आंधी और तूफान से हिफाज़त की 5 असरदार दुआएँ : तेज़ हवा, गरज और बिजली से बचाव

तेज़ आंधी और तूफान के वक्त पढ़ें ये दुआएँ। जानिए अरबी, हिंदी में पढ़ने का तरीका, Hinglish, हिंदी और English में मतलब, और क़ुरआन व सहीह हदीस के हवाले।
आंधी और तूफान की दुआ Aandhi Toofan Se Hifazat Ki Dua
जब तेज़ हवा चलने लगे, आसमान पर काले बादल छा जाएँ या तूफान आने का अंदेशा हो, तो एक मुसलमान को अल्लाह सुब्हानवा तआला से रहमत और हिफाज़त की दुआ करनी चाहिए।
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से तेज़ हवा के वक्त अल्लाह सुब्हानवा तआला से उसकी भलाई माँगने और उसके शर से पनाह माँगने की दुआ साबित है। यह दुआ सहीह मुस्लिम में दर्ज है।
1. तेज़ हवा की मस्नून दुआ
अरबी दुआ-
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا، وَخَيْرَ مَا فِيهَا، وَخَيْرَ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا، وَشَرِّ مَا فِيهَا، وَشَرِّ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका खैरहा, व खैरा मा फीहा, व खैरा मा उर्सिलत बिही, व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा, व शर्रि मा फीहा, व शर्रि मा उर्सिलत बिही।
Hinglish-
Allahumma inni as’aluka khairaha, wa khaira ma feeha, wa khaira ma ursilat bihi, wa a’udhu bika min sharriha, wa sharri ma feeha, wa sharri ma ursilat bihi.
हिंदी में मतलब-
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इस हवा की भलाई माँगता हूँ, और उस भलाई की भी जो इसमें है, और उस भलाई की भी जिसके साथ इसे भेजा गया है। और मैं इस हवा के शर से, इसके अंदर मौजूद शर से और जिस शर के साथ इसे भेजा गया है, उससे तेरी पनाह माँगता हूँ।
English Meaning-
O Allah, I ask You for the good of this wind, the good contained in it, and the good for which it has been sent. I seek refuge in You from its evil, the evil contained in it, and the evil for which it has been sent.
हदीस का हवाला- सहीह मुस्लिम, हदीस 899b। हज़रत आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा ने बयान किया कि जब तेज़ हवा चलती, तो नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम यह दुआ पढ़ते थे।
यह तेज़ हवा और आंधी के वक्त पढ़ने के लिए सबसे अहम मस्नून दुआ है।
2. छोटी दुआ
अगर लंबी दुआ याद न हो, तो यह छोटी दुआ भी पढ़ सकते हैं।
अरबी दुआ-
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका खैरहा व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा।
Hinglish-
Allahumma inni as’aluka khairaha wa a’udhu bika min sharriha.
हिंदी में मतलब-
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इस हवा की भलाई माँगता हूँ और इसके शर से तेरी पनाह माँगता हूँ।
English Meaning-
O Allah, I ask You for its goodness and seek refuge in You from its evil.
हदीस का हवाला- सुनन अबू दाऊद, हदीस 5097 के कुछ संस्करणों में यह दुआ तेज़ हवा के बारे में बयान हुई है। इसी दुआ का हवाला हिस्नुल मुस्लिम में भी मिलता है। हदीस नंबर अलग-अलग किताबी वर्शन में अलग हो सकता है।
यह छोटी दुआ आसानी से याद की जा सकती है और तेज़ हवा के वक्त पढ़ी जा सकती है।
3. बादलों और तूफान के वक्त दुआ
जब आसमान में घने बादल दिखाई दें और तूफान का अंदेशा हो, तो अल्लाह सुब्हानवा तआला से उसके शर से पनाह माँगना चाहिए।
अरबी दुआ-
اللَّهُمَّ إِنَّا نَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا أُرْسِلَ بِهِ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहुम्मा इन्ना नऊज़ु बिका मिन शर्रि मा उर्सिला बिही।
Hinglish-
Allahumma inna na’udhu bika min sharri ma ursila bihi.
हिंदी में मतलब-
ऐ अल्लाह! जिस चीज़ के साथ यह भेजा गया है, उसके शर से हम तेरी पनाह माँगते हैं।
English Meaning-
O Allah, we seek refuge in You from the evil of that with which it has been sent.
