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नमाज़ में क्या लगाकर जाना जायज़ है? 11 चीज़ों का इस्लामी हुक्म

नमाज़ में क्या लगाकर जाना जायज़ है?

नमाज़ हर मुसलमान के लिए दीन का एक अहम फ़र्ज़ है। नमाज़ अदा करने से पहले जिस्म, कपड़े और नमाज़ की जगह का पाक होना ज़रूरी है। इसी वजह से बहुत से लोगों के दिल में सवाल आता है कि क्या इत्र, अत्तर, हेयर ऑयल, हेयर जेल, टेलकम पाउडर, लिप बाम, लिपस्टिक और नेल पॉलिश लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं?

कुछ चीज़ें इस्तेमाल करने से वुज़ू पर कोई असर नहीं पड़ता, जबकि कुछ चीज़ें पानी को जिस्म तक पहुँचने से रोक सकती हैं। कुछ चीज़ों के बारे में पाकी और नापाकी का मसला भी होता है।

इस आर्टिकल में हम इन आम इस्तेमाल की चीज़ों का हुक्म क़ुरआन, हदीस और फ़िक़्ह की रौशनी में समझेंगे।

नमाज़ के 3 ज़रूरी उसूल

नमाज़ में किसी चीज़ के इस्तेमाल का हुक्म समझने के लिए तीन बातें याद रखें।

1. पाकी – जिस्म और कपड़े पर कोई ऐसी नापाक चीज़ न लगी हो जो नमाज़ के लिए माफ़ न हो।
2. वुज़ू – वुज़ू के दौरान जिन हिस्सों को धोना फ़र्ज़ है, वहाँ पानी पहुँचना ज़रूरी है। कोई ऐसी परत नहीं होनी चाहिए जो पानी को रोक दे।
3. लिबास और पर्दा – नमाज़ में जिस्म का ज़रूरी हिस्सा ढका होना चाहिए और कपड़े पाक होने चाहिए।

अल्लाह सुब्हानवताला फरमाते है कि जब तुम नमाज़ के लिए उठो तो अपने चेहरे और हाथों को कोहनियों तक धोओ और अपने सिर का मसह करो और अपने पाँव टखनों तक धोओ। (सूरह अल-माइदा 5:6)

इस आयत से वुज़ू में पानी पहुँचाने की अहमियत मालूम होती है।

नमाज़ में क्या लगाकर जाना जायज़ है? 11 चीज़ों का हुक्म

1. इत्र और अत्तर

इत्र और अत्तर लगाकर नमाज़ पढ़ना आम तौर पर जायज़ है, बशर्ते उसमें कोई साबित नापाक चीज़ न हो।

इत्र की ख़ुशबू नमाज़ को ख़राब नहीं करती। शराब या अल्कोहल वाले परफ्यूम के बारे में उलमा के दरमियान इख़्तिलाफ़ है। कई उलमा आधुनिक परफ्यूम में इस्तेमाल होने वाले अल्कोहल को पाक मानते हैं, जबकि कुछ उलमा एहतियात की सलाह देते हैं।

इसलिए हर अल्कोहल वाले परफ्यूम को एक ही हुक्म देना सही नहीं है।

2. हेयर ऑयल और बालों का तेल

बालों में तेल लगाकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है। नारियल का तेल, बादाम का तेल और दूसरे आम हेयर ऑयल अपने आप में वुज़ू को नहीं तोड़ते।

अगर तेल वुज़ू के बाद लगाया गया है तो नमाज़ पढ़ सकते हैं। अगर तेल वुज़ू से पहले लगाया गया है, तो आम तौर पर तेल की चिकनाई पानी को रोकने वाली परत नहीं बनाती। लेकिन अगर कोई ऐसी मोटी परत हो जो पानी को बालों या धोने वाले हिस्से तक पहुँचने से रोकती हो, तो उसे हटाना ज़रूरी होगा।

3. हेयर जेल

हेयर जेल लगाकर नमाज़ पढ़ने का हुक्म उसके इस्तेमाल और बनावट पर निर्भर करता है।

अगर जेल सिर्फ़ बालों पर है और वुज़ू में सिर का मसह करने में रुकावट नहीं बनती, तो नमाज़ पढ़ने में आम तौर पर कोई परेशानी नहीं है।

