Gelatin Halal or Haram in Islam Hindi
जिलेटिन क्या होता है?
जिलेटिन (Gelatin) एक प्रोटीन है, जो आम तौर पर जानवरों की हड्डियों, खाल और दूसरे टिश्यू में मौजूद कोलेजन (Collagen) से तैयार किया जाता है। इसका इस्तेमाल खाने-पीने की चीज़ों, मिठाइयों, जेली, कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स और दवाइयों के कैप्सूल में किया जाता है।

जिलेटिन का इस्तेमाल बढ़ने की वजह से मुसलमानों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला जानवर और उसकी तैयारी का तरीका क्या है।
इस्लाम में किसी भी खाने की चीज़ का हलाल या हराम होना उसके हासिल करने के जरिये और शरई हुक्म पर निर्भर करता है। इसलिए हर जिलेटिन को एक ही हुक्म देना सही नहीं है।
जिलेटिन हलाल है या हराम?
जिलेटिन का हुक्म उसके हासिल करने के जरिये पर निर्भर करता है।
- हलाल जानवर से बना जिलेटिन- अगर गाय या दूसरे हलाल जानवर से जिलेटिन बनाया गया है और जानवर को शरई तरीके से ज़बह किया गया है, तो आम तौर पर यह हलाल है।
- पोर्क जिलेटिन- सूअर की खाल या हड्डियों से बना जिलेटिन बहुत से उलमा के नज़दीक हराम है।
- फिश जिलेटिन- मछली से तैयार जिलेटिन आम तौर पर हलाल माना जाता है, बशर्ते इसमें कोई हराम या नापाक चीज़ शामिल न हो।
- नामालूम जरिये से मिला जिलेटिन: अगर पैकेट पर केवल Gelatin लिखा है और स्रोत मालूम नहीं है, तो उसकी मालूमात करना बेहतर है।
इस मसले में कुछ उलमा के बीच इस्तिहाला (किसी चीज़ की असलियत का पूरी तरह बदल जाना) को लेकर इख़्तिलाफ़ पाया जाता है। इसलिए हर जरिये और हासिल करने के तरीके को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
जिलेटिन हासिल करने के तरीके
जिलेटिन खाश तौर से इन जरियों से तैयार किया जाता है –
1. बीफ जिलेटिन
बीफ जिलेटिन गाय की खाल या हड्डियों से बनाया जा सकता है। अगर गाय हलाल जानवर हो और उसे शरई तरीके से ज़बह किया गया हो, तो इससे तैयार जिलेटिन हलाल हो सकता है।
सिर्फ़ Beef या Bovine लिखे होने से हर प्रोडक्ट के हलाल होने की पूरी मालूमात नहीं होती। ज़बह और हासिल करने में इस्तेमाल होने वाले दूसरी चीज़ो की भी जाँच ज़रूरी है।
2. पोर्क जिलेटिन
पोर्क जिलेटिन सूअर की खाल और दूसरे हिस्सों से तैयार किया जाता है।
कुरआन में अल्लाह सुब्हानवा तआला ने सूअर के गोश्त को हराम बताया है। इसी वजह से कई फ़ुक़हा और समकालीन उलमा पोर्क से बने जिलेटिन को हराम मानते हैं।
एहतियात – कुछ उलेमा इस्तिहाला के उसूल के आधार पर अलग राय रखते हैं। इस इख़्तिलाफ़ को समझना ज़रूरी है।
3. फिश जिलेटिन
फिश जिलेटिन मछली की खाल और हड्डियों से बनाया जा सकता है। यह हलाल जिलेटिन का एक विकल्प हो सकता है।
फिर भी प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाले दूसरे ingredients और हलाल सर्टिफिकेशन को देखना अच्छा रहता है।
4. प्लांट-बेस्ड विकल्प
अगर किसी प्रोडक्ट में जिलेटिन की जगह अगर-अगर (Agar-Agar), पेक्टिन (Pectin) या दूसरे पौधों से प्राप्त पदार्थ इस्तेमाल किए गए हैं, तो वे जानवरों से प्राप्त जिलेटिन नहीं होते।
इनका हलाल होना अलग ingredients और बनाने के तरीके पर निर्भर करेगा।
कुरआन में जिलेटिन का हुक्म
कुरआन में आधुनिक जिलेटिन का नाम सीधे तौर पर नहीं आया है। लेकिन अल्लाह सुब्हानवा तआला ने कुछ खाने की चीज़ों को हराम बताया है, जिनमें सूअर का गोश्त भी शामिल है।
कुरआन की आयत
सूरह अल-माइदा, आयत 3
حُرِّمَتْ عَلَيْكُمُ الْمَيْتَةُ وَالدَّمُ وَلَحْمُ الْخِنزِيرِ
हिंदी पढ़ने का तरीका-
हुर्रिमत अलैकुमुल-मैततु वद्दमू व लह्मुल-ख़िनज़ीरि।
हिंदी मतलब-
तुम पर मुर्दार, खून और सूअर का गोश्त हराम किया गया है।
English Meaning-
Forbidden to you are carrion, blood, and the flesh of swine.