हदीस का हवाला- सुनन इब्न माजा, हदीस 3889; इस दुआ का उल्लेख एक लंबी रिवायत के हिस्से के तौर पर मिलता है। इसकी सनद की ग्रेडिंग के बारे में अहले-इल्म की तहकीक देखना बेहतर है।
इस दुआ को पढ़ते हुए अल्लाह तआला से रहमत, आफियत और हर तरह की मुसीबत से हिफाज़त माँगें।
4. गरज और बिजली के वक्त दुआ
बादलों की गरज और बिजली कुदरत की निशानियों में से हैं। ऐसे वक्त अल्लाह तआला का ज़िक्र करना और उससे हिफाज़त माँगना अच्छा अमल है।
अरबी दुआ-
سُبْحَانَ الَّذِي يُسَبِّحُ الرَّعْدُ بِحَمْدِهِ وَالْمَلَائِكَةُ مِنْ خِيفَتِهِ
हिंदी में पढ़ें-
सुब्हानल्लज़ी युसब्बिहुर रअदु बिहम्दिही वल-मलाइकतु मिन खीफतिही।
Hinglish-
Subhanalladhi yusabbihur ra’du bihamdihi wal-mala’ikatu min kheefatihi.
हिंदी में मतलब-
पाक है वह अल्लाह जिसकी हम्द के साथ गरज उसकी तस्बीह करती है और फ़रिश्ते भी उसके खौफ से उसकी तस्बीह करते हैं।
English Meaning-
Glory be to the One whom the thunder glorifies with His praise, and the angels glorify out of awe of Him.
हवाला- क़ुरआन, सूरह अर-रअद 13:13 में बताया गया है कि गरज अल्लाह की हम्द के साथ उसकी तस्बीह करती है और फ़रिश्ते भी उसके खौफ से तस्बीह करते हैं। ऊपर दिए गए लफ़्ज़ हज़रत अब्दुल्लाह इब्नुज़ जुबैर रज़ियल्लाहु अन्हु से मंसूब अमल के तौर पर मुवत्ता इमाम मालिक और अल-अदबुल मुफ़रद में बयान हुए हैं।
ज़रूरी बात- इस पूरे अरबी जुमले को नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित सहीह हदीस की दुआ कहकर पेश न करें। क़ुरआन की आयत का मज़मून और सहाबी से मंसूब अमल अलग बातें हैं।
5. अल्लाह से आफियत की दुआ
तूफान के वक्त अपनी ज़बान में भी अल्लाह सुब्हानवा तआला से दुआ की जा सकती है। आप यह दुआ कर सकते हैं-
अरबी दुआ-
اللَّهُمَّ سَلِّمْنَا وَاحْفَظْنَا مِنْ كُلِّ سُوءٍ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहुम्मा सल्लिमना वहफज़ना मिन कुल्लि सूइन।
Hinglish-
Allahumma sallimna wahfazna min kulli soo’.
हिंदी में मतलब-
ऐ अल्लाह! हमें सलामती अता फ़रमा और हर बुराई से हमारी हिफाज़त फ़रमा।
English Meaning-
O Allah, grant us safety and protect us from every harm.
हवाला- यह आम दुआ के तौर पर लिखे गए अल्फ़ाज़ हैं। इसे नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित खास मस्नून दुआ या किसी खास हदीस के शब्द न समझें।
क़ुरआन में आंधी और तूफान का ज़िक्र
क़ुरआन मजीद में हवा और तूफान का ज़िक्र कई जगह आया है। सूरह अल-अहक़ाफ़ में क़ौम-ए-आद का वाक़िआ बयान किया गया है।
सूरह अल-अहक़ाफ़, आयत 24–25
इन आयतों में बताया गया है कि जब क़ौम-ए-आद ने अपनी वादी की तरफ़ बादल आते देखे, तो उन्होंने समझा कि यह बारिश लाने वाला बादल है। लेकिन वह एक ऐसी तेज़ हवा थी जिसमें दर्दनाक अज़ाब था, और वह अल्लाह के हुक्म से तबाही का सबब बनी।
इस वाक़िए से सबक मिलता है कि हर घना बादल नुकसानदेह नहीं होता और न ही हर तूफान को अज़ाब कहना सही है। बारिश रहमत भी है। हमें अल्लाह की कुदरत को याद करते हुए उससे रहमत और आफियत माँगनी चाहिए।
सहीह हदीस में तूफान का वाक़िआ
हज़रत आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा बयान करती हैं कि जब तेज़ हवा या घने बादल आते, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम के चेहरे पर फिक्र दिखाई देती थी। जब बारिश होती, तो आप रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम खुश होते और आपकी फिक्र दूर हो जाती।
जब उन्होंने इसकी वजह पूछी, तो नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने बताया कि आपको डर था कि कहीं यह आपकी उम्मत पर आने वाली मुसीबत न हो। बारिश होने पर आप उसे अल्लाह की रहमत कहते थे।
