सफर की दुआ ( Safar ki Dua in Hindi with 6 Powerful points)

सफर की दुआ ( Safar ki Dua in Hindi )

Table Of Contents hide
14 सफ़र की दुआ में क्या ख़ास है? ( Safar ki Dua in Hindi )
16 सफ़र की दुआ — 5 FAQs ( Safar ki Dua in Hindi )

सफ़र की दुआ हर मुसलमान के लिए एक खूबसूरत मस्नून अमल है। सफ़र शुरू करते समय अल्लाह सुब्हानवताला को याद करना, उसकी नेमत का शुक्र अदा करना और उससे सफ़र की आसानी व हिफ़ाज़त मांगना हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद सलल्लाहु अलैहिवसल्लम की सुन्नत से साबित है।

Safar ki Dua in Hindi
Safar ki Dua in Hindi

सफ़र की दुआ – ( Safar ki Dua in Hindi )

سبحْنَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ ، وَ إِنَّا إِلَى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُونَ

सुब्हानल्लज़ी सख़्ख़रा लना हाज़ा वमा कुन्ना लहू मुक़रिनीन, व इन्ना इला रब्बिना लमुनक़लिबून।

Subhanalladhi sakhkhara lana hadha wa ma kunna lahu muqrinin, wa inna ila Rabbina lamunqalibun.

इस दुआ का हिंदी मायना – ( Safar ki Dua in Hindi )

 “पाक है वह ज़ात जिसने इस सवारी को हमारे लिए मुसख़्ख़र कर दिया, जबकि हम इसे अपने क़ाबू में करने की ताक़त नहीं रखते थे। और बेशक हमें अपने रब की तरफ़ लौटकर जाना है।”

इसमें एक मुसलमान अल्लाह की नेमत का एतराफ़ करता है कि सवारी और उसे इस्तेमाल करने की ताक़त असल में अल्लाह की दी हुई है।

English Meaning  ( Safar ki Dua in Hindi )

“Glory be to the One who has subjected this to us, while we ourselves would not have been able to control it, and surely to our Lord we will return.”

ये अल्फ़ाज़ Qur’an की Surah Az-Zukhruf 43:13–14 में हैं। इन आयतों में अल्लाह सुब्हानवताला सवारी पर बैठने के बाद अपने रब की नेमत को याद करने और उसकी तरफ़ लौटने को याद दिलाता है।

सफर से वापसी की दुआ ( Safar ki Dua in Hindi )

ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहु ला शरी क लहु लहुल मुल्कू व लहुल हम्दु व हुव अला कुल्ली शइन कदिर आइबु न ताइबू न आबिदू न साजिदू न लि रब्बिना हामिदुन।

सफर से वापसी की दुआ तर्जुमा

अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं वह एक है उसका कोई शरीक नहीं उसकी बादशाही है और वही लाइके तारीफ और वह हर चीज़ पर कादिर है हम लौटने वाले हैं तौबा करने वाले इबादत करने वाले सजदा करने वाले और अपने रब की तारीफ करने वाले हैं।

क्या सफ़र की दुआ सिर्फ़ यही है?

नहीं। “सुब्हानल्लज़ी सख़्ख़रा लना हाज़ा…” सफ़र के दौरान पढ़े जाने वाले सबसे मशहूर Quranic dua हैं।

लेकिन Sahih Muslim 1342 में हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रदिअल्लाहुतालाअन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सलल्लाहु अलैहिवसल्लम जब सफ़र के लिए अपनी सवारी पर सवार होते तो तीन बार अल्लाहु अकबर कहते और फिर यही Quranic dua पढ़ते। इसके बाद आप सलल्लाहु अलैहिवसल्लम सफ़र के लिए एक लंबी मस्नून दुआ भी पढ़ते थे।

इसलिए दोनों को अलग-अलग समझना सबसे बेहतर है:

सफ़र की दुआ:

سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

और इसके बाद पढ़ी जाने वाली लंबी मस्नून दुआ:

اللَّهُمَّ إِنَّا نَسْأَلُكَ فِي سَفَرِنَا هَذَا الْبِرَّ وَالتَّقْوَى، وَمِنَ الْعَمَلِ مَا تَرْضَى

