अज़ान हिंदी में Azan in Hindi

Azan in Hindi- अज़ान इस्लाम की एक अहम निशानी है, जिसके ज़रिए मुसलमानों को नमाज़ के लिए बुलाया जाता है। बहुत से लोग अज़ान हिंदी में, पूरी Azan in Hindi या अज़ान का तर्जुमा खोजते हैं ताकि वे अज़ान के अल्फ़ाज़ सही तरीके से पढ़ सकें और उनके मायने समझ सकें।
इस मज़मून में आपको पूरी अज़ान Arabic में, हिंदी में पढ़ने का तरीका, Hinglish pronunciation और हिंदी मायनों के साथ मिलेगी। साथ ही आप फज्र की अज़ान, अज़ान का जवाब और अज़ान के बाद क्या पढ़ना चाहिए जैसी अहम मालूमात भी जानेंगे।
पूरी अज़ान हिंदी में
अज़ान के अल्फ़ाज़ इस तरह हैं:
1. اللّٰهُ أَكْبَرُ اللّٰهُ أَكْبَرُ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
Hinglish-
Allahu Akbar, Allahu Akbar
मायने-
अल्लाह सबसे बड़ा है।
2. اللّٰهُ أَكْبَرُ اللّٰهُ أَكْبَرُ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
Hinglish-
Allahu Akbar, Allahu Akbar
मायने-
अल्लाह सबसे बड़ा है।
3. أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ
हिंदी में पढ़ें-
अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाह
Hinglish-
Ashhadu Alla Ilaha Illallah
मायने-
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है।
4. أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ
हिंदी में पढ़ें-
अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाह
Hinglish-
Ashhadu Alla Ilaha Illallah
मायने-
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है।
5. أَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللّٰهِ
हिंदी में पढ़ें-
अश्हदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
Hinglish-
Ashhadu Anna Muhammadar Rasulullah
मायने-
मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं।
6. أَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللّٰهِ
हिंदी में पढ़ें-
अश्हदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
Hinglish-
Ashhadu Anna Muhammadar Rasulullah
मायने-
मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं।
7. حَيَّ عَلَى الصَّلَاةِ
हिंदी में पढ़ें-
हय्या अलस्सलाह
Hinglish-
Hayya ‘Alas-Salah
मायने-
नमाज़ की तरफ़ आओ।
8. حَيَّ عَلَى الصَّلَاةِ
हिंदी में पढ़ें-
हय्या अलस्सलाह
Hinglish-
Hayya ‘Alas-Salah
मायने-
नमाज़ की तरफ़ आओ।
9. حَيَّ عَلَى الْفَلَاحِ
हिंदी में पढ़ें-
हय्या अलल फ़लाह
Hinglish-
Hayya ‘Alal-Falah
मायने-
कामयाबी की तरफ़ आओ।
10. حَيَّ عَلَى الْفَلَاحِ
हिंदी में पढ़ें-
हय्या अलल फ़लाह
Hinglish-
Hayya ‘Alal-Falah
मायने-
कामयाबी की तरफ़ आओ।
11. اللّٰهُ أَكْبَرُ اللّٰهُ أَكْبَرُ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
Hinglish-
Allahu Akbar, Allahu Akbar
मायने-
अल्लाह सबसे बड़ा है।
12. لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ
हिंदी में पढ़ें-
ला इलाहा इल्लल्लाह
Hinglish-
La Ilaha Illallah
मायने-
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है।
अज़ान क्या है?
अज़ान मुसलमानों को नमाज़ के लिए बुलाने का तरीका है। इसमें सबसे पहले अल्लाह की बड़ाई बयान की जाती है, फिर उसकी वहदानियत यानी एक होने की गवाही दी जाती है और इसके बाद हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम के अल्लाह के रसूल होने की गवाही दी जाती है।
अज़ान मुसलमानों को यह याद दिलाती है कि दुनिया के कामों से बढ़कर अल्लाह की इबादत और नमाज़ अहम है।
सहीह अल-बुख़ारी में अज़ान के शुरू होने से जुड़ी रिवायत मौजूद है कि मदीना में नमाज़ के समय लोगों को जमा करने के तरीके पर मशवरा हुआ और बाद में हज़रत बिलाल रदिअल्लाहु ताला अन्हु को नमाज़ के लिए पुकारने का हुक्म दिया गया।
अज़ान दिन में कितनी बार होती है?