हवाला – कुरआन, सूरह अल-माइदा 5:3।
यह आयत सूअर के गोश्त की मनाही को बयान करती है। जिलेटिन के मामले में यह भी देखना होता है कि वह किस जरिये से हासिल किया गया है और उस पर शरीअत के उसूल कैसे लागू होते हैं।
हदीस और इस्लामी उसूल
जिलेटिन के बारे में कोई ऐसी मशहूर और सहीह हदीस नहीं है जिसमें आधुनिक जिलेटिन का नाम लेकर सीधा हुक्म दिया गया हो। इसलिए इस मसले को समझने के लिए कुरआन के उसूल, फिक़्ह और उलमा की तहक़ीक़ का सहारा लिया जाता है।
हलाल और हराम की अहमियत
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने हलाल और हराम के बारे में एक अहम हदीस बयान फ़रमाई-
हदीस का मतलब-
हलाल साफ़ है और हराम भी साफ़ है, और इन दोनों के बीच कुछ मुश्तबहात (शक वाली) चीज़ें हैं, जिन्हें बहुत से लोग नहीं जानते।
जो शख़्स मुश्तबहात से बचता है, वह अपने दीन और इज़्ज़त को महफ़ूज़ रखता है।
हवाला – सहीह अल-बुखारी – हदीस 52, सहीह मुस्लिम – हदीस 1599।
यह हदीस हमें शक वाली चीज़ों में एहतियात करने का उसूल सिखाती है। जिलेटिन के मामले में भी हासिल करने के जरिये की जानकारी हासिल करना एक अच्छा तरीका है।
इस्तिहाला क्या है?
इस्तिहाला का मतलब है किसी पदार्थ की असलियत या माहियत का इस तरह बदल जाना कि वह एक अलग चीज़ बन जाए।
जिलेटिन के बारे में कुछ उलमा का कहना है कि बनाने के दौरान असल चीज़ में ऐसा बदलाव आ सकता है जिससे उसका हुक्म बदल जाए। दूसरी तरफ़ कई उलमा का कहना है कि जिलेटिन बनाने के तरीके में ऐसा पूरा बदलाव साबित नहीं होता जो हराम जरिये को हलाल बना दे।
इसलिए इस मसले में सभी उलेमा की एक राय नहीं है।
उलमा की अलग-अलग राय
पहली राय –
कुछ फ़ुक़हा इस्तिहाला के उसूल को मंजूर करते हैं और मानते हैं कि अगर नापाक पदार्थ की माहियत पूरी तरह बदल जाए, तो उसका हुक्म बदल सकता है।
दूसरी राय –
कई उलमा पोर्क जिलेटिन को नाजायज़ मानते हैं और कहते हैं कि आम औद्योगिक तरीके से उसमे पूरा बदलाव साबित नहीं होता।
2016 में पब्लिश एक फिक़्ही रिसर्च में जिलेटिन के बारे में अलग-अलग राय का ज़िक्र किया गया है। इसमें मक्का की एक फिक़्ही कॉन्फ्रेंस और भारत की इस्लामिक फ़िक़्ह अकादमी की राय के बीच फर्क भी बताया गया है।
इससे मालूम होता है कि जिलेटिन का मसला फिक़्ही इख़्तिलाफ़ वाला मामला है।
जिलेटिन वाले प्रोडक्ट कैसे चेक करें?