اللَّهُمَّ هَوِّنْ عَلَيْنَا سَفَرَنَا هَذَا وَاطْوِ عَنَّا بُعْدَهُ

اللَّهُمَّ أَنْتَ الصَّاحِبُ فِي السَّفَرِ وَالْخَلِيفَةُ فِي الْأَهْلِ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ وَعْثَاءِ السَّفَرِ، وَكَآبَةِ الْمَنْظَرِ، وَسُوءِ الْمُنْقَلَبِ فِي الْمَالِ وَالْأَهْلِ

यह पूरी दुआ Sahih Muslim 1342 में हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रदिअल्लाहुतालाअन्हु की रिवायत से साबित है।

लंबी दुआ — हिंदी में पढ़ने का तरीका

अल्लाहुम्मा इन्ना नस्अलुका फी सफ़रिना हाज़ल-बिर्रा वत-तक़्वा, व मिनल-अमली मा तरज़ा।

अल्लाहुम्मा हव्विन अलैना सफ़रना हाज़ा वत्वि अन्ना बुअदहू।

अल्लाहुम्मा अन्तस-साहिबु फिस-सफ़रि वल-ख़लीफ़तु फिल-अहल।

अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन वअसाइस-सफ़रि, व कआबतिल-मन्ज़रि, व सूइल-मुनक़लबी फिल-मालि वल-अहल।

Hinglish

Allahumma inna nas’aluka fi safarina hadhal-birra wat-taqwa, wa minal-‘amali ma tarda.

Allahumma hawwin ‘alayna safarana hadha watwi ‘anna bu’dahu.

Allahumma antas-sahibu fis-safar wal-khalifatu fil-ahl.

Allahumma inni a’udhu bika min wa’tha’is-safar, wa ka’abatil-manzar, wa su’il-munqalabi fil-mali wal-ahl.

सफर की लंबी दुआ का हिंदी मायना  – 

ऐ अल्लाह! हम अपने इस सफ़र में तुझसे नेकी, तक़वा और ऐसे अमल की तौफ़ीक़ मांगते हैं जिससे तू राज़ी हो।

ऐ अल्लाह! हमारे इस सफ़र को हमारे लिए आसान कर दे और इसकी दूरी को हमारे लिए समेट दे।

ऐ अल्लाह! तू ही सफ़र में हमारा साथी है और हमारे घरवालों का निगहबान है।

ऐ अल्लाह! मैं सफ़र की मुश्किलों, तकलीफ़देह मंज़रों और माल व घरवालों के बारे में बुरे अंजाम से तेरी पनाह मांगता हूँ।

English Meaning of the Long Dua

O Allah, we ask You on this journey of ours for righteousness, piety and deeds that please You.

O Allah, make this journey easy for us and shorten its distance for us.

O Allah, You are our Companion during the journey and the Guardian of our family.

O Allah, I seek refuge in You from the hardships of travel, distressing sights and a bad outcome concerning our wealth and family.

सफ़र की दुआ की शुरुआत कैसे करें?

Sahih Muslim 1342 की रिवायत के मुताबिक़ रसूलुल्लाह सलल्लाहु अलैहिवसल्लम सफ़र के लिए अपनी सवारी पर सवार होते तो:

اللَّهُ أَكْبَرُ، اللَّهُ أَكْبَرُ، اللَّهُ أَكْبَرُ

अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर।

कहते और फिर सफ़र की दुआ पढ़ते।

आज के दौर में कार, बस, ट्रेन, हवाई जहाज़ या किसी दूसरी सवारी से सफ़र करते समय इस सुन्नत पर अमल किया जा सकता है।

सफ़र की दुआ का Qur’an Reference

सफ़र की दुआ का मशहूर हिस्सा Surah Az-Zukhruf 43:13–14 से है।

अल्लाह तआला फरमाता है कि जब तुम सवारियों पर ठीक तरह बैठ जाओ तो अपने रब की नेमत को याद करो और कहो:

سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ

फिर:

وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

कहा गया है।

Reference  – Qur’an: Surah Az-Zukhruf — 43:13–14

इसलिए इस दुआ में सिर्फ़ सफ़र की हिफ़ाज़त नहीं, बल्कि अल्लाह की नेमत का शुक्र और आख़िरत की याद भी शामिल है।

