6 Kalma in Hindi
6 Kalma in Hindi यानी इस्लाम के 6 कलमा शरीफ, यहाँ अरबी टेक्स्ट, हिंदी में पढ़ने का तरीका और आसान मतलब के साथ दिए गए हैं। नीचे आप पहला कलमा से लेकर छठे कलमा तक सभी कलमे एक जगह पढ़ और समझ सकते हैं।
6 कलमा शरीफ को खास तौर पर भारत, पाकिस्तान और दूसरे South Asian मुस्लिम मासरे में बच्चों को इस्लाम की बुनियादी बातें समझाने और याद कराने के लिए पढ़ाया जाता है। इन कलमों में तौहीद, रिसालत, अल्लाह की तारीफ़, तौबा और गुनाहों से बचने जैसी अहम बातें शामिल हैं।
6 कलमा शरीफ एक नज़र में
- पहला कलमा – तय्यब
- दूसरा कलमा – शहादत
- तीसरा कलमा – तमजीद
- चौथा कलमा – तौहीद
- पाँचवाँ कलमा – इस्तिग़फ़ार
- छठा कलमा – रद्दे कुफ्र
1. पहला कलमा तय्यब
पहला कलमा इस्लाम के सबसे अहम अकीदे यानी अल्लाह की वहदानियत और हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की रिसालत का इज़हार करता है।
पहला कलमा अरबी में –
لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللّٰهِ
पहला कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह
Hinglish में-
La ilaha illallah Muhammadur Rasoolullah
पहला कलमा का मतलब-
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है और हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं।
पहला कलमा मुसलमान के ईमान और तौहीद की बुनियाद को बयान करता है।
2. दूसरा कलमा शहादत
दूसरे कलमे में इंसान अल्लाह की वहदानियत और हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम के अल्लाह के बंदे और रसूल होने की गवाही देता है।
दूसरा कलमा अरबी में-
أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ
दूसरा कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू
Hinglish में-
Ashhadu alla ilaha illallahu wahdahu la sharika lahu, wa ashhadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluhu
दूसरा कलमा का मतलब-
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है। वह अकेला है और उसका कोई साझीदार नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम उसके बंदे और रसूल हैं।
3. तीसरा कलमा तमजीद
तीसरे कलमे में अल्लाह की पाकी, तारीफ़ और उसकी बड़ाई बयान की जाती है।
तीसरा कलमा अरबी में-
سُبْحَانَ اللّٰهِ وَالْحَمْدُ لِلّٰهِ وَلَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَاللّٰهُ أَكْبَرُ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ
तीसरा कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
सुब्हानल्लाहि वल्हम्दुलिल्लाहि व ला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर, व ला हौला व ला कुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलीय्यिल अज़ीम
Hinglish में-
Subhanallahi walhamdulillahi wa la ilaha illallahu wallahu akbar, wa la hawla wa la quwwata illa billahil aliyyil azeem
तीसरा कलमा का मतलब-
अल्लाह पाक है और सारी तारीफ़ उसी के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं और अल्लाह सबसे बड़ा है। अल्लाह के अलावा किसी में ताक़त और क़ुव्वत नहीं, जो सबसे बुलंद और अज़ीम है।
4. चौथा कलमा तौहीद
चौथा कलमा अल्लाह की वहदानियत, उसकी बादशाहत और उसकी क़ुदरत को बयान करता है।
चौथा कलमा अरबी में-
لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ حَيٌّ لَا يَمُوتُ أَبَدًا أَبَدًا، ذُو الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ، بِيَدِهِ الْخَيْرُ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
चौथा कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु, युह्यी व युमीतु व हुआ हय्युन ला यमूतु अबदन अबदा, ज़ुल जलालि वल इकराम, बियदिहिल खैरु व हुआ अला कुल्ली शैयिन क़दीर
Hinglish में-
La ilaha illallahu wahdahu la sharika lahu, lahul mulku wa lahul hamdu, yuhyi wa yumitu wa huwa hayyun la yamutu abadan abada, dhul jalali wal ikram, biyadihil khairu wa huwa ala kulli shay’in qadeer
चौथा कलमा का मतलब-
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। वह अकेला है और उसका कोई साझीदार नहीं। बादशाहत उसी की है और सारी तारीफ़ उसी के लिए है। वही ज़िंदगी देता है और मौत देता है। वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला है। सारी बड़ाई और इज़्ज़त उसी के लिए है और हर चीज़ पर उसकी क़ुदरत है।
5. पाँचवाँ कलमा इस्तिग़फ़ार
पाँचवाँ कलमा अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगने और तौबा करने से जुड़ा है।
पाँचवाँ कलमा अरबी में-
أَسْتَغْفِرُ اللّٰهَ رَبِّي مِنْ كُلِّ ذَنْبٍ أَذْنَبْتُهُ عَمْدًا أَوْ خَطَأً، سِرًّا أَوْ عَلَانِيَةً، وَأَتُوبُ إِلَيْهِ مِنَ الذَّنْبِ الَّذِي أَعْلَمُ وَمِنَ الذَّنْبِ الَّذِي لَا أَعْلَمُ، إِنَّكَ أَنْتَ عَلَّامُ الْغُيُوبِ وَسَتَّارُ الْعُيُوبِ وَغَفَّارُ الذُّنُوبِ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ
पाँचवाँ कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
अस्तग़फ़िरुल्लाहा रब्बी मिन कुल्लि ज़म्बिन अज़्नब्तुहू अमदन औ ख़तअन, सिर्रन औ अलानियतं, व अतूबु इलैहि मिनज़्ज़म्बिल्लज़ी आलमु व मिनज़्ज़म्बिल्लज़ी ला आलमु। इन्नका अंता अल्लामुल ग़ुयूबी व सत्तारुल उयूबी व ग़फ़्फारुज़्ज़ुनूब। व ला हौला व ला कुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलीय्यिल अज़ीम।
Hinglish में-
Astaghfirullaha rabbi min kulli zambin aznabtuhu amadan aw khata’an, sirran aw alaniyatan, wa atubu ilaihi minaz-zambil-lazi a’lamu wa minaz-zambil-lazi la a’lamu. Innaka antal allamul ghuyubi wa sattarul uyubi wa ghaffaruz zunub. Wa la hawla wa la quwwata illa billahil aliyyil azeem.