लेकिन अगर जेल में ऐसी सख़्त या मोटी परत बन जाती है जो वुज़ू में पानी या मसह के ज़रूरी अमल में रुकावट पैदा करती है, तो उसे हटाना चाहिए।

4. टेलकम पाउडर

टेलकम पाउडर लगाकर नमाज़ पढ़ना आम तौर पर जायज़ है।

अगर पाउडर सिर्फ़ जिस्म पर लगा है और पानी को रोकने वाली परत नहीं बनाता, तो वुज़ू सही हो सकता है। लेकिन अगर पाउडर किसी ऐसी चीज़ के साथ मिलकर मोटी परत बना ले जो पानी को रोकती है, तो उसे हटाना ज़रूरी होगा।

सिर्फ़ पाउडर का सफ़ेद निशान होना वुज़ू के लिए रुकावट नहीं है।

5. लिप बाम

लिप बाम लगाकर नमाज़ पढ़ना आम तौर पर जायज़ है।

अगर लिप बाम वुज़ू के बाद लगाया गया है, तो उससे वुज़ू नहीं टूटता। अगर वुज़ू से पहले लगाया गया है, तो देखना होगा कि वह सिर्फ़ चिकनाई छोड़ता है या पानी को रोकने वाली परत बनाता है।

अगर वह ऐसी परत बनाता है जो वुज़ू में धोए जाने वाले हिस्से तक पानी पहुँचने से रोकती है, तो उसे हटाना चाहिए।

6. लिपस्टिक

लिपस्टिक के बारे में दो बातें समझना ज़रूरी है।

पहली बात, लिपस्टिक लगाने के बाद वुज़ू किया जाए तो अगर वह पानी को रोकने वाली परत बनाती है, तो उसे हटाना ज़रूरी है।

दूसरी बात, अगर सही वुज़ू करने के बाद लिपस्टिक लगाई जाए, तो सिर्फ़ लिपस्टिक लगाने से वुज़ू नहीं टूटता। लेकिन लिपस्टिक के पाक होने और उसके इस्तेमाल के दूसरे शरई मसाइल का भी ख़याल रखना चाहिए।

अगर लिपस्टिक में कोई साबित नापाक चीज़ हो, तो उसे साफ़ करना ज़रूरी होगा।

7. नेल पॉलिश

नेल पॉलिश का सबसे अहम मसला वुज़ू से जुड़ा है।

आम नेल पॉलिश नाख़ून पर एक परत बना देती है, जिससे पानी नाख़ून तक नहीं पहुँचता। इसलिए वुज़ू से पहले इसे हटाना ज़रूरी है।

अगर किसी ने सही वुज़ू करने के बाद नेल पॉलिश लगाई और फिर वुज़ू टूटने से पहले नमाज़ पढ़ी, तो सिर्फ़ नेल पॉलिश की वजह से नमाज़ नहीं टूटती, बशर्ते उसमें कोई नापाक चीज़ न हो।

‘वॉटरप्रूफ’ या ‘ब्रीदेबल’ नेल पॉलिश के बारे में सिर्फ़ कंपनी के दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पानी का नाख़ून तक पहुँचना और पूरे नाख़ून का धुलना ज़रूरी है।

8. फेस क्रीम और मॉइस्चराइज़र

फेस क्रीम और मॉइस्चराइज़र लगाकर नमाज़ पढ़ना आम तौर पर जायज़ है।

अगर क्रीम सिर्फ़ त्वचा में जज़्ब हो जाती है या चिकनाई छोड़ती है और पानी को नहीं रोकती, तो वुज़ू सही हो सकता है।

लेकिन अगर क्रीम की मोटी परत पानी को त्वचा तक पहुँचने से रोकती है, तो वुज़ू से पहले उसे हटाना ज़रूरी है।

9. मेकअप और फाउंडेशन

मेकअप और फाउंडेशन का हुक्म इस बात पर निर्भर करता है कि वह पानी को रोकता है या नहीं और उसमें कोई नापाक चीज़ तो नहीं है।

