मय्यत के लिए दुआ (mayyat ke liye dua)
मय्यत के लिए दुआ क्या है?
इस्लाम में किसी मुसलमान के इंतिकाल के बाद उसके लिए अल्लाह सुब्हानवा तआला से मग़फिरत, रहमत और कब्र में आसानी की दुआ करना एक नेक अमल है। मय्यत के लिए दुआ जनाज़े की नमाज़ में भी की जाती है और दफ़न के बाद भी मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत की जा सकती है।
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए मग़फिरत और रहमत की दुआ की तालीम दी है। सहीह मुस्लिम की हदीस में इसकी तफसील मिलती है।
इस लेख में मय्यत के लिए पढ़ी जाने वाली दुआएँ अरबी, हिंदी लिपि और Hinglish में दी गई हैं, ताकि इन्हें पढ़ना और याद करना आसान हो।
1. जनाज़े की नमाज़ में पढ़ी जाने वाली दुआ
यह दुआ जनाज़े की नमाज़ में पढ़ी जाती है। इसमें ज़िंदा और इंतिकाल कर चुके सभी लोगों, मर्दों और औरतों के लिए मग़फिरत की दुआ की जाती है।
अरबी दुआ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِحَيِّنَا وَمَيِّتِنَا وَشَاهِدِنَا وَغَائِبِنَا وَصَغِيرِنَا وَكَبِيرِنَا وَذَكَرِنَا وَأُنْثَانَا
اللَّهُمَّ مَنْ أَحْيَيْتَهُ مِنَّا فَأَحْيِهِ عَلَى الْإِسْلَامِ وَمَنْ تَوَفَّيْتَهُ مِنَّا فَتَوَفَّهُ عَلَى الْإِيمَانِ
हिंदी में पढ़ें
अल्लाहुम्मग़फ़िर लिहय्यिना व मय्यितिना, व शाहिदिना व ग़ाइबिना, व सग़ीरिना व कबीरिना, व ज़करिना व उन्साना।
अल्लाहुम्मा मन अह्यैतहू मिन्ना फ़अह्यिही अलल इस्लाम, व मन तवफ़्फ़ैतहू मिन्ना फ़तवफ़्फ़हू अलल ईमान।
Hinglish
Allahummaghfir lihayyina wa mayyitina, wa shahidina wa ghaibina, wa saghirina wa kabirina, wa dhakarina wa unthana.
Allahumma man ahyaytahu minna fa-ahyihi ‘alal-Islam, wa man tawaffaytahu minna fatawaffahu ‘alal-Iman.
हिंदी मतलब
ऐ अल्लाह! हमारे ज़िंदा और फ़ौत हो चुके लोगों, यहाँ मौजूद और ग़ैर-मौजूद लोगों, छोटे और बड़े लोगों, मर्दों और औरतों की मग़फ़िरत फ़रमा।
ऐ अल्लाह! हममें से जिसे तू ज़िंदा रखे, उसे इस्लाम पर ज़िंदा रख और जिसे वफ़ात दे, उसे ईमान पर वफ़ात दे।
English Meaning
O Allah, forgive those of us who are alive and those who have died, those who are present and those who are absent, our young and our old, and our males and females.
हदीस का हवाला: सुनन अबू दाऊद, हदीस 3201। यह जनाज़े की नमाज़ की दुआ का हिस्सा है। https://sunnah.com/abudawud:3201
2. मय्यत के लिए सबसे अहम दुआ
यह दुआ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से जनाज़े की नमाज़ में साबित है। इसमें मरहूम के लिए मग़फिरत, रहमत, आफ़ियत और माफ़ी माँगी जाती है।
अरबी दुआ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ
हिंदी में पढ़ें
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहमहू, वआफ़िही वअफ़ु अन्हु।
Hinglish
Allahummaghfir lahu warhamhu, wa ‘afihi wa’fu anhu.
हिंदी मतलब
ऐ अल्लाह! उसे माफ़ फ़रमा, उस पर रहम फ़रमा, उसे आफ़ियत अता फ़रमा और उससे दरगुज़र फ़रमा।
English Meaning
O Allah, forgive him, have mercy on him, grant him well-being, and pardon him.
