यूसुफ अली मुसलियार: LuLu Group के कामयाब मुस्लिम कारोबारी की पूरी कहानी

यूसुफ अली मुसलियार LuLu Group के कामयाब मुस्लिम कारोबारी

यूसुफ अली मुसलियार

यूसुफ अली मुसलियार, जिनका पूरा नाम यूसुफ अली मुसलिअम वीत्तिल अब्दुल कदर है और जिन्हें दुनिया भर में M.A. Yusuff Ali के नाम से जाना जाता है, भारत से निकलकर Gulf और पूरी दुनिया में अपना बड़ा कारोबारी नाम बनाने वाले मशहूर बिजनेसमैन हैं।

वह LuLu Group International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। LuLu Group आज दुनिया के कई मुल्कों में retail, shopping malls, hospitality और दूसरे कारोबारों से जुड़ा हुआ एक बड़ा बिज़नेस ग्रुप  है।

यूसुफ अली की कहानी खास तौर पर इसलिए दिलचस्प है क्योंकि उन्होंने एक छोटे कारोबारी कारोबार से शुरुआत करके उसे एक international business group में बदलने में अहम किरदार अदा किया।

यूसुफ अली मुसलियार कौन हैं?

यूसुफ अली का जन्म 1955 में नाटिका, थ्रिस्सूर, केरला में हुआ। 1973 में, लगभग 18 साल की उम्र में, वह अबू धाबी चले गए और अपने अंकल के कारोबारी काम से जुड़े।

शुरुआत में उनका काम इम्पोर्ट और होलसेल डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ा था। बाद में उन्होंने रिटेल बिज़नेस की तरफ कदम बढ़ाया और 1990 के दशक में LuLu सुपरमार्केट्स की बुनियाद को बड़ा रूप देना शुरू किया।

आज उनका नाम LuLu Group के साथ दुनिया भर में जाना जाता है।

LuLu Group की कामयाबी

यूसुफ अली की सबसे बड़ी कारोबारी पहचान LuLu Group International है।

LuLu Group का हेडक्वार्टर्स अबू धाबी, UAE में है और इसकी पहचान खास तौर पर LuLu हायपरमार्केट और शॉपिंग माल्स के लिए है। कंपनी की official profile के मुताबिक group में 76,000 से ज्यादा लोग 46 अलग-अलग मुल्को से काम करते हैं और इसके ऑपरेशन्स कई देशों में फैले हुए हैं।

फोर्बेस के 2026 प्रोफाइल के मुताबिक LuLu का retail business Gulf और दूसरे markets में सैकड़ों stores और malls तक पहुंच चुका है। 2024 में LuLu Retail को Abu Dhabi stock exchange पर list किया गया, जिससे करीब $1.7 billion जुटाए गए।

इस कामयाबी ने यूसुफ अली को Gulf के जाने-माने Indian-origin businessmen में शामिल किया है।

छोटे कारोबार से International Business तक

यूसुफ अली की कारोबारी कहानी का एक अहम पहलू उनका diversification है।

उन्होंने सिर्फ supermarkets तक अपना कारोबार सीमित नहीं रखा, बल्कि hospitality, food processing, real estate और दूसरे business sectors में भी investments किए।

उनके business interests में Europe, Middle East और India समेत कई international markets शामिल रहे हैं। उनकी business journey यह दिखाती है कि एक कारोबारी किस तरह एक sector में कामयाबी हासिल करने के बाद दूसरे क्षेत्रों में भी investment कर सकता है।

भारत में यूसुफ अली मुसलियार का कारोबार

भारत, खासकर Kerala, से यूसुफ अली का रिश्ता उनके कारोबारी सफर में बहुत अहम रहा है।

2013 में Kochi में LuLu Hypermarket शुरू करके उन्होंने भारत में LuLu के retail business को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया।

इसके अलावा उन्होंने केरला में infrastructure और investment से जुड़े कई projects में भी दिलचस्पी दिखाई। वह Cochin International Airport से भी जुड़े रहे हैं और airport के board में director के तौर पर काम कर चुके हैं।

यूसुफ अली की मुस्लिम पहचान

यूसुफ अली एक भारतीय मुस्लिम कारोबारी हैं और उनकी सार्वजनिक पहचान में business के साथ-साथ समाजी और इंसानी खिदमत भी एक अहम पहलू रही है।

उनकी official profile के मुताबिक वह India और Gulf countries में charitable और humanitarian activities से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग communities के लोगों की मदद और Gulf में रहने वाले Indians के हितों से जुड़े मामलों में भी भूमिका निभाई है।

उनकी सार्वजनिक गतिविधियों में यह बात भी सामने आती है कि उन्होंने Gulf में अलग-अलग religious communities के लिए सुविधाएं हासिल करने और communal harmony को बढ़ावा देने से जुड़े कामों में मदद की।

इसलिए उनकी पहचान को सिर्फ एक बड़े businessman के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं देता, उनका public profile business के साथ social service और humanitarian work से भी जुड़ा रहा है।

मुश्किल वक्त में इंसानी खिदमत

यूसुफ अली की फिलानथ्रॉपी का एक बड़ा हिस्सा natural disasters और मुश्किल हालात में राहत पहुंचाने से जुड़ा रहा है।

उनकी official profile के मुताबिक उन्होंने Latur earthquake, Gujarat earthquake, Tsunami और Uttarakhand floods और landslides जैसी आपदाओं के दौरान relief activities में हिस्सा लिया। UAE में amnesty period के दौरान ऐसे Indians की भी मदद की गई जो अपने वतन लौटने के लिए airfare का खर्च नहीं उठा सकते थे।

