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नया कपड़ा पहनने की दुआ (Naya Kapda Pahnane Ki Dua) : 5 ज़रूरी बातें और सही तरीका

नया कपड़ा पहनने की दुआ – 5 आसान बातें, अरबी, हिंदी और मतलब

नया कपड़ा पहनने की दुआ (Naya Kapda Pahnane Ki Dua)

इस्लाम में कपड़ा अल्लाह सुब्हानवा तआला की एक नेमत है। जब भी हम नया कपड़ा पहनते हैं, तो अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम  से नया कपड़ा पहनते वक्त पढ़ी जाने वाली एक खास दुआ हदीस में बयान हुई है।

इस दुआ में अल्लाह की हम्द की जाती है और कपड़े की भलाई माँगी जाती है। साथ ही, उसकी बुराई से अल्लाह की पनाह माँगी जाती है।

अरबी में दुआ-

اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ كَسَوْتَنِيهِ أَسْأَلُكَ مِنْ خَيْرِهِ وَخَيْرِ مَا صُنِعَ لَهُ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهِ وَشَرِّ مَا صُنِعَ لَهُ

हिंदी में दुआ पढ़ने का तरीका-

अल्लाहुम्मा लक़ल-हम्दु, अन्ता कसौतनीहि, अस्अलुका मिन ख़ैरिहि व ख़ैरि मा सुनिअ लहू, व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहि व शर्रि मा सुनिअ लहू।

Hinglish में दुआ-

Allahumma lakal-hamdu, anta kasawtanihi, as’aluka min khairihi wa khairi ma suni’a lahu, wa a’udhu bika min sharrihi wa sharri ma suni’a lahu.

दुआ का हिंदी मतलब-

ऐ अल्लाह! तमाम तारीफ़ तेरे ही लिए है। तूने ही मुझे यह कपड़ा पहनाया है। मैं तुझसे इसकी भलाई और उस मकसद की भलाई माँगता हूँ जिसके लिए इसे बनाया गया है। और मैं इसकी बुराई और उस मकसद की बुराई से तेरी पनाह माँगता हूँ जिसके लिए इसे बनाया गया है।

Dua Meaning in English-

O Allah, all praise belongs to You. You have clothed me with this garment. I ask You for its good and the good for which it was made, and I seek refuge in You from its evil and the evil for which it was made.

हदीस का हवाला- सुनन अबू दाऊद, हदीस 4020; जामे तिर्मिज़ी, हदीस 1767।

सुनन अबू दाऊद की इस रिवायत को शेख अल्बानी ने सहीह कहा है। जामे तिर्मिज़ी की रिवायत को दारुस्सलाम की ग्रेडिंग में हसन दर्ज किया गया है।

नया कपड़ा पहनने की दुआ कब पढ़ें?

जब आप पहली बार कोई नया कपड़ा पहनें, तो यह दुआ पढ़ सकते हैं। मसलन-

हदीस में आता है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम  नया कपड़ा पहनते तो कपड़े का नाम लेकर यह दुआ पढ़ते थे। इसलिए यह दुआ सिर्फ ईद या जुमा के लिए खास नहीं है, बल्कि नया कपड़ा पहनने के मौके पर पढ़ी जा सकती है।

हदीस में नया कपड़ा पहनने की दुआ

हज़रत अबू सईद अल-खुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम जब नया कपड़ा पहनते, तो उसका नाम लेते, जैसे अमामा, कमीज़ या चादर, फिर यह दुआ पढ़ते-

اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ كَسَوْتَنِيهِ أَسْأَلُكَ خَيْرَهُ وَخَيْرَ مَا صُنِعَ لَهُ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهِ وَشَرِّ مَا صُنِعَ لَهُ

इसका मतलब है कि ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए हम्द है। तूने मुझे यह कपड़ा पहनाया है। मैं तुझसे इसकी भलाई माँगता हूँ और इसकी बुराई से तेरी पनाह माँगता हूँ।

हवाला- सुनन अबू दाऊद 4020 और जामे तिर्मिज़ी 1767।

यह रिवायत नए कपड़े की दुआ के लिए बुनियादी और भरोसेमंद हदीस का हवाला है।

नया कपड़ा पहनने की दुआ की फ़ज़ीलत

इस दुआ से हमें कई अहम बातें सीखने को मिलती हैं।

1. अल्लाह का शुक्र अदा करना

कपड़ा हमारी ज़िंदगी की ज़रूरत है। नया कपड़ा मिलने पर अल्लाह की तारीफ़ करना उसकी नेमत का शुक्र अदा करने का एक तरीका है।

2. भलाई माँगना

दुआ में हम अल्लाह से कपड़े की भलाई और उस मकसद की भलाई माँगते हैं जिसके लिए वह बनाया गया है।

3. बुराई से पनाह माँगना

मोमिन को हर हाल में अल्लाह की पनाह माँगनी चाहिए। इस दुआ में भी कपड़े की बुराई से अल्लाह की हिफाज़त तलब की जाती है।

4. दिखावे से बचना

नया कपड़ा पहनना अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन कपड़े की वजह से घमंड करना, दूसरों को कमतर समझना या दिखावा करना अच्छी बात नहीं है।

