अल्लाह के 99 नाम हिंदी में – अल अस्मा उल हुस्ना
दीन ए इस्लाम की पहली और सबसे अहम बात है ईमान का होना – एक अल्लाह पर यकीन । हर मुस्लमान , अपने रब, अल्लाह सुब्हानवताला पर यकीन रखता है और उसे उन मुबारक नामो से पुकारता है जो बेहद खूबसूरत और अज़ीम है । अल्लाह सुब्हानवताला ने मुक़द्दस क़ुरआन में , कई जगह अपने नामो का इल्म अता किया है ताकि मुस्लमान अपने रब की शान को समझ सके। अल्लाह सुब्हानवताला के नाम को जानना और याद रखना , मोमिन के लिए बेहद अज़मत वाला है ताकि हम अपने रब को पुकार सके उस नाम के साथ जिसका जिक्र क़ुरान में मौजूद है।

अल्लाह सुब्हानवताला ने क़ुरआन में फ़रमाया –
सूरह अल अराफ़ आयात 180 ( Quran 7:180 ) – अल्लाह बेहद खूबसूरत नामो वाला है इसलिए तुम उसे उन नामो से पुकारा करो ।
सूरह अल तहा आयात 8 ( Quran 20:8 ) – अल्लाह के सिवा कोई और इबादत के लायक नहीं । जो बेहद खूबसूरत नामो वाला है।
रसूलुल्लाह सल्लाहो अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया – अल्लाह सुब्हानवताला के 99 नाम है , सौ से एक कम और जिस सख्श ने उन्हें जाना उसे रब ने जन्नत अता की है । – सहीह अल बुखारी 2736
अस्मा-उल-हुस्ना क्या है?
अस्मा-उल-हुस्ना का मतलब है अल्लाह के सबसे खूबसूरत नाम। इन नामों के ज़रिए हम अल्लाह सुब्हानवा तआला की रहमत, कुदरत, इल्म, हिकमत और दूसरी मुकम्मल सिफात को समझने की कोशिश करते हैं।
अल्लाह तआला ने कुरआन में फरमाया-
وَلِلَّهِ الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ فَادْعُوهُ بِهَا
हिंदी मतलब- और अल्लाह ही के लिए सबसे अच्छे नाम हैं, इसलिए उसे उन्हीं नामों के ज़रिए पुकारो।
कुरआन हवाला – सूरह अल-आराफ़, 7:180
अल्लाह के नामों को जानना सिर्फ उन्हें याद करना नहीं है। उनके मतलब को समझना, अल्लाह की सिफात पर गौर करना और अपनी दुआ व इबादत में इन नामों का सही इस्तेमाल करना भी अहम है।
अल्लाह के 99 नाम हिंदी में और उनके मायने
ٱلْرَّحْمَـانُ – अर रहमान – जो सबसे ज्यादा रहम करने वाला है / जो मुक़म्मल तौर पर रहम करने वाला है
ٱلْرَّحِيْمُ – अर रहीम – जो रहम करने वाला है
ٱلْمَلِكُ – अल मालिक – जो बादशाह और सल्तनत का मालिक है
ٱلْقُدُّوسُ – अल क़ुद्दूस – जो बिलकुल पाक है
ٱلْسَّلَامُ – अस सलाम – जो कामिल और अमन देने वाला है
ٱلْمُؤْمِنُ – अल मोमिन – जो ईमान और सलामती देने वाला है