COVID-19 के दौरान भी उनकी तरफ से बड़ी financial मदद की गई। Forbes के मुताबिक उन्होंने pandemic से लड़ने के लिए $6.8 million donate किए और Kerala में 1,400-bed treatment centre बनाने और donate करने में भी भूमिका निभाई।

बड़े Awards और सम्मान

यूसुफ अली को business और social service के क्षेत्र में कई बड़े awards मिले हैं।

उनके प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं:

  • Padma Shri – 2008
  • Abu Dhabi Award – 2021
  • Queen’s Award – 2017
  • Dubai Cares Honor
  • Honorary Doctorate
  • Bahrain का Wessam Al Bahrain सम्मान

उनकी official website के मुताबिक Padma Shri मिलने के समय वह Gulf और Middle East से यह सम्मान पाने वाले पहले Non-Resident Indian थे। यह सम्मान उन्हें industry और social work में योगदान के लिए दिया गया था।

World Economic Forum भी उनके Abu Dhabi Award, Bahrain के सम्मान और Queen’s Award सहित कई distinctions का उल्लेख करता है।

Abu Dhabi में कारोबारी भूमिका

यूसुफ अली का UAE के business community में भी लंबे समय से अहम role रहा है।

वह Abu Dhabi Chamber of Commerce and Industry (ADCCI) के board में रहे हैं और Vice-Chairman की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। World Economic Forum के profile में उनके chamber से जुड़े leadership roles और UAE में foreign investment को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका का उल्लेख मिलता है।

फरवरी 2026 में उन्हें फिर से Abu Dhabi Chamber of Commerce के board का member नियुक्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।

यूसुफ अली मुसलियार की दौलत

यूसुफ अली की दौलत का बड़ा हिस्सा उनके business interests और LuLu Group से जुड़ा हुआ है।

Forbes की 2026 Billionaires profile के अनुसार मार्च 2026 में उनकी estimated net worth करीब $5.8 billion थी। Forbes की September 2026 real-time listing में यह आंकड़ा लगभग $5.7 billion दिखाया गया। ऐसे आंकड़े share prices और asset valuations के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें एक fixed रकम नहीं समझना चाहिए।

यूसुफ अली मुसलियार से क्या सीख मिलती है?

यूसुफ अली की कारोबारी जिंदगी से कुछ अहम बातें सामने आती हैं:

1. छोटी शुरुआत को कम न समझना चाहिए
उन्होंने Abu Dhabi में अपने family business से शुरुआत की और धीरे-धीरे retail business को international level तक पहुंचाया।

2. एक ही कारोबार तक सीमित नहीं रहना
Retail के साथ hospitality, food और दूसरे sectors में diversification उनके business model का अहम हिस्सा रहा।

3. Gulf और India के रिश्तों का फायदा उठाना
उनका career India और Gulf के बीच व्यापारिक रिश्तों से गहराई से जुड़ा रहा है।

4. कारोबार के साथ समाजी जिम्मेदारी
उनकी public profile में charity, disaster relief और humanitarian activities का भी उल्लेख मिलता है।

5. लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना
LuLu Group की workforce में अलग-अलग देशों और communities के हजारों लोग शामिल हैं। यही international business की एक अहम जरूरत है।

मुस्लिम दुनिया की शख्सियतों में यूसुफ अली मुसलियार की जगह

यूसुफ अली मुसलियार की कहानी एक ऐसे भारतीय मुस्लिम कारोबारी की कहानी है जिसने Kerala से निकलकर UAE में अपना कारोबारी सफर शुरू किया और बाद में LuLu Group को एक international business group बनाने में अहम भूमिका निभाई।

उनकी पहचान कामयाब businessman, investor और philanthropist के तौर पर बनी है। साथ ही, India और Gulf के बीच business और community relations में भी उनकी लंबे समय से भूमिका रही है।

उनकी जिंदगी इस बात की मिसाल है कि business में तरक्की के साथ समाजी खिदमत और इंसानी मदद को भी अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूसुफ अली मुसलियार कौन हैं?

यूसुफ अली मुसलियार का पूरा नाम Yusuff Ali Musaliam Veettil Abdul Kader है। वह LuLu Group International के Chairman और Managing Director हैं और India से निकलकर UAE में बड़ा international business बनाने के लिए जाने जाते हैं।

यूसुफ अली किस कंपनी के मालिक हैं?

यूसुफ अली LuLu Group International के Chairman और Managing Director हैं। LuLu Group की सबसे मशहूर पहचान LuLu Hypermarket और shopping malls हैं।

यूसुफ अली की net worth कितनी है?

Forbes की 2026 profile के मुताबिक उनकी estimated net worth 2026 में लगभग $5.7–$5.8 billion रही है। यह रकम समय के साथ बदल सकती है।

क्या यूसुफ अली को Padma Shri मिला है?

जी हाँ। उन्हें 2008 में Padma Shri से सम्मानित किया गया था। उनकी official profile के मुताबिक यह सम्मान industry और social work में उनके योगदान के लिए दिया गया था।

यूसुफ अली का ताल्लुक कहां से है?

यूसुफ अली का ताल्लुक Kerala के Thrissur district के Nattika से है। 1973 में वह Abu Dhabi चले गए और वहीं से उनके international business career की शुरुआत हुई।

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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