मुसलमानों की पाँच फ़र्ज़ नमाज़ें हैं और आम तौर पर हर नमाज़ के लिए अज़ान दी जाती है।
- फज्र
- ज़ुहर
- असर
- मगरिब
- इशा
इन अज़ानों के ज़रिए मुसलमानों को नमाज़ के वक्त की खबर दी जाती है और उन्हें जमाअत तथा इबादत की तरफ़ बुलाया जाता है।
फज्र की अज़ान हिंदी में
फज्र की अज़ान में आम अज़ान के अल्फ़ाज़ के साथ एक मशहूर एक्स्ट्रा जुमला कहा जाता है-
الصَّلَاةُ خَيْرٌ مِنَ النَّوْمِ
हिंदी में पढ़ें-
अस्सलातु खैरुम मिनन नौम
Hinglish-
As-Salatu Khayrun Minan-Nawm
मायने-
नमाज़ नींद से बेहतर है।
यह जुमला फज्र की अज़ान से जुड़ा हुआ है और सुबह की नमाज़ की अहमियत की याद दिलाता है।
अज़ान के अल्फ़ाज़ का पैग़ाम
अज़ान केवल नमाज़ का ऐलान नहीं है, बल्कि इसमें इस्लाम का बहुत अहम पैग़ाम मौजूद है।
अल्लाहु अकबर
यह हमें याद दिलाता है कि अल्लाह हर चीज़ से बड़ा और सबसे अज़ीम है।
ला इलाहा इल्लल्लाह
यह तौहीद यानी अल्लाह के एक होने और केवल उसी की इबादत करने का ऐलान है।
मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं
यह इस बात की गवाही है कि हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम अल्लाह के आख़िरी रसूल हैं।
नमाज़ की तरफ़ आओ
यह मुसलमानों को दुनिया की मशगूलियत से निकलकर अल्लाह की इबादत की तरफ़ बुलाता है।
कामयाबी की तरफ़ आओ
इस्लाम में असली कामयाबी सिर्फ़ दुनिया की कामयाबी नहीं बल्कि अल्लाह की रज़ामंदी और आख़िरत की कामयाबी है।
अज़ान का जवाब कैसे दें?
अज़ान सुनने वाले के लिए सुन्नत है कि वह मुअज़्ज़िन के अल्फ़ाज़ का जवाब दे।
आम तौर पर मुअज़्ज़िन जो कहे, उसे दोहराया जाता है।
लेकिन जब मुअज़्ज़िन कहे-
हय्या अलस्सलाह
या
हय्या अलल फ़लाह
तो सुनने वाला पढ़ता है-
لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ
हिंदी में पढ़ें-
ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह
Hinglish-
La Hawla Wa La Quwwata Illa Billah
मायने-
अल्लाह के बिना न कोई ताक़त है और न कोई क़ुव्वत।
अज़ान का जवाब देने के बारे में सहीह हदीसों में मुअज़्ज़िन के साथ अल्फ़ाज़ दोहराने का ज़िक्र मिलता है, जबकि हय्या अलस्सलाह और हय्या अलल फ़लाह के जवाब में “ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह” पढ़ने का ज़िक्र है।
अज़ान के बाद क्या पढ़ें?
अज़ान खत्म होने के बाद नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर दरूद भेजना और अज़ान के बाद की मस्नून दुआ पढ़ना सुन्नत अमल है।
आप पूरी दुआ यहाँ पढ़ सकते हैं-
अज़ान के बाद की दुआ – Arabic, हिंदी और Hinglish में
अज़ान की शुरुआत कैसे हुई?
इस्लाम के शुरुआती दौर में मुसलमानों को नमाज़ के वक्त जमा करने के लिए किसी तय तरीके का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। मदीना आने के बाद सहाबा ने इस बात पर मशवरा किया कि लोगों को नमाज़ के लिए किस तरह बुलाया जाए।
कुछ लोगों ने घंटी और कुछ ने दूसरी निशानियों का मशवरा दिया। आखिरकार लोगों को नमाज़ के लिए आवाज़ देकर बुलाने का तरीका अपनाया गया और हज़रत बिलाल रदिअल्लाहु ताला अन्हु को अज़ान देने का हुक्म दिया गया। सहीह अल-बुख़ारी में अज़ान की शुरुआत से संबंधित रिवायत मौजूद है।
अज़ान की अहमियत
अज़ान की इस्लाम में बहुत अहमियत है क्योंकि-
- यह मुसलमानों को नमाज़ की तरफ़ बुलाती है।
- इसमें अल्लाह की बड़ाई बयान होती है।
- इसमें तौहीद की गवाही होती है।
- इसमें हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की रिसालत की गवाही होती है।
- यह दिन में कई बार मुसलमानों को अल्लाह की याद दिलाती है।
अज़ान की अलग-अलग सही और साबित रिवायतें भी मौजूद हैं, इसलिए कुछ जगहों पर अज़ान के तरीके में मामूली फर्क दिखाई दे सकता है।
अज़ान सुनते समय क्या करना चाहिए?