हदीस का हवाला – सहीह मुस्लिम, हदीस 963a। इस हदीस में औफ़ बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम को जनाज़े की नमाज़ में यह दुआ करते हुए सुना था।
3. मरहूम के लिए पूरी दुआ
यह जनाज़े की नमाज़ में पढ़ी गई एक तफसीली दुआ है। इसमें मरहूम के लिए गुनाहों से पाक होने, बेहतर ठिकाना पाने, जन्नत में दाखिल होने और अज़ाब से हिफ़ाज़त की इल्तिजा की जाती है।
अरबी दुआ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ، وَأَكْرِمْ نُزُلَهُ، وَوَسِّعْ مُدْخَلَهُ، وَاغْسِلْهُ بِالْمَاءِ وَالثَّلْجِ وَالْبَرَدِ، وَنَقِّهِ مِنَ الْخَطَايَا كَمَا نَقَّيْتَ الثَّوْبَ الْأَبْيَضَ مِنَ الدَّنَسِ، وَأَبْدِلْهُ دَارًا خَيْرًا مِنْ دَارِهِ، وَأَهْلًا خَيْرًا مِنْ أَهْلِهِ، وَزَوْجًا خَيْرًا مِنْ زَوْجِهِ، وَأَدْخِلْهُ الْجَنَّةَ، وَأَعِذْهُ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ
हिंदी में पढ़ें
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहमहू वआफ़िही वअफ़ु अन्हु, वअकरिम नुज़ुलहू, ववस्सिअ मुदख़लहू, वग़सिल्हु बिल-माइ वस्सल्जि वल-बरद, वनक्किहि मिनल-ख़ताया कमा नक्क़ैतस्सौबल-अबयदा मिनद-दनस, वअबदिल्हु दारन ख़ैरन मिन दारिही, व अहलन ख़ैरन मिन अहलिही, व ज़ौजन ख़ैरन मिन ज़ौजिही, व अदख़िल्हुल-जन्नता, व अइज़्हु मिन अज़ाबिल-क़ब्र।
Hinglish
Allahummaghfir lahu warhamhu wa ‘afihi wa’fu anhu, wa akrim nuzulahu, wa wassi’ mudkhalahu, waghsilhu bil-ma’i wath-thalji wal-barad, wa naqqihi minal-khataya kama naqqaytath-thawbal-abyada minad-danas, wa abdilhu daran khayran min darihi, wa ahlan khayran min ahlihi, wa zawjan khayran min zawjihi, wa adkhilhul-jannata, wa a’idhhu min ‘adhabil-qabr.
हिंदी मतलब
ऐ अल्लाह! उसे माफ़ फ़रमा, उस पर रहम फ़रमा, उसे आफ़ियत दे और उससे दरगुज़र फ़रमा। उसकी मेहमाननवाज़ी इज़्ज़त वाली बना और उसकी क़ब्र में उसके दाख़िल होने की जगह कुशादा फ़रमा। उसे पानी, बर्फ़ और ओलों से धो और उसके गुनाहों को ऐसे पाक कर दे जैसे सफ़ेद कपड़े को मैल से पाक किया जाता है। उसे उसके मौजूदा घर से बेहतर घर, उसके मौजूदा घरवालों से बेहतर घरवाले और बेहतर जीवनसाथी अता फ़रमा। उसे जन्नत में दाखिल फ़रमा और क़ब्र के अज़ाब से बचा।
English Meaning
O Allah, forgive him, have mercy on him, grant him well-being and pardon him. Honour his reception and make his entry spacious. Wash him with water, snow and hail, and cleanse him of sins as a white garment is cleansed of dirt. Grant him a better home, better family and a better spouse, admit him to Paradise, and protect him from the punishment of the grave.
