Urdu Alphabet in Hindi – 38/39 हुरूफ़, उच्चारण और आसान चार्ट

Urdu Alphabet in Hindi – उर्दू के 38/39 हुरूफ़ और आसान चार्ट

Urdu Alphabet in Hindi

अगर आप उर्दू पढ़ना और लिखना सीखना चाहते हैं, तो सबसे पहले उर्दू के हुरूफ़-ए-तहज्जी यानी Urdu Alphabet को समझना ज़रूरी है।

उर्दू में इस्तेमाल होने वाले हरफ़ की शक्ल और आवाज़ को समझ लेने के बाद उर्दू के लफ़्ज़ पढ़ना काफी आसान हो जाता है।

उर्दू दाएँ से बाएँ लिखी जाती है और इसके हुरूफ़ अरबी और फ़ारसी से जुड़े हुए हैं। इसके साथ कुछ ऐसे हरफ़ भी हैं जो हिंदुस्तानी आवाज़ों को लिखने के लिए उर्दू में इस्तेमाल होते हैं।

आम तौर पर उर्दू के Alphabet को 38 या 39 हुरूफ़ के तौर पर बताया जाता है। अलग-अलग किताबों और उर्दू सीखने के तरीक़ों में गिनती थोड़ी अलग मिल सकती है।

उर्दू के हुरूफ़-ए-तहज्जी

उर्दू में इस्तेमाल होने वाले आम हुरूफ़ ये हैं-

ا، ب، پ، ت، ٹ، ث، ج، چ، ح، خ، د، ڈ، ذ، ر، ڑ، ز، ژ، س، ش، ص، ض، ط، ظ، ع، غ، ف، ق، ک، گ، ل، م، ن، ں، و، ہ، ھ، ء، ی، ے

इन हरफ़ को पहचानना उर्दू पढ़ने की पहली सीढ़ी है।

नोट: उर्दू के हुरूफ़ की तादाद कुछ जगह 38 और कुछ जगह 39 बताई जाती है। इसकी वजह यह है कि कुछ हरफ़ या निशान को गिनने का तरीक़ा अलग होता है।

Urdu Alphabet Chart – हरफ़, नाम और आवाज़

हरफ़ नाम हिंदी में आवाज़ मिसाल
ا अलिफ़ अ / आ آدم — आदम
ب बे بات — बात
پ पे پانی — पानी
ت ते تعلیم — तालीम
ٹ Ṭे ٹوپی — टोपी
ث से ثواب — सवाब
ج जीम جان — जान
چ चे چاند — चाँद
ح हे حسن — हुस्न
خ खे ख़ خواب — ख़्वाब
د दाल دل — दिल
ڈ ड़ाल ड़ ڈبہ — डब्बा
ذ ज़ाल ज़ ذکر — ज़िक्र
ر रे راستہ — रास्ता
ڑ ड़े ड़ لڑکا — लड़का
ز ज़े ज़ زمانہ — ज़माना
ژ झ़े झ़ ژالہ — ओले
س सीन سکون — सुकून
ش शीन شمس — शम्स
ص सुआद صبر — सब्र
ض ज़ुआद ज़ ضمیر — ज़मीर
ط त़ोए طوفان — तूफ़ान
ظ ज़ोए ज़ ظلم — ज़ुल्म
ع ऐन गले से निकलने वाली आवाज़ علم — इल्म
غ ग़ैन ग़ غم — ग़म
ف फ़े फ़ فکر — फ़िक्र
ق क़ाफ़ क़ قرآن — क़ुरआन
ک काफ़ کتاب — किताब
گ गाफ़ گلاب — गुलाब
ل लाम لفظ — लफ़्ज़
م मीम محبت — मोहब्बत
ن नून نماز — नमाज़
ں नून ग़ुन्ना नाक से निकलने वाली आवाज़ میں — मैं
و वाओ व / ऊ / ओ وقت — वक़्त
ہ हे ہوا — हवा
ھ दो-चश्मी हे ह की मददगार आवाज़ پھول — फूल
ء हम्ज़ा हल्की रुकावट वाली आवाज़ مسئلہ — मसअला
ی छोटी ये य / ई یار — यार
ے बड़ी ये ए / ऐ میرے — मेरे

उर्दू के कुछ ख़ास हरफ़

उर्दू सीखते वक़्त कुछ हरफ़ पर थोड़ा ज़्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनकी आवाज़ हिंदी के आम अक्षरों से कुछ अलग होती है।

मिसाल के तौर पर-

  • پ = प
  • چ = च
  • ژ = झ़
  • ٹ = ट
  • ڈ = ड़
  • ڑ = ड़
  • خ = ख़
  • غ = ग़
  • ق = क़