जब आप अज़ान सुनें तो कोशिश करें कि ध्यान से सुनें और मुअज़्ज़िन के साथ जवाब दें।
नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की तालीम के मुताबिक़ अज़ान सुनने पर मुअज़्ज़िन के कहे हुए अल्फ़ाज़ दोहराने की हिदायत मिलती है।
इसके बाद आप नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर दरूद भेज सकते हैं और अज़ान के बाद की मस्नून दुआ पढ़ सकते हैं।
अज़ान से जुड़ी अहम बात
अज़ान के अलग-अलग प्रमाणित तरीक़े हदीसों में रिवायत हुए हैं। इसलिए अलग-अलग इलाकों या मस्लकों में अज़ान के कुछ अल्फ़ाज़ की repetition में मामूली फर्क दिखाई दे सकता है।
मुसलमानों को इस तरह के मामूली फर्क को समझदारी के साथ देखना चाहिए और authentic Islamic knowledge के लिए भरोसेमंद Quran और Sahih Hadith references की तरफ़ रुख करना चाहिए।
Azan in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. अज़ान हिंदी में कैसे पढ़ें?
अज़ान को हिंदी में उसके उच्चारण के अनुसार पढ़ा जा सकता है, जैसे “अल्लाहु अकबर” और “अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाह।” सही pronunciation समझने के लिए Arabic text के साथ हिंदी में पढ़ने का तरीका देखना बेहतर है।
2. अज़ान दिन में कितनी बार होती है?
आम तौर पर पाँचों फ़र्ज़ नमाज़ों—फज्र, ज़ुहर, असर, मगरिब और इशा—के लिए अज़ान दी जाती है।
3. फज्र की अज़ान में क्या अलग होता है?
फज्र की अज़ान में अस्सलातु खैरुम मिनन नौम कहा जाता है, जिसका मायने है कि नमाज़ नींद से बेहतर है।
4. अज़ान का जवाब कैसे दिया जाता है?
आम तौर पर मुअज़्ज़िन के अल्फ़ाज़ दोहराए जाते हैं। “हय्या अलस्सलाह” और “हय्या अलल फ़लाह” के जवाब में “ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह” पढ़ा जाता है।
5. अज़ान का मतलब क्या है?
अज़ान मुसलमानों को नमाज़ की तरफ़ बुलाने का ऐलान है। इसके अल्फ़ाज़ में अल्लाह की बड़ाई, उसकी वहदानियत और हज़रत मुहम्मद ﷺ की रिसालत की गवाही शामिल है।
6. अज़ान के बाद क्या पढ़ना चाहिए?
अज़ान के बाद नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम पर दरूद भेजने और मस्नून दुआ पढ़ने की तालीम मिलती है। अज़ान के बाद की पूरी दुआ अलग से Arabic, हिंदी और Hinglish में पढ़ी जा सकती है।
7. क्या अज़ान के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं?
हदीसों में अज़ान के एक से अधिक प्रमाणित तरीके रिवायत हुए हैं। इसलिए कुछ जगहों पर मामूली फर्क दिखाई दे सकता है, जबकि प्रमाणित तरीक़े सही हो सकते हैं।
आखिर में
Azan in Hindi जानना केवल अज़ान के अल्फ़ाज़ याद करने तक सीमित नहीं है। अज़ान हमें दिन में कई बार अल्लाह की तरफ़ रुख करने, नमाज़ कायम करने और असली कामयाबी की तरफ़ आने की याद दिलाती है।
उम्मीद है कि इस लेख में दी गई पूरी अज़ान हिंदी में, Arabic text, Hinglish pronunciation और मायनों से आपको अज़ान को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली होगी।
अल्लाह हमें नमाज़ की पाबंदी करने और सही तरीके से अपनी इबादत करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
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