हदीस का हवाला – सहीह मुस्लिम 963a–b।
नोट: ऊपर दुआ का आम मर्दाना रूप दिया गया है। औरत के लिए अरबी में “लहू” की जगह “लहा”, “वरहमहू” की जगह “वरहमहा” पढ़ें।
4. तमाम मुसलमानों की मग़फिरत की दुआ
यह कुरआन की आयत का हिस्सा है। इसमें अपने लिए और उन ईमान वालों के लिए मग़फिरत माँगी जाती है जो हमसे पहले गुज़र चुके हैं।
अरबी दुआ
رَبَّنَا اغْفِرْ لَنَا وَلِإِخْوَانِنَا الَّذِينَ سَبَقُونَا بِالْإِيمَانِ
हिंदी में पढ़ें
रब्बनग़फ़िर लना वलि-इख़वानिनल्लज़ीना सबक़ूना बिल-ईमान।
Hinglish
Rabbana-ghfir lana wa li-ikhwaninalladhina sabaquna bil-iman.
हिंदी मतलब
ऐ हमारे रब! हमें और हमारे उन भाइयों को माफ़ फ़रमा जो ईमान में हमसे पहले गुज़र चुके हैं।
English Meaning
Our Lord, forgive us and our fellow believers who preceded us in faith.
कुरआन का हवाला- सूरह अल-हश्र, 59:10। पूरी आयत में अल्लाह से ईमान वालों के लिए मग़फिरत और दिलों को बुग़्ज़ से पाक रखने की दुआ सिखाई गई है।
5. दफ़न के बाद मय्यत के लिए दुआ
मय्यत को दफ़न करने के बाद मरहूम के लिए मग़फिरत और सवालों के समय साबितक़दमी की दुआ करनी चाहिए।
अरबी दुआ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ، اللَّهُمَّ ثَبِّتْهُ
हिंदी में पढ़ें
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू, अल्लाहुम्म सब्बित्हु।
Hinglish
Allahummaghfir lahu, Allahumma thabbithu.
हिंदी मतलब
ऐ अल्लाह! उसे माफ़ फ़रमा। ऐ अल्लाह! उसे साबितक़दम रख।
English Meaning
O Allah, forgive him. O Allah, make him firm.
हदीस का हवाला- सुनन अबू दाऊद 3221। हज़रत उस्मान बिन अफ़्फ़ान रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम दफ़न से फ़ारिग़ होने के बाद क़ब्र के पास ठहरते और सहाबा से मरहूम के लिए मग़फिरत व साबितक़दमी की दुआ करने को कहते थे।
6. इंतिकाल की ख़बर मिलने पर क्या पढ़ें?
जब किसी के इंतिकाल की ख़बर मिले, तो कुरआन में सिखाए गए ये अल्फ़ाज़ पढ़ें।
अरबी
إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
हिंदी में पढ़ें
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
Hinglish
Inna lillahi wa inna ilayhi raji’un.
हिंदी मतलब
बेशक हम अल्लाह ही के हैं और हमें उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।
English Meaning
Indeed, we belong to Allah, and indeed, to Him we will return.
कुरआन का हवाला- सूरह अल-बक़रा, 2:156।
यह आयत किसी मुसीबत की ख़बर मिलने पर पढ़ी जाती है। इसके बाद मरहूम के लिए मग़फिरत और घरवालों के लिए सब्र की दुआ भी की जा सकती है।
मय्यत के लिए दुआ की फ़ज़ीलत
1. मग़फिरत की दुआ करना सुन्नत है
सहीह मुस्लिम 963 में रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से मय्यत के लिए मग़फिरत, रहमत और क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त की दुआ साबित है। इससे मालूम होता है कि जनाज़े में मरहूम के लिए दुआ करना अहम अमल है।
2. दफ़न के बाद भी दुआ करें
सुनन अबू दाऊद 3221 में दफ़न के बाद मरहूम के लिए मग़फिरत और साबितक़दमी माँगने की हिदायत मिलती है।
3. पहले गुज़र चुके ईमान वालों को याद रखें
सूरह अल-हश्र, 59:10 में पहले गुज़र चुके ईमान वालों के लिए मग़फिरत माँगने की दुआ सिखाई गई है। इससे पता चलता है कि मरहूम मुसलमानों के लिए दुआ करना कुरआन की तालीम का हिस्सा है।
4. दुआ में इख़लास और उम्मीद रखें
दुआ करते समय अल्लाह से रहमत और मग़फिरत की उम्मीद रखें। किसी खास संख्या में दुआ पढ़ने या किसी निश्चित नतीजे की गारंटी का दावा तभी करना चाहिए जब उसकी सही दलील मौजूद हो।
मय्यत के लिए दुआ कैसे करें?
- जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए मग़फिरत की दुआ करें।
- दफ़न के बाद मरहूम के लिए मग़फिरत और साबितक़दमी माँगें।
- मरहूम के लिए कुरआन में आई दुआ पढ़ें।
- अल्लाह से रहमत, माफ़ी और जन्नत की दुआ करें।
- दुआ करते समय किसी तयशुदा संख्या को ज़रूरी न समझें, जब तक उसके लिए सही दलील न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs
1. मय्यत के लिए सबसे अच्छी दुआ कौन-सी है?
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित दुआ “अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहमहू वआफ़िही वअफ़ु अन्हु” है। इसमें मरहूम के लिए मग़फिरत, रहमत, आफ़ियत और माफ़ी माँगी जाती है। इसका हवाला सहीह मुस्लिम 963 में मिलता है।
2. मरहूम औरत के लिए दुआ कैसे पढ़ें?
औरत के लिए अरबी दुआ में मर्दाना शब्दों को बदलें। उदाहरण के लिए, “अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहमहू” की जगह “अल्लाहुम्मग़फ़िर लहा वरहमहा” पढ़ें।
3. क्या मय्यत के लिए घर पर दुआ कर सकते हैं?
जी हाँ, आप घर पर या किसी भी मुनासिब जगह मरहूम के लिए अल्लाह से मग़फिरत और रहमत की दुआ कर सकते हैं। जनाज़े की नमाज़ और दफ़न के बाद दुआ के भी अलग-अलग सुन्नत हवाले मौजूद हैं।
4. दफ़न के बाद कौन-सी दुआ पढ़नी चाहिए?
मरहूम के लिए “अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू, अल्लाहुम्म सब्बित्हु” पढ़ सकते हैं, जिसका मतलब है: ऐ अल्लाह! उसे माफ़ फ़रमा और उसे साबितक़दम रख। दफ़न के बाद मग़फिरत और साबितक़दमी की दुआ की हिदायत सुनन अबू दाऊद 3221 में है।
5. क्या मय्यत के लिए दुआ हिंदी में कर सकते हैं?
जनाज़े की नमाज़ के तय अरबी अज़कार अपनी जगह हैं। नमाज़ के बाहर आप अल्लाह से अपनी जबान में भी मरहूम के लिए मग़फिरत, रहमत और जन्नत की दुआ कर सकते हैं। अरबी में साबित दुआएँ सीखना बेहतर है।
नतीजा
मय्यत के लिए दुआ करना मरहूम के लिए मोहब्बत और इस्लामी भाईचारे का अहम हिस्सा है। कुरआन और सहीह हदीस में मरहूम के लिए मग़फिरत, रहमत और साबितक़दमी माँगने की तालीम मिलती है। इन दुआओं को सही अरबी अल्फ़ाज़ के साथ सीखें और अल्लाह सुब्हानवा तआला से मरहूम के लिए रहमत व मग़फिरत की दुआ करें।
अल्लाह सुब्हानवा तआला तमाम मरहूम मुसलमानों की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी क़ब्रों को सुकून का ठिकाना बनाए और हमें नेक अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
हवाले –
- सहीह मुस्लिम 963a–b: जनाज़े की नमाज़ में मरहूम के लिए दुआ।
https://sunnah.com/muslim:963a - सुनन अबू दाऊद 3221: दफ़न के बाद मग़फिरत और साबितक़दमी की दुआ।
https://sunnah.com/abudawud/21/133 - कुरआन, सूरह अल-हश्र 59:10: पहले गुज़र चुके ईमान वालों के लिए मग़फिरत की दुआ।
https://quran.com/59/10 - कुरआन, सूरह अल-बक़रा 2:156: मुसीबत के समय पढ़े जाने वाले अल्फ़ाज़।
https://quran.com/2/156
नोट: हिंदी और Hinglish में लिखे तलफ़्फ़ुज़ अरबी पढ़ने में मदद के लिए हैं; अलग-अलग लोगों के तलफ़्फ़ुज़ में मामूली फ़र्क़ हो सकता है। मज़हबी अमल में अरबी और मूल हवाले को तरहीज दें।
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