ٱلْمُهَيْمِنُ – अल मुहैमिन – जो सरपरस्त , गवाह और निगरान है
ٱلْعَزِيزُ – अल अज़ीज़ – जो सबपर ग़ालिब है
ٱلْجَبَّارُ – अल जब्बार – जो सब बहाल करने वाला है
ٱلْمُتَكَبِّرُ – अल मुताकब्बिर – जो आला और अज़ीम है
ٱلْخَالِقُ – अल ख़ालिक़ – जो सब बनाने वाला है
ٱلْبَارِئُ – अल बारी – जो सबसे पहले से मौजूद है
ٱلْمُصَوِّرُ – अल मुसव्विर – जो तमाम चीज़ो को शक्ल ( आकार ) देने वाला है
ٱلْغَفَّارُ – अल ग़फ़्फ़ार – जो बक्शने वाला है
ٱلْقَهَّارُ – अल क़ह्हार – जो तमाम ताक़तों पर ग़ालिब है
ٱلْوَهَّابُ – अल वह्हाब – जो नवाज़ने वाला है
ٱلْرَّزَّاقُ – अर रज़्ज़ाक़ – जो रिज़्क़ देने वाला है
ٱلْفَتَّاحُ – अल फ़त्ताह – जो फैसला करने वाला है
ٱلْعَلِيمُ – अल अलीम – जो सब जानने वाला है
ٱلْقَابِضُ – अल क़ाबिद – जो तंगी या जब्त करने वाला है ( रोक रखने वाला )
ٱلْبَاسِطُ – अल बासित – जो सब देने वाला है
ٱلْخَافِضُ – अल खाफिद – जो कम करने वाला है
ٱلْرَّافِعُ – अर राफी – जो बुलंदी देने वाला है / जो दर्जे बुलंद करने वाला है
ٱلْمُعِزُّ – अल मुइज़्ज़ – जो इज़्ज़त देने वाला है
ٱلْمُذِلُّ – अल मुज़िल – जो इज्जत में कमी करने वाला है ( उसकी जो इसके लायक है )
ٱلْسَّمِيعُ – अस समी – जो सब सुनने वाला है
ٱلْبَصِيرُ – अल बसीर – जो सब देखने वाला है
ٱلْحَكَمُ – अल हाकम – जो इन्साफ करने वाला है
ٱلْعَدْلُ – अल अद्ल – जो बेहद दुरुस्त है
ٱلْلَّطِيفُ – अल लतीफ़ – जो बेहद नरमदिल है
ٱلْخَبِيرُ – अल खबीर – जो सबसे बाख़बर है
ٱلْحَلِيمُ – अल हलीम – जो सबसे ज्यादा बर्दास्त करने वाला है
ٱلْعَظِيمُ – अल अथीम – जो बेहद शानदार और आला है
ٱلْغَفُورُ – अल ग़फ़ूर – जो माफ़ करने वाला है / जो बेहद बक्सने वाला है
ٱلْشَّكُورُ – अश शकूर – जो सबसे ज्यादा तारीफ करने / पसंद करने वाला है
ٱلْعَلِيُّ – अल अली – जो सबसे बुलंद आला है
ٱلْكَبِيرُ – अल कबीर – जो सबसे अज़ीम तरीन है
ٱلْحَفِيظُ – अल हफीद – जो निगहबान है / जो सबकी हिफाज़त करने वाला है / जो सबपर ध्यान देने वाला है
ٱلْمُقِيتُ – अल मुकीत – जो सब बरकरार रखने वाला है
ٱلْحَسِيبُ – अल हसीब – जो हिसाब करने वाला है
ٱلْجَلِيلُ – अल जलील – जो शाहे आलिशान है
ٱلْكَرِيمُ – अल करीम – जो बेहद इज़्ज़त वाला है
ٱلْرَّقِيبُ – अर रक़ीब – जो बेहद चौकस और खबरदार है / जिसे सबकी खबर है
ٱلْمُجِيبُ – अल मुजीब – जो दुआ कुबूल करने वाला है
ٱلْوَاسِعُ – अल वासी – जिसकी कोई हद नहीं
