क़ुरआन में सुरह-दर-सुरह आयतों की गिनती (Number of verses ayahs in Quran Hindi – Total 6236 – Authentic Details)

Number of verses ayahs in Quran Hindi

क़ुरआन में सुरह-दर-सुरह आयतों की गिनती ( Number of verses ayahs in Quran Hindi ) क़ुरआन मजीद अल्लाह तआला की वह किताब है जिसे हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम  पर नाज़िल किया गया। यह इंसानियत के लिए रहनुमाई का सबसे बड़ा ज़रिया है। क़ुरआन की हर आयत एक नसीहत, हिकमत और हिदायत अपने अंदर रखती है। … Read more

फ़ज्र की अज़ान अहमियत और ख़ासियत ( Fajr adhan prayer calling hindi English Arabic – Day’s 1st Prayer Call – Authentic Details)

fajar ki azan in hindi English

फ़ज्र की अज़ान अहमियत और ख़ासियत ( Fajr adhan prayer calling hindi English Arabic) इस्लाम में पाँच वक्त की नमाज़ की दावत देने के लिए अज़ान दी जाती है। अज़ान का मक़सद सिर्फ़ नमाज़ की याद दिलाना नहीं बल्कि अल्लाह तआला की बड़ाई और तौहीद का ऐलान करना भी है। फ़ज्र की अज़ान बाक़ी चार … Read more

उमराह गाइड स्टेप बाय स्टेप ( Umrah Guide Step by Step Hindi – How to Perform Umrah 4 Steps – Authentic Details)

Umrah Guide Step by Step Hindi

उमराह गाइड स्टेप बाय स्टेप ( Umrah Guide Step by Step Hindi – How to Perform Umrah ) उमराह इस्लाम की एक अज़ीम इबादत है जो किसी भी वक़्त अदा की जा सकती है। हज की तरह यह फ़र्ज़ नहीं लेकिन बहुत अहम सुन्नत है। इसमें इंसान अल्लाह के घर काबा शरीफ़ का तवाफ करता … Read more

सफ़र में नमाज़ ए क़सर कैसे पढ़े ( How To Pray Qasr Namaz Hindi – 5 time Salah during travel – Authentic Details)

How To Pray Qasr Namaz Hindi

सफ़र में नमाज़ ए क़सर कैसे पढ़े ( How To Pray Qasr Namaz Hindi – 5 time Salah during travel) इस्लाम एक आसान और रहमत वाला दीन है। जब कोई शख़्स सफ़र पर होता है, तो अल्लाह तआला ने उस पर रहमत और आसानी फ़रमाई है कि वह अपनी फ़र्ज़ नमाज़ों को मुक़स्सर (छोटी) कर … Read more

इस्लामिक बैंकिंग सिस्टम – हलाल फाइनेंस ( Islamic Banking System Halal Finance Hindi – Authentic Details)

Islamic Banking System Halal Finance

इस्लामिक बैंकिंग सिस्टम – हलाल फाइनेंस ( Islamic Banking System Halal Finance ) इस्लामिक बैंकिंग सिस्टम एक ऐसा माली (financial) सिस्टम है जो कुरआन और सुन्नत की रहनुमाई में चलता है। इसमें सूद (interest/riba) की सख्त मनाही है और इसकी जगह मुनाफ़ा (profit) और नुकसान (loss sharing) के उसूल पर काम होता है। कुरआन में … Read more

ग़ुस्ल करने का तरीका – 7 आसान स्टेप्स, फ़र्ज़