पाँचवाँ कलमा का मतलब-
मैं अल्लाह से अपने हर गुनाह की माफ़ी मांगता हूँ, चाहे वह जानबूझकर हुआ हो या गलती से, छुपकर हुआ हो या खुले तौर पर। मैं उन गुनाहों से भी तौबा करता हूँ जिन्हें मैं जानता हूँ और उनसे भी जिन्हें मैं नहीं जानता। बेशक तू छुपी हुई बातों को जानने वाला, ऐबों को ढकने वाला और गुनाहों को माफ़ करने वाला है।
6. छठा कलमा रद्दे कुफ्र
छठे कलमे में अल्लाह की पनाह मांगी जाती है और कुफ्र, शिर्क तथा बुराइयों से बचने और तौबा करने का इज़हार किया जाता है।
छठा कलमा अरबी में-
اللّٰهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ أَنْ أُشْرِكَ بِكَ شَيْئًا وَأَنَا أَعْلَمُ بِهِ، وَأَسْتَغْفِرُكَ لِمَا لَا أَعْلَمُ بِهِ، تُبْتُ عَنْهُ وَتَبَرَّأْتُ مِنَ الْكُفْرِ وَالشِّرْكِ وَالْكِذْبِ وَالْغِيبَةِ وَالْبِدْعَةِ وَالنَّمِيمَةِ وَالْفَوَاحِشِ وَالْبُهْتَانِ وَالْمَعَاصِي كُلِّهَا، وَأَسْلَمْتُ وَأَقُولُ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللّٰهِ
छठा कलमा हिंदी में पढ़ने का तरीका-
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन अन उश्रिका बिका शैयन व अना आलमु बिही, व अस्तग़फ़िरुका लिमा ला आलमु बिही, तुब्तु अन्हु व तबर्रअ्तु मिनल कुफ्रि वश्शिर्कि वल-किज़्बि वल-ग़ीबति वल-बिदअति वन्नमीमति वल-फ़वाहिशि वल-बुहतानि वल-मआसी कुल्लिहा, व अस्लम्तु व अक़ूलु ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह।
Hinglish में-
Allahumma inni a’udhu bika min an ushrika bika shay’an wa ana a’lamu bihi, wa astaghfiruka lima la a’lamu bihi, tubtu anhu wa tabarra’tu minal kufri wash shirki wal kizbi wal ghibati wal bid’ati wan namimati wal fawahishi wal buhtani wal ma’asi kulliha, wa aslamtu wa aqulu la ilaha illallahu Muhammadur Rasoolullah.
छठा कलमा का मतलब-
ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ कि जानबूझकर किसी चीज़ को तेरा साझीदार बनाऊँ। और जो बात मैं नहीं जानता, उसके लिए तुझसे माफ़ी मांगता हूँ। मैं कुफ्र, शिर्क, झूठ, ग़ीबत, चुग़ली, बेहयाई, बोहतान और तमाम गुनाहों से तौबा करता हूँ और इस्लाम को क़ुबूल करता हूँ।
6 कलमा शरीफ क्या हैं?
कलमा अरबी लफ़्ज़ है जिसका मतलब शब्द या बयान होता है। South Asian मुस्लिम समाज में ये 6 कलमे एक तालीमी तरीके से बच्चों और लोगों को इस्लाम के बुनियादी अकीदे और अहम ज़िक्र समझाने के लिए सिखाए जाते हैं।
इनमें अलग-अलग तौर पर:
- अल्लाह की वहदानियत
- हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की रिसालत
- अल्लाह की तारीफ़
- तौहीद
- इस्तिग़फ़ार
- गुनाहों और शिर्क से बचने
जैसी बातें शामिल हैं।
क्या 6 कलमा एक ही जगह क़ुरआन में मौजूद हैं?