सफ़र की दुआ में क्या ख़ास है? ( Safar ki Dua in Hindi )

इस दुआ में सफ़र से जुड़ी कई अहम बातें एक साथ आती हैं:

1. अल्लाह की नेमत का शुक्र
मोमिन मानता है कि सवारी और उसे इस्तेमाल करने की ताक़त अल्लाह की नेमत है।
2. तक़वा की दुआ
सफ़र के दौरान भी मोमिन अल्लाह की इताअत और तक़वा पर क़ायम रहे।
3. अल्लाह की रज़ामंदी
मोमिन ऐसे अमल की तौफ़ीक़ मांगता है जिससे उसका रब राज़ी हो।
4. सफ़र की आसानी
लंबे और मुश्किल सफ़र को आसान करने की दुआ की जाती है।
5. घरवालों की हिफ़ाज़त
सफ़र में पीछे रहने वाले घरवालों को अल्लाह के हवाले किया जाता है।
6. सफ़र की मुश्किलों से पनाह
मुश्किल रास्ते, तकलीफ़देह हालात और बुरे अंजाम से अल्लाह की पनाह मांगी जाती है।

सफ़र की दुआ की फ़ज़ीलत ( Safar ki Dua in Hindi )

इस दुआ की सबसे बड़ी फ़ज़ीलत यह है कि इसका पढ़ना Quran और सहीह सुन्नाह दोनों से जुड़ा हुआ है

इसमें सिर्फ़ रास्ते की सलामती नहीं मांगी जाती, बल्कि:

  • अल्लाह की नेमत का शुक्र
  • नेक़ी और तक़वा
  • अल्लाह की रज़ामंदी
  • सफ़र में आसानी
  • घरवालों की निगहबानी
  • सफ़र की मुश्किलों से पनाह

मांगी जाती है। इसलिए इसे सिर्फ़ “एक हिफाज़त की दुआ” समझना मुकम्मल बात नहीं होगी। यह अल्लाह पर तवक्कुल, शुक्र और आख़िरत की याद से जुड़ी हुई मस्नून दुआ है।

सफ़र की दुआ — 5 FAQs ( Safar ki Dua in Hindi )

1. सफ़र की सबसे मशहूर दुआ कौन-सी है?
“सुब्हानल्लज़ी सख़्ख़रा लना हाज़ा वमा कुन्ना लहू मुक़रिनीन…” सफ़र की सबसे मशहूर दुआ / ज़िक्र है। इसके अल्फ़ाज़ Qur’an 43:13–14 में हैं और सफ़र के समय रसूलुल्लाह सलल्लाहु अलैहिवसल्लम से पढ़ना भी सहीह हदीस में साबित है।
2. क्या लंबी “Allahumma inna nas’aluka…” भी सफ़र की दुआ है?
जी हाँ। यह भी सफ़र के समय रसूलुल्लाह सलल्लाहु अलैहिवसल्लम से सहीह तौर पर साबित मस्नून दुआ है और Sahih Muslim 1342 में दर्ज है।
3. क्या सफ़र की दुआ सिर्फ़ कार में पढ़ी जाती है?
नहीं। दुआ का ताल्लुक़ सफ़र और सवारी से है। इसलिए कार, बस, ट्रेन, हवाई जहाज़ या दूसरी सवारी से सफ़र करते समय इसे पढ़ा जा सकता है।
4. सफ़र की दुआ कब पढ़नी चाहिए?
रसूलुल्लाह सलल्लाहु अलैहिवसल्लम इसे सफ़र के लिए सवारी पर सवार होने के समय पढ़ते थे। इसलिए सफ़र शुरू करते समय सवारी पर बैठकर इसे पढ़ना सुन्नत के मुताबिक़ है।
5. सफ़र से वापस आने पर क्या पढ़ना चाहिए?
वापसी पर वही दुआ पढ़कर आखिर में: “आइबूना, ताइबूना, आबिदूना, लिरब्बिना हामिदून” पढ़ना सहीह मुस्लिम की रिवायत में आया है।

 

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

होम पेज – https://islamicknowledgehindi.com/

हमारे यूट्यूब पेज को चेक करें ( DoFollow ) – https://www.youtube.com/@DaastanByJafar