीक़ा है।
सहीह मुस्लिम की हदीस 2734 में बयान हुआ है कि अल्लाह अपने उस बंदे से राज़ी होता है जो खाना खाने के बाद उसकी हम्द करता है और पानी पीने के बाद उसकी हम्द करता है।
इसलिए खाना खाने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना भी एक अहम अमल है।
कुरआन में खाने के बाद की दुआ का ज़िक्र
कुरआन मजीद में खाना खाने के बाद पढ़ने के लिए कोई ख़ास दुआ इसी लफ़्ज़ के साथ मुक़र्रर नहीं की गई है। लेकिन कुरआन में अल्लाह सुब्हानवा तआला ने खाने-पीने की नेमतों पर उसका शुक्र अदा करने का हुक्म दिया है।
कुरआन की आयत –
सूरह अल-बक़रा, आयत 172 में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐ ईमान वालो! उन पाकीज़ा चीज़ों में से खाओ जो हमने तुम्हें अता की हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करो, अगर तुम उसी की इबादत करते हो।
हवाला – सूरह अल-बक़रा 2:172।
इस आयत से मालूम होता है कि खाने-पीने की नेमतों पर अल्लाह का शुक्र अदा करना एक अहम इस्लामी तालीम है।
खाना खाने के बाद दुआ पढ़ने का सही तरीक़ा
- खाना खाने के बाद अल्लाह तआला की हम्द और तारीफ़ करें।
- ऊपर दी गई दुआ अरबी में पढ़ें या सही तलफ़्फ़ुज़ के साथ याद करके पढ़ें।
- दुआ का मतलब समझें और अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करें।
- अगर पूरी दुआ याद न हो तो अल्हम्दुलिल्लाह कहकर भी अल्लाह का शुक्र अदा कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. खाना खाने के बाद कौन-सी दुआ पढ़नी चाहिए?
खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़ें-
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ
इसे पढ़ने से बंदा अल्लाह सुब्हानवा तआला का शुक्र अदा करता है।
2. खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी में कैसे पढ़ें?
खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी में इस तरह पढ़ सकते हैं –
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमनी हाज़ा व रज़क़नीहि मिन ग़ैरि हौलिम मिन्नी व ला क़ुव्वह।
3. खाना खाने के बाद की दुआ पढ़ने से क्या फ़ायदा होता है?
जामे तिर्मिज़ी की हदीस 3458 के मुताबिक़, जो शख़्स यह दुआ पढ़ता है उसके पिछले गुनाहों की माफ़ी की बशारत दी गई है। यह दुआ अल्लाह का शुक्र अदा करने का भी एक तरीक़ा है।
4. क्या खाना खाने के बाद सिर्फ़ अल्हम्दुलिल्लाह कह सकते हैं?
जी हाँ, खाना खाने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना भी अल्लाह का शुक्र अदा करने का एक अच्छा अमल है। सहीह मुस्लिम की हदीस 2734 में खाना खाने के बाद अल्लाह की हम्द करने की फ़ज़ीलत बयान हुई है।
5. क्या खाना खाने के बाद की दुआ कुरआन में मौजूद है?
नहीं, खाना खाने के बाद की यह ख़ास दुआ कुरआन की आयत नहीं है। यह हदीस में बयान की गई दुआ है। कुरआन में अल्लाह की नेमतों पर शुक्र अदा करने की तालीम दी गई है, जैसे सूरह अल-बक़रा 2:172।
नतीजा
खाना खाने के बाद की दुआ एक छोटी-सी मगर अहम दुआ है, जिसके ज़रिए हम अल्लाह सुब्हानवा तआला का शुक्र अदा करते हैं। यह हमें याद दिलाती है कि हमारा रिज़्क़ अल्लाह की तरफ़ से है और हमें हर नेमत पर उसका शुक्र अदा करना चाहिए।
अल्लाह तआला हमें अपनी नेमतों की क़द्र करने, हर हाल में उसका शुक्र अदा करने और सुन्नत के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
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