अगर मेकअप वुज़ू के बाद लगाया गया है, तो सिर्फ़ मेकअप लगाने से वुज़ू नहीं टूटता।

अगर वुज़ू से पहले लगाया गया है और वह पानी को रोकने वाली परत बनाता है, तो उसे हटाना ज़रूरी है।

मेकअप में मौजूद किसी नापाक चीज़ का इस्तेमाल और उसके साथ नमाज़ पढ़ने का हुक्म अलग मसला है।

10. काजल और आईलाइनर

काजल और आईलाइनर लगाकर नमाज़ पढ़ने का हुक्म उनके इस्तेमाल और पाकी पर निर्भर करता है।

अगर काजल या आईलाइनर वुज़ू के बाद लगाया गया है, तो आम तौर पर उससे वुज़ू नहीं टूटता।

अगर वुज़ू से पहले लगाया गया है, तो यह देखना ज़रूरी है कि वह वुज़ू में धोए जाने वाले हिस्से पर ऐसी परत तो नहीं बनाता जो पानी को रोकती हो।

अगर उसमें कोई नापाक चीज़ हो, तो उसे साफ़ करना चाहिए।

11. डियोडरेंट और बॉडी स्प्रे

डियोडरेंट और बॉडी स्प्रे लगाकर नमाज़ पढ़ना आम तौर पर जायज़ है, बशर्ते उनमें कोई साबित नापाक चीज़ न हो।

अल्कोहल वाले डियोडरेंट के बारे में उलमा के दरमियान इख़्तिलाफ़ पाया जाता है। कई उलमा आधुनिक परफ्यूम और डियोडरेंट में इस्तेमाल होने वाले अल्कोहल को पाक मानते हैं।

अगर आप किसी ख़ास फ़िक़्ही मसलक पर अमल करते हैं, तो उसी के भरोसेमंद आलिम से अपने प्रोडक्ट के बारे में पूछ सकते हैं।

अल्कोहल वाले परफ्यूम का हुक्म

अल्कोहल वाले परफ्यूम के बारे में सभी उलमा की राय एक जैसी नहीं है।

कुछ उलमा के नज़दीक आधुनिक परफ्यूम में इस्तेमाल होने वाला अल्कोहल पाक है और उसे लगाकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है। मिस्र के दारुल इफ़्ता ने भी अल्कोहल वाले परफ्यूम को इस्तेमाल करने और उसके साथ नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी है।

दूसरी तरफ़ कुछ उलमा इस मसले में एहतियात की सलाह देते हैं। इसलिए सिर्फ़ ‘अल्कोहल’ शब्द देखकर किसी परफ्यूम को हराम या नापाक कहना सही नहीं है।

हवाला– मिस्र का दारुल इफ़्ता, फ़तवा 5922; IslamQA.info, फ़तवा 164448।

मेकअप और वुज़ू का ताल्लुक़

वुज़ू में चेहरे, हाथों और पाँव के उन हिस्सों तक पानी पहुँचाना ज़रूरी है जिन्हें धोना फ़र्ज़ है।

इसलिए मेकअप या किसी भी कॉस्मेटिक के बारे में यह देखना ज़रूरी है कि वह पानी को रोकने वाली परत तो नहीं बनाता।

अगर किसी ने सही वुज़ू करने के बाद मेकअप लगाया, तो सिर्फ़ मेकअप लगाने से वुज़ू नहीं टूटता। लेकिन अगर मेकअप में नापाक चीज़ मौजूद है, तो नमाज़ के लिए पाकी का मसला अलग से देखा जाएगा।

नमाज़ से पहले क्या करें?

नमाज़ से पहले इन बातों का ख़याल रखें –

– वुज़ू में पानी को रोकने वाली नेल पॉलिश या दूसरी परत हटा दें।
– जिस्म और कपड़ों पर लगी साबित नापाक चीज़ साफ़ कर लें।
– इत्र, अत्तर और कॉस्मेटिक के बारे में पाकी का ख़याल रखें।
– नमाज़ के लिए ज़रूरी पर्दे और पाक कपड़ों का एहतिमाम करें।
– किसी ख़ास प्रोडक्ट के बारे में शक हो, तो उसके इंग्रेडिएंट्स की जाँच करें और भरोसेमंद आलिम से पूछें।