5. सुन्नत पर अमल करना

नया कपड़ा पहनते वक्त इस दुआ को पढ़ना नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित अमल है। इसे सीखकर अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल किया जा सकता है।

ध्यान रहे कि इन फ़ायदों का मतलब यह नहीं कि हर नए कपड़े से कोई खास दुनियावी फायदा या हर परेशानी से निश्चित हिफाज़त की गारंटी मिलती है। दुआ का असल मकसद अल्लाह का शुक्र, भलाई की दरख़्वास्त और बुराई से पनाह माँगना है।

कुरआन में कपड़े का ज़िक्र

कुरआन मजीद में कपड़े को अल्लाह की नेमतों में से बताया गया है।

सूरह अन-नहल, आयत 81 में अल्लाह तआला बताते हैं कि उसने इंसानों के लिए ऐसे कपड़े बनाए जो उन्हें गर्मी से बचाते हैं, और ऐसे लिबास भी जो लड़ाई के वक्त हिफाज़त करते हैं।

यह आयत कपड़े की नेमत और उसके फायदों की तरफ ध्यान दिलाती है।

कुरआन का हवाला- सूरह अन-नहल 16:81।

यह बात समझना ज़रूरी है कि कुरआन की इस आयत में नया कपड़ा पहनने की ऊपर बताई गई खास दुआ नहीं है। यह आयत कपड़े की नेमत का ज़िक्र करती है, जबकि दुआ का खास तरीका हदीस से मालूम होता है।

नए कपड़े पर किसी को क्या दुआ दें?

हज़रत अबू सईद अल-खुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत के आखिर में बताया गया है कि सहाबा में से कोई नया कपड़ा पहनता, तो दूसरे उसके लिए यह दुआ करते-

अरबी में-

تُبْلِي وَيُخْلِفُ اللَّهُ تَعَالَى

हिंदी में पढ़ें-

तुब्ली व युख़लिफुल्लाहु तआला।

Hinglish-

Tubli wa yukhlifullahu ta’ala.

मतलब-

अल्लाह करे कि तुम इस कपड़े को इस्तेमाल करते-करते पुराना कर दो और अल्लाह तुम्हें इसकी जगह दूसरा कपड़ा अता करे।

हवाला- सुनन अबू दाऊद 4020।

यह सहाबा का एक-दूसरे के लिए कहा जाने वाला अच्छा कलिमा था। इसे नए कपड़े पहनने वाले के लिए अच्छी दुआ के तौर पर कहा जा सकता है।

नया कपड़ा पहनने से जुड़ी ज़रूरी बातें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs

1. नया कपड़ा पहनने की दुआ क्या है?

नया कपड़ा पहनने की दुआ “अल्लाहुम्मा लक़ल-हम्दु, अन्ता कसौतनीहि…” से शुरू होती है। इसमें अल्लाह की हम्द और कपड़े की भलाई माँगी जाती है।

2. Naya Kapda Pahnane Ki Dua कब पढ़नी चाहिए?

जब आप पहली बार कोई नया कपड़ा पहनें, उस वक्त यह दुआ पढ़ सकते हैं। यह सिर्फ ईद, जुमा या किसी खास मौके के लिए सीमित नहीं है।

3. नया कपड़ा पहनने की दुआ का मतलब क्या है?

इसका मतलब है कि ऐ अल्लाह! तूने मुझे यह कपड़ा पहनाया है। मैं तुझसे इसकी भलाई माँगता हूँ और इसकी बुराई से तेरी पनाह चाहता हूँ।

4. क्या नया कपड़ा पहनने की दुआ कुरआन में है?

नहीं, ऊपर बताई गई खास दुआ हदीस में मिलती है। कुरआन में सूरह अन-नहल, आयत 81 में कपड़े को अल्लाह की नेमत के तौर पर बयान किया गया है।

5. नए कपड़े पहनने वाले को क्या दुआ देनी चाहिए?

सुनन अबू दाऊद 4020 में सहाबा का यह कलिमा बयान हुआ है- “तुब्ली व युख़लिफुल्लाहु तआला।” इसका मतलब है कि अल्लाह तुम्हें इसे इस्तेमाल करने की तौफीक़ दे और इसके बाद दूसरा कपड़ा भी अता करे।

नतीजा- नया कपड़ा पहनना अल्लाह की नेमत है। इस मौके पर “अल्लाहुम्मा लक़ल-हम्दु…” वाली दुआ पढ़कर अल्लाह का शुक्र अदा करें, कपड़े की भलाई माँगें और उसकी बुराई से पनाह तलब करें। दुआ के साथ अच्छे अख़लाक़, सादगी और शुक्रगुज़ारी को भी अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ।

 

हवाले-

  1. सुनन अबू दाऊद, हदीस 4020 — https://sunnah.com/abudawud:4020
  2. जामे तिर्मिज़ी, हदीस 1767 — https://sunnah.com/tirmidhi:1767
  3. कुरआन मजीद, सूरह अन-नहल 16:81 — https://quran.com/16/81

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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