इन हरफ़ की पहचान हो जाने के बाद बहुत से उर्दू के लफ़्ज़ पढ़ना आसान हो जाता है।

ब, प और त के हरफ़ को पहचानें-

शुरुआत में मिलते-जुलते हरफ़ को साथ-साथ याद करना आसान रहता है।

ب और پ

ب = ब

پ = प

मिसाल-

بات — बात

پانی — पानी

सिर्फ एक बिंदी की जगह बदलने से हरफ़ की आवाज़ बदल जाती है।

ت और ٹ

ت = त

ٹ = ट

मिसाल-

تعلیم — तालीम

ٹوپی — टोपी

इस फर्क को पढ़ते वक़्त ध्यान में रखना ज़रूरी है।

दाल, ड़ाल और रे-

इन हरफ़ को भी शुरुआत में साथ सीखना अच्छा रहता है-

د = द

ڈ = ड़

ر = र

ڑ = ड़

मिसाल:

دل — दिल

ڈبہ — डब्बा

راستہ — रास्ता

لڑکا — लड़का

ख़, ग़ और क़ की आवाज़ – 

उर्दू के कई लफ़्ज़ों में ऐसी आवाज़ें आती हैं जो हिंदी बोलने वालों को शुरू में थोड़ी मुश्किल लग सकती हैं।

خ — ख़े

इसकी आवाज़ ख़ जैसी होती है।

मिसाल-

خواب — ख़्वाब

خوش — ख़ुश

غ — ग़ैन

इसकी आवाज़ ग़ जैसी होती है।

मिसाल:

غم — ग़म

غلط — ग़लत

ق — क़ाफ़

इसकी आवाज़ क़ जैसी होती है।

मिसाल-

قرآن — क़ुरआन

قلم — क़लम

ن और ں में क्या फ़र्क है?

उर्दू सीखते वक़्त ن और ں का फ़र्क समझना काफी ज़रूरी है।

ن को नून कहा जाता है।

मिसाल-

نماز — नमाज़

نبی — नबी

जबकि ں को आम तौर पर नून ग़ुन्ना कहा जाता है।

इसमें आवाज़ नाक से निकलती है।

मिसाल-

میں — मैं

کہاں — कहाँ

نہیں — नहीं

ی और ے में फ़र्क

उर्दू में ی और ے दोनों अलग-अलग हरफ़ हैं।

ی — छोटी ये

मिसाल-

یار — यार

دین — दीन

ے — बड़ी ये

मिसाल-

میرے — मेरे

کیسے — कैसे

उर्दू पढ़ते समय इन दोनों को पहचानना बहुत काम आता है।

दो-चश्मी हे (ھ) क्या है?

ھ को दो-चश्मी हे कहा जाता है।

यह अक्सर दूसरे हरफ़ के साथ मिलकर एक नई आवाज़ बनाने में मदद करती है।

मिसाल-

بھ = भ

پھ = फ

تھ = थ

ٹھ = ठ

جھ = झ

چھ = छ

دھ = ध

ڈھ = ढ

کھ = ख

گھ = घ

कुछ आसान लफ़्ज़-

بھائی — भाई

پھول — फूल

گھر — घर

کھانا — खाना

इसलिए उर्दू पढ़ना सीखते समय दो-चश्मी हे को अच्छी तरह समझना चाहिए।

उर्दू दाएँ से बाएँ क्यों पढ़ी जाती है?

उर्दू की लिखावट दाएँ से बाएँ होती है।

यानी जहाँ हिंदी में हम बाईं तरफ़ से पढ़ना शुरू करते हैं, वहीं उर्दू में पढ़ना दाईं तरफ़ से शुरू किया जाता है।

मिसाल-

کتاب

इसे दाएँ से बाएँ पढ़ा जाता है।

उर्दू पढ़ने की शुरुआत करने वालों के लिए यह सबसे पहली चीज़ों में से एक है जिसे समझना ज़रूरी है।

उर्दू की लिखावट – नस्तलीक़

उर्दू की खूबसूरत लिखावट में नस्तलीक़ का बहुत अहम मक़ाम है।

किताबों, अख़बारों, शायरी और दूसरे उर्दू मज़ामीन में नस्तलीक़ लिखावट बहुत आम है।

शुरुआत में नस्तलीक़ की वजह से कुछ हरफ़ पहचानना मुश्किल लग सकता है, लेकिन लगातार पढ़ने की practice से यह आसान हो जाता है।

उर्दू के हरफ़ लफ़्ज़ में कैसे बदलते हैं?