क़ुरआन और हदीस के हवाले

1. सूरह अल-माइदा, आयत 6

अल्लाह तआला ने वुज़ू का हुक्म बयान करते हुए चेहरे, हाथों और पाँव को धोने और सिर का मसह करने का ज़िक्र फ़रमाया है।

इस आयत से वुज़ू में पानी पहुँचाने की अहमियत मालूम होती है।

2. सूरह अल-मुद्दस्सिर, आयत 4

अल्लाह सुब्हानवताला फरमाते है-

وَثِيَابَكَ فَطَهِّرْ

तर्जुमा- और अपने कपड़ों को पाक रखो।

यह आयत पाकी और सफ़ाई की अहमियत को बयान करती है।

3. सहीह मुस्लिम, हदीस 223

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया –

الطُّهُورُ شَطْرُ الْإِيمَانِ

तर्जुमा- पाकी आधा ईमान है।

यह हदीस पाकी और सफ़ाई की अहमियत को बयान करती है।

4. सहीह मुस्लिम, हदीस 91

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया कि अल्लाह ख़ूबसूरत है और ख़ूबसूरती को पसंद फ़रमाता है।

इस हदीस से साफ़-सुथरे और अच्छे दिखने की अहमियत मालूम होती है, लेकिन इससे किसी ख़ास कॉस्मेटिक के हलाल या हराम होने का हुक्म अपने आप साबित नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या इत्र लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं?

जी हाँ, आम तौर पर इत्र और अत्तर लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं, बशर्ते उसमें कोई साबित नापाक चीज़ न हो। अल्कोहल वाले परफ्यूम के बारे में उलमा की राय में इख़्तिलाफ़ है।

2. क्या लिपस्टिक लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं?

अगर सही वुज़ू के बाद लिपस्टिक लगाई गई है और उसमें कोई नापाक चीज़ नहीं है, तो आम तौर पर नमाज़ पढ़ सकते हैं। लेकिन अगर लिपस्टिक वुज़ू से पहले लगाई गई है और पानी को रोकने वाली परत बनाती है, तो उसे हटाना ज़रूरी है।

3. क्या नेल पॉलिश लगाकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है?

नेल पॉलिश खुद नमाज़ को नहीं तोड़ती, लेकिन आम नेल पॉलिश पानी को नाख़ून तक पहुँचने से रोकती है। इसलिए वुज़ू से पहले इसे हटाना ज़रूरी है।

4. क्या हेयर जेल और हेयर ऑयल लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं?

जी हाँ, आम तौर पर हेयर जेल और हेयर ऑयल लगाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं। लेकिन अगर कोई चीज़ वुज़ू में ज़रूरी पानी पहुँचने या मसह करने में रुकावट पैदा करती है, तो उसे हटाना चाहिए।

5. क्या मेकअप करने के बाद वुज़ू टूट जाता है?

नहीं, सिर्फ़ मेकअप लगाने से वुज़ू नहीं टूटता। लेकिन अगर मेकअप वुज़ू से पहले लगाया गया है और पानी को रोकने वाली परत बनाता है, तो वुज़ू से पहले उसे हटाना ज़रूरी है।

ख़ुलासा

इत्र, अत्तर, हेयर ऑयल, टेलकम पाउडर, लिप बाम, मेकअप और डियोडरेंट जैसी आम चीज़ें आम तौर पर नमाज़ में रुकावट नहीं बनतीं, बशर्ते उनमें कोई साबित नापाक चीज़ न हो और वुज़ू सही हो।

नेल पॉलिश और ऐसी कॉस्मेटिक परतें जो पानी को रोकती हैं, वुज़ू में रुकावट बन सकती हैं। इसलिए नमाज़ से पहले पाकी और वुज़ू का ख़ास ख़याल रखना चाहिए।

अल्लाह सुब्हानवताला हम सबको पाकी के साथ नमाज़ अदा करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

नोट –  यह लेख आम जानकारी के लिए है। कुछ मसाइल में फ़िक़्ही मसलक के मुताबिक़ फ़र्क़ हो सकता है। किसी ख़ास प्रोडक्ट या पेचीदा मसले में अपने भरोसेमंद आलिम से मशवरा करें।

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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