6 कलमों की मौजूदा मशहूर सूची और तरतीब को एक ही आयत या एक ही हदीस में एक साथ नहीं पाया जाता। इन्हें South Asian इस्लामी तालीम में अलग-अलग अकीदे, ज़िक्र और दुआओं को आसानी से सिखाने के लिए एक तर्तीब के रूप में पढ़ाया जाता है। अलग-अलग कलमों के अल्फ़ाज़ और उनके हिस्सों के लिए क़ुरआन और हदीस की रिवायतों से संबंध बताया जाता है।
इसलिए 6 कलमों को समझते समय यह जानना बेहतर है कि इनका तालीमी महत्व बहुत बड़ा है, लेकिन इन्हें एक ही जगह एक साथ नाज़िल हुई सूची समझना सही नहीं है।
6 कलमा शरीफ याद करने का आसान तरीका
अगर आपको या बच्चों को 6 कलमा याद करना है, तो एक साथ सभी कलमे याद करने की कोशिश न करें।
आसान तरीका-
पहला दिन- पहला कलमा
दूसरा दिन- दूसरा कलमा
तीसरा दिन- तीसरा कलमा
चौथा दिन- चौथा कलमा
पाँचवाँ दिन- पाँचवाँ कलमा
छठा दिन- छठा कलमा
हर कलमा याद करते समय –
- पहले अरबी टेक्स्ट पढ़ें।
- फिर हिंदी में सही पढ़ने का तरीका देखें।
- उसका मतलब समझें।
- अगले दिन पहले वाले कलमे को दोहराएँ।
इस तरह याद करने के साथ-साथ कलमों का मतलब भी समझना आसान होगा।
6 कलमा शरीफ की अहमियत
6 कलमों को पढ़ने और समझने से इंसान को इस्लाम के कई अहम अकीदों और बातों को समझने में मदद मिलती है।
इनमें हमें याद दिलाया जाता है-
- अल्लाह एक है।
- उसी की इबादत की जानी चाहिए।
- हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं।
- अल्लाह की तारीफ़ करनी चाहिए।
- अपने गुनाहों पर तौबा करनी चाहिए।
- शिर्क और बुरी बातों से बचना चाहिए।
सबसे बेहतर बात यह है कि हम सिर्फ़ अल्फ़ाज़ याद न करें बल्कि उनका मतलब समझकर अपनी ज़िंदगी में सही इस्लामी तालीम को अपनाने की कोशिश करें।
6 Kalma in Hindi से जुड़े सवाल
1. 6 कलमा कौन-कौन से हैं?
6 कलमे हैं-
- कलमा तय्यब
- कलमा शहादत
- कलमा तमजीद
- कलमा तौहीद
- कलमा इस्तिग़फ़ार
- कलमा रद्दे कुफ्र
2. पहला कलमा कौन सा है?
पहला कलमा कलमा तय्यब है-
ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह।
इसमें अल्लाह की वहदानियत और हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की रिसालत का इज़हार किया जाता है।
3. 6 Kalma in Hindi कहाँ पढ़ सकते हैं?
इस लेख में सभी 6 Kalma in Hindi, अरबी टेक्स्ट, हिंदी में पढ़ने का तरीका, Hinglish और आसान मतलब के साथ दिए गए हैं।
4. क्या 6 कलमा हिंदी में पढ़ना सही है?
अरबी कलमों का असल टेक्स्ट अरबी में है। हिंदी में लिखा हुआ टेक्स्ट मुख्य रूप से अरबी अल्फ़ाज़ को सही तरीके से पढ़ने में मदद करने के लिए होता है।
अगर संभव हो तो किसी भरोसेमंद आलिम या शिक्षक से सही अरबी उच्चारण सीखना बेहतर है।
5. 6 कलमा का मतलब समझना क्यों ज़रूरी है?
कलमों का मतलब समझने से तौहीद, रिसालत, अल्लाह की तारीफ़, तौबा और गुनाहों से बचने जैसी अहम इस्लामी बातें बेहतर तरीके से समझ में आती हैं।
आखिर में –
6 Kalma in Hindi में पहला कलमा तय्यब से लेकर छठे कलमा रद्दे कुफ्र तक इस्लाम से जुड़ी कई अहम बातें शामिल हैं।
इन कलमों को सिर्फ़ याद करना ही नहीं, बल्कि उनके मतलब को समझना भी जरूरी है। जब हम तौहीद, रिसालत, अल्लाह की तारीफ़ और तौबा के मायने समझते हैं, तो हमें अपने ईमान और इस्लामी तालीम को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।
अल्लाह हमें सही समझ और सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे – आमीन ।
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