हदीस का हवाला- सहीह मुस्लिम 899a–899c।
इससे मालूम होता है कि तेज़ हवा और घने बादलों के वक्त अल्लाह को याद करना, दुआ करना और उससे रहमत माँगना सुन्नत के मुताबिक़ है।
आंधी की दुआ पढ़ने की फ़ज़ीलत
आंधी और तूफान के वक्त दुआ करने के कई अहम फ़ायदे हैं-
- अल्लाह से मदद- बंदा अपनी कमज़ोरी मानकर अल्लाह तआला से मदद और हिफाज़त माँगता है।
- सुन्नत पर अमल- तेज़ हवा के वक्त नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित दुआ पढ़ने का मौका मिलता है।
- दिल को सुकून- दुआ से इंसान को अल्लाह पर भरोसा रखने और घबराहट कम करने में मदद मिल सकती है।
- रहमत की उम्मीद- हम अल्लाह से हवा की भलाई, बारिश की रहमत और नुकसान से पनाह माँगते हैं।
- अल्लाह की याद- मुश्किल हालात में भी ज़िक्र और दुआ की आदत मज़बूत होती है।
ध्यान रहे, किसी दुआ को पढ़ने से तूफान का नुकसान निश्चित रूप से रुक जाने की गारंटी देना सही नहीं। दुआ के साथ एहतियात और सुरक्षित रहने के ज़रूरी कदम भी अपनाने चाहिए।
तूफान में क्या एहतियात करें?
दुआ के साथ अपनी और अपने घरवालों की हिफाज़त के लिए ये कदम भी अपनाएँ-
- मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें।
- तेज़ हवा में घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें।
- पेड़, बिजली के खंभों और कमज़ोर दीवारों के पास खड़े न हों।
- बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान, छत या पानी के पास न रहें।
- बिजली के तार गिरने या पानी भरने की स्थिति में सुरक्षित जगह पर जाएँ और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
इस्लाम में तवक्कुल का मतलब अल्लाह पर भरोसा करने के साथ जायज़ एहतियात अपनाना भी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. आंधी और तूफान आने पर कौन-सी दुआ पढ़ें?
तेज़ हवा के वक्त यह दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका खैरहा, व खैरा मा फीहा, व खैरा मा उर्सिलत बिही, व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा, व शर्रि मा फीहा, व शर्रि मा उर्सिलत बिही।” यह दुआ सहीह मुस्लिम 899b में दर्ज है।
2. तेज़ आंधी की छोटी दुआ क्या है?
“अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका खैरहा व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा।” इसका मतलब है: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इस हवा की भलाई माँगता हूँ और इसके शर से तेरी पनाह माँगता हूँ।
3. क्या तूफान के वक्त दुआ पढ़ना सुन्नत है?
जी हाँ, तेज़ हवा के वक्त भलाई माँगना और उसके शर से अल्लाह की पनाह माँगना नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की सुन्नत से साबित है। इसका हवाला सहीह मुस्लिम 899 में मिलता है।
4. क्या गरज और बिजली के वक्त भी दुआ कर सकते हैं?
जी हाँ, आप अल्लाह तआला का ज़िक्र कर सकते हैं और अपनी हिफाज़त के लिए दुआ माँग सकते हैं। गरज के बारे में सूरह अर-रअद 13:13 में अल्लाह की तस्बीह का ज़िक्र है। किसी खास दुआ को सुन्नत कहने से पहले उसकी हदीस की प्रामाणिकता देखनी चाहिए।
5. क्या आंधी की दुआ पढ़ने से तूफान का नुकसान नहीं होगा?
दुआ अल्लाह से मदद और हिफाज़त माँगने का ज़रिया है, लेकिन किसी खास नतीजे की गारंटी नहीं दी जा सकती। दुआ के साथ मौसम की चेतावनी मानें और सुरक्षित जगह पर रहें।
नतीजा
आंधी और तूफान के वक्त सबसे अहम बात यह है कि हम अल्लाह सुब्हानवा तआला से उसकी रहमत, भलाई और नुकसान से हिफाज़त माँगें। तेज़ हवा के लिए सहीह हदीस में बयान की गई दुआ याद करें और अपने घरवालों को भी सिखाएँ।
अल्लाह सुब्हानवा तआला हम सबको हर तरह की आफत, मुसीबत और नुकसान से महफूज़ रखे। आमीन।
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