उर्दू के कई हरफ़ लफ़्ज़ में अपनी जगह के हिसाब से अलग शक्ल ले सकते हैं।

यानी कोई हरफ़-

  • अकेला हो सकता है
  • लफ़्ज़ की शुरुआत में आ सकता है
  • लफ़्ज़ के बीच में आ सकता है
  • लफ़्ज़ के आख़िर में आ सकता है

इसी वजह से उर्दू का कोई नया लफ़्ज़ पहली बार देखने पर थोड़ा मुश्किल लग सकता है।

लेकिन हरफ़ की पहचान मजबूत हो जाए तो लफ़्ज़ पढ़ना धीरे-धीरे आसान हो जाता है।

उर्दू और हिंदी में क्या समानता है?

उर्दू और हिंदी में रोज़मर्रा के बहुत से लफ़्ज़ मिलते-जुलते हैं।

मिसाल के तौर पर-

  • पानी
  • दिल
  • घर
  • किताब
  • दोस्त
  • रास्ता
  • आदमी
  • बाज़ार

इसलिए हिंदी पढ़ने वाला शख़्स उर्दू के बहुत से लफ़्ज़ सुनकर या बोलकर पहले से पहचान सकता है।

असली फर्क ज़्यादातर लिखावट और कुछ अल्फ़ाज़ व आवाज़ों में नज़र आता है।

उर्दू Alphabet याद करने का आसान तरीका

अगर आप पहली बार उर्दू सीख रहे हैं, तो एक साथ सारे हरफ़ याद करने की कोशिश न करें।

रोज़ 10–15 मिनट practice करें।

पहला क़दम – हरफ़ पहचानें

पहले इन हरफ़ को पहचानने की practice करें:

ا ب پ ت ٹ ج چ د ڈ ر ڑ

फिर धीरे-धीरे आगे के हरफ़ सीखें।

दूसरा क़दम – आवाज़ बोलें

हरफ़ देखते ही उसकी आवाज़ बोलने की कोशिश करें।

मिसाल:

ب → ब

پ → प

خ → ख़

ق → क़

तीसरा क़दम – लफ़्ज़ पढ़ें

हरफ़ को किसी लफ़्ज़ के साथ याद करें।

م → م → محبت → मोहब्बत

ک → ک → کتاب → किताब

ن → ن → نماز → नमाज़

خ → خ → خواب → ख़्वाब

इस तरीक़े से हरफ़ सिर्फ याद नहीं होगा बल्कि उसका इस्तेमाल भी समझ आएगा।

उर्दू सीखने वालों के लिए एक आसान Practice List

शुरुआत में इन लफ़्ज़ों को पढ़ने की कोशिश करें:

باب — बाब

بات — बात

پانی — पानी

کتاب — किताब

قلم — क़लम

نماز — नमाज़

دعا — दुआ

دل — दिल

محبت — मोहब्बत

خواب — ख़्वाब

گھر — घर

بھائی — भाई

इन जैसे छोटे और आम लफ़्ज़ पढ़ते रहने से उर्दू की reading जल्दी बेहतर हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उर्दू में कितने हुरूफ़ होते हैं?

उर्दू के Alphabet को आम तौर पर 38 या 39 हुरूफ़ के तौर पर बताया जाता है। अलग-अलग किताबों और sources में गिनती का तरीक़ा अलग हो सकता है।

उर्दू Alphabet को क्या कहते हैं?

उर्दू Alphabet को हुरूफ़-ए-तहज्जी (حروفِ تہجی) कहा जाता है।

क्या उर्दू दाएँ से बाएँ लिखी जाती है?

जी हाँ। उर्दू दाएँ से बाएँ लिखी जाती है।

क्या हिंदी जानने वाला उर्दू सीख सकता है?

जी हाँ। हिंदी और उर्दू में बहुत से आम लफ़्ज़ और आवाज़ें मिलती हैं। अगर आपको हिंदी आती है तो उर्दू के कई लफ़्ज़ समझना आसान हो सकता है। बस उर्दू के हरफ़ और लिखावट को अलग से सीखना होगा।

उर्दू की मशहूर लिखावट कौन-सी है?

उर्दू में नस्तलीक़ लिखावट बहुत मशहूर है और किताबों, अख़बारों और शायरी में इसका खूब इस्तेमाल होता है।

आखिर में –

उर्दू सीखने के लिए सबसे पहले हुरूफ़-ए-तहज्जी को पहचानना और उनकी आवाज़ समझना ज़रूरी है।

ا से ے तक हरफ़ की पहचान होने के बाद छोटे-छोटे उर्दू लफ़्ज़ पढ़ने की practice करें। खास तौर पर پ، ٹ، ڈ، ڑ، خ، غ، ق، ں، ھ और ے जैसे हरफ़ पर ध्यान दें, क्योंकि इनकी पहचान उर्दू पढ़ने में बहुत काम आती है।

रोज़ थोड़ी देर practice करने से आप धीरे-धीरे उर्दू के लफ़्ज़ पढ़ना और फिर लिखना भी सीख सकते हैं।

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