ٱلْحَكِيمُ – अल हकीम – जो हिकमत वाला है
ٱلْوَدُودُ – अल वदूद – जो सबसे ज्यादा मुहब्बत करने वाला है
ٱلْمَجِيدُ – अल मजीद – जो बेहद शान वाला है / जो सबसे ज्यादा इज़्ज़त वाला है
ٱلْبَاعِثُ – अल बैथ – जो जिन्दा करने वाला है
ٱلْشَّهِيدُ – अश शहीद – जो अपनी गवाही से दयानतदार और अमानतदार है जिसके इल्म से कोई चीज़ छूटी नहीं / जो हाज़िर और नाज़िर है
ٱلْحَقُّ – अल हक़्क़ – जो सबसे सच्चा है / मुतलक़ सच्चाई वाला है
ٱلْوَكِيلُ – अल वकील – जो सबसे बड़ा कारसाज़ है / जो हर मामले को निपटाने वाला है
ٱلْقَوِيُّ – अल क़वियय – जो सबसे ताकतवाला और मजबूत है
ٱلْمَتِينُ – अल मतीन – जो बेहद मजबूत साबितकदम है
ٱلْوَلِيُّ – अल वलियी – जो बन्दों को हिफाज़त देने वाला है
ٱلْحَمِيدُ – अल हमीद – जो सबसे ज्यादा तारीफ वाला है
ٱلْمُحْصِيُ – अल मुहसी – जो तमाम शुमार करने वाला है
ٱلْمُبْدِئُ – अल मुब्दी – जो इब्तिदा करने वाला है / जो शुरू करने वाला है
ٱلْمُعِيدُ – अल मुईद – जो बहाल करने वाला है
ٱلْمُحْيِى – अल मुहई – जो ज़िन्दगी देने वाला है
ٱلْمُمِيتُ – अल मुमीत – जो मौत देने वाला / जो तबाह करने वाला है
ٱلْحَىُّ – अल हय्य – जो हमेशा ज़िंदा रहने वाला है
ٱلْقَيُّومُ – अल क़य्यूम – जो बरकरार रखने वाला है
ٱلْوَاجِدُ – अल वाजिद – जो सब पाने वाला है
ٱلْمَاجِدُ – अल माजिद – जो बुलंद शान वाला है / जो अज़मत वाला है
ٱلْوَاحِدُ – अल वाहिद – जो एक है
ٱلْأَحَد – अल अहद – जो सिर्फ एक है
ٱلْصَّمَدُ – अस समद – जो बेनियाज़ और जरूरतों को पूरा करने वाला है
ٱلْقَادِرُ – अल क़ादिर – जो तमाम ताक़तों वाला है
ٱلْمُقْتَدِرُ – अल मुक़्तदिर – जो खूब कुव्वत वाला है / जो इक़्तेदार वाला है
ٱلْمُقَدِّمُ – अल मुक़द्दीम – जो आगे बढ़ाने वाला है
ٱلْمُؤَخِّرُ – अल मुअख्खिर – जो पीछे हटाने वाला है
ٱلأَوَّلُ – अल अव्वल – जो पहला है
ٱلْآخِرُ – अल आखिर – जो आखिरी है
ٱلْظَّاهِرُ – अज़ज़ाहिर – जो ज़ाहिर है
ٱلْبَاطِنُ – अल बातिन – जो पोशीदा है और पोशीदा की खबर रखने वाला है
ٱلْوَالِي – अल वली – जो निगहबान है
ٱلْمُتَعَالِي – अल मुताली – जो सबसे बुलंद और बरतर है
ٱلْبَرُّ – अल बर्र – जो सबसे अच्छा सुलूक करने वाला है
ٱلْتَّوَّابُ – अत तव्वाब – तौबा की तौफीक देने और कुबूल करने वाला
ٱلْمُنْتَقِمُ – अल मुन्तक़िम – इन्तेक़ाम लेने वाला
ٱلْعَفُوُّ – अल अफुव्व – बहुत ज्यादा माफ़ करने वाला