अगर आप कोई बिस्कुट, कैंडी, चॉकलेट, दवा या दूसरा प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, तो इन बातों पर ध्यान दें।
1. Ingredients पढ़ें
पैकेट पर Gelatin, Bovine Gelatin, Porcine Gelatin या Fish Gelatin लिखा है या नहीं, देखें।
2. हासिल करने के जरिये की जानकारी लें
अगर केवल Gelatin लिखा है और जरिया नहीं बताया गया है, तो कंपनी की वेबसाइट या कस्टमर केयर से जानकारी ली जा सकती है।
3. हलाल सर्टिफिकेशन देखें
अगर प्रोडक्ट पर भरोसेमंद हलाल सर्टिफिकेशन है, तो वह जानकारी लेने का एक ज़रिया हो सकता है। फिर भी सर्टिफिकेशन पर भरोसा और दायरा समझना ज़रूरी है।
4. दवाइयों के मामले में
कैप्सूल में जिलेटिन हो सकता है। अगर दवा ज़रूरी है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से हलाल या दूसरे विकल्पों के बारे में पूछें। अपनी मर्ज़ी से ज़रूरी दवा बंद न करें।
5. संदेह होने पर
अगर हासिल करने का जरिया साफ़ नहीं है और हलाल विकल्प आसानी से हासिल है, तो एहतियात के तौर पर उस विकल्प को चुन सकते हैं।
क्या हर बीफ जिलेटिन हलाल होता है?
नहीं, केवल Beef या Bovine लिखे होने से हर बीफ जिलेटिन के हलाल होने की पूरी मालूमात साबित नहीं होती।
गाय हलाल जानवर है, लेकिन जिलेटिन बनाने के लिए इस्तेमाल की गई गाय के ज़बह का तरीका और बनाने के तरीके की जानकारी भी अहम है।
इसलिए हलाल सर्टिफिकेशन या निर्माता से जरिया की मालूमात करना बेहतर है।
क्या पोर्क जिलेटिन हराम है?
बहुत से उलमा पोर्क जिलेटिन को हराम मानते हैं, क्योंकि यह सूअर की खाल या हड्डियों से हासिल होता है।
कुछ उलमा इस्तिहाला की वजह से अलग हुक्म की गुंजाइश बताते हैं। इसीलिए यह मसला फिक़्ही इख़्तिलाफ़ से जुड़ा हुआ है।
अगर हलाल जरिया से बना जिलेटिन उपलब्ध है, तो एहतियात के लिए उसे चुना जा सकता है।
जिलेटिन के हलाल विकल्प
अगर आप पोर्क जिलेटिन से बचना चाहते हैं, तो इन ओप्शन्स पर ध्यान दे सकते हैं –
- हलाल सर्टिफाइड बीफ जिलेटिन
- फिश जिलेटिन
- अगर-अगर (Agar-Agar)
- पेक्टिन (Pectin)
- दूसरे पौधों से हासिल जेल बनाने वाले पदार्थ
हर विकल्प का इस्तेमाल प्रोडक्ट के प्रकार और उसकी ज़रूरत के मुताबिक़ किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या जिलेटिन हलाल है या हराम?
जिलेटिन का हुक्म उसके हासिल करने के जरिये पर निर्भर करता है। हलाल जानवर से शरई तरीके से हासिल जिलेटिन हलाल हो सकता है, जबकि पोर्क जिलेटिन को बहुत से उलमा हराम मानते हैं।
2. क्या बीफ जिलेटिन खाना जायज़ है?
अगर बीफ जिलेटिन हलाल जानवर से शरई तरीके से तैयार किया गया है और उसमें कोई हराम ingredient नहीं है, तो इसे जायज़ माना जाता है।
3. क्या पोर्क जिलेटिन हराम है?
बहुत से उलमा के नज़दीक पोर्क जिलेटिन हराम है। कुछ उलमा इस्तिहाला के आधार पर अलग राय रखते हैं।
4. क्या फिश जिलेटिन हलाल होता है?
मछली से प्राप्त जिलेटिन आम तौर पर हलाल माना जाता है। प्रोडक्ट में मौजूद दूसरे ingredients और बनाने के तरीके की जानकारी भी देखनी चाहिए।
5. अगर जिलेटिन का जरिया मालूम न हो तो क्या करें?
पैकेट पर जानकारी देखें, निर्माता से पूछें या हलाल सर्टिफाइड विकल्प चुनें। अगर मामला दवा का है, तो डॉक्टर या योग्य आलिम से सलाह लें।
नतीजा
जिलेटिन हलाल है या हराम, इसका जवाब उसके हासिल करने के तरीके और बनाने की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
हलाल जानवर से शरई तरीके से प्राप्त जिलेटिन हलाल हो सकता है। पोर्क जिलेटिन के बारे में बहुत से उलमा हराम होने का हुक्म देते हैं, जबकि इस्तिहाला के उसूल पर कुछ अलग राय मौजूद हैं।
मुसलमानों को चाहिए कि प्रोडक्ट के ingredients और उसे हासिल करने की जानकारी हासिल करें और जहाँ ज़रूरत हो, भरोसेमंद आलिम से मसले का हुक्म पूछें।
अल्लाह सुब्हानवा तआला हमें हलाल खाने और हराम से बचने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे – आमीन ।
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