ٱلْرَّؤُفُ – अर रऊफ – जो सबसे ज्यादा मेहरबान है
مَالِكُ ٱلْمُلْكُ – मालिक उल मुल्क – जो तमाम बादशाहत और सल्तनतों का मालिक है
ذُو ٱلْجَلَالِ وَٱلْإِكْرَامُ – ज़ुल जलाली वल इकराम – जलालो इज़्ज़त का मालिक , अज़मत और सखावत का मालिक
ٱلْمُقْسِطُ – अल मुक्सित – अदलो इन्साफ करने वाला
ٱلْجَامِعُ – अल जामी – जमा या इकट्ठा करने वाला
ٱلْغَنيُّ – अल गनिययु – जो बेहद मुक़म्मल और दौलत वाला है / जिसे कोई परवाह नहीं, जो बेनियाश है
ٱلْمُغْنِيُّ – अल मुघनी – बेनियाज़ करने वाला / दौलत अता करने वाला
ٱلْمَانِعُ – अल मनि – रोक रखने वाला / मना करने वाला
ٱلْضَّارُ – अद्धार – नुक्सान पहुंचाने की क़ुदरत रखने वाला
ٱلْنَّافِعُ – अन नफ़ी – एहसान करने वाला / मोहसिन
ٱلْنُّورُ – अन नूर – जो नूर वाला है
ٱلْهَادِي – अल हादी – जो रहनुमाई करने वाला है / जो रास्ता दिखाने वाला है
ٱلْبَدِيعُ – अल बदी – बेमिसाल चीज़े पैदा करने वाला
ٱلْبَاقِي – अल बाक़ी – हमेशा हमेशा बाकी रहने वाला
ٱلْوَارِثُ – अल वारिस – जो हर चीज़ पर हक़ रखता है
ٱلْرَّشِيدُ – अर रशीद – जो सिखाने वाला है
ٱلْصَّبُورُ – अस सबूर – जो खूब सब्र वाला है
अल्लाह के नामों की फज़ीलत
अल्लाह सुब्हानवा तआला के खूबसूरत नामों को जानना और उनके ज़रिए दुआ करना मुसलमान के लिए अहम है। कुरआन और हदीस में अल्लाह के नामों और उन्हें पुकारने की हिदायत मिलती है।
1. कुरआन में अल्लाह के खूबसूरत नाम
अल्लाह सुब्हानवातआला फरमाते है-
وَلِلَّهِ الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ فَادْعُوهُ بِهَا
हिंदी मतलब- और अल्लाह ही के लिए सबसे अच्छे नाम हैं, इसलिए उसे उन्हीं नामों के ज़रिए पुकारो।
हवाला- सूरह अल-आराफ़, 7:180
इस आयत से पता चलता है कि अल्लाह को उसके खूबसूरत नामों के ज़रिए पुकारना जायज़ और मशरूअ है।
2. 99 नामों वाली हदीस
हज़रत अबू हुरैरा रदिअल्लाहु ताला अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फरमाया –
“अल्लाह के 99 नाम हैं, यानी सौ में से एक कम। जिसने उन्हें याद रखा, वह जन्नत में दाखिल होगा।”
हवाला – सहीह अल-बुखारी, हदीस 7392; सहीह मुस्लिम, हदीस 2677 के संदर्भ में भी यह रिवायत मशहूर है।
इस हदीस में 99 नामों की फज़ीलत बयान हुई है। उलमा ने “अह्साहा” के मतलब में नामों को याद करना, समझना और उनके मुताबिक अमल करने जैसी तशरीह की है।
3. क्या अल्लाह के नाम सिर्फ 99 हैं?
इस बारे में उलमा ने वज़ाहत की है कि 99 नामों वाली हदीस का मतलब यह नहीं कि अल्लाह तआला के कुल नाम सिर्फ 99 ही हैं। अल्लाह के और भी नाम और सिफात कुरआन व सुन्नत में मिलती हैं।
इसलिए 99 नामों को सीखना फज़ीलत का काम है, लेकिन अल्लाह तआला के नामों को सिर्फ इस संख्या तक सीमित समझना सही नहीं।
अल्लाह के नामों को याद करने और समझने का तरीका
अल्लाह के नामों को सीखने के लिए आप नीचे दिए गए आसान तरीकों पर अमल कर सकते हैं।
1. रोज़ कुछ नाम याद करें
एक दिन में 3 से 5 नाम याद करें। उनके अरबी नाम, हिंदी पढ़ने का तरीका और मतलब समझें। जल्दबाज़ी के बजाय लगातार सीखने की कोशिश करें।
2. नामों के मतलब पर गौर करें
जब आप “अर-रहमान” पढ़ें तो अल्लाह की रहमत के बारे में सोचें। “अल-अलीम” पढ़ते समय अल्लाह के मुकम्मल इल्म को याद करें।
इस तरह नाम सिर्फ ज़बान से पढ़ने के बजाय दिल और समझ के साथ सीखने का ज़रिया बन सकते हैं।
3. दुआ में अल्लाह के नामों का इस्तेमाल करें
कुरआन में अल्लाह को उसके खूबसूरत नामों के ज़रिए पुकारने की हिदायत दी गई है।
मिसाल के तौर पर –
يَا رَحْمَٰنُ ارْحَمْنِي
हिंदी पढ़ने का तरीका- या रहमानु इरहमनी।
आसान मतलब- ऐ बहुत मेहरबान, मुझ पर रहम फरमा।
दुआ के अल्फाज़ और उनके इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद दुआ की किताबों और उलमा से रहनुमाई लेना बेहतर है।
4. सिर्फ गिनती पर ध्यान न दें
अल्लाह के नामों को सीखने का मकसद सिर्फ 99 नाम पूरे करना नहीं है। उनके मतलब को समझना, अल्लाह की अज़मत को पहचानना और अपनी ज़िंदगी में ईमान व अच्छे अमल को बढ़ाना भी अहम है।
5. भरोसेमंद किताबों से सीखें
अल्लाह के नामों की तशरीह पढ़ते समय कुरआन, सहीह हदीस और भरोसेमंद उलमा की किताबों को तरजीह दें। हर नाम के मतलब को सिर्फ इंटरनेट पर मिलने वाली किसी भी सूची से तय न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. अल्लाह के 99 नाम क्या हैं?
अल्लाह के 99 नामों को अस्मा-उल-हुस्ना कहा जाता है। ये अल्लाह सुब्हानवातआला की खूबसूरत सिफात और अज़मत को समझने का ज़रिया हैं। इस लेख में एक मशहूर 99 नामों की सूची, उनके अरबी नाम और आसान हिंदी मतलब दिए गए हैं।
2. क्या अल्लाह के नाम सिर्फ 99 हैं?
नहीं, 99 नामों वाली हदीस का मतलब यह नहीं कि अल्लाह के कुल नाम सिर्फ 99 हैं। उलमा ने वज़ाहत की है कि अल्लाह के और भी नाम हैं। 99 नामों को सीखने की खास फज़ीलत हदीस में बयान हुई है।
3. अस्मा-उल-हुस्ना पढ़ने की क्या फज़ीलत है?
अल्लाह के नामों को सीखना, समझना और उनके ज़रिए दुआ करना नेक काम है। सहीह हदीस में 99 नामों को याद रखने और जन्नत की फज़ीलत का ज़िक्र मिलता है। इस फज़ीलत को समझते हुए नामों के मतलब और उनके मुताबिक अमल पर भी ध्यान देना चाहिए।
4. क्या अल्लाह के नामों को हिंदी में पढ़ सकते हैं?
हां, हिंदी में पढ़ने का तरीका सीखना अरबी उच्चारण समझने में मदद कर सकता है। लेकिन अरबी नामों का सही उच्चारण सीखने के लिए अरबी पाठ और किसी जानकार उस्ताद की मदद लेना बेहतर है।
5. अल्लाह के नामों को याद करने का आसान तरीका क्या है?
रोज़ 3 से 5 नाम पढ़ें, उनके मतलब समझें और पिछले नामों को दोहराएं। आप एक कॉपी में अरबी नाम, हिंदी पढ़ने का तरीका और मतलब लिखकर भी याद कर सकते हैं।
हवाले और रेफरेंस
- कुरआन- सूरह अल-आराफ़, 7:180 — अल्लाह के खूबसूरत नामों का ज़िक्र।
- सहीह अल-बुखारी- हदीस 7392 — अल्लाह के 99 नामों की फज़ीलत।
- सहीह मुस्लिम- हदीस 2677 — 99 नामों वाली रिवायत।
- कुरआन- सूरह ताहा, 20:8 — अल्लाह के खूबसूरत नामों का ज़िक्र।
जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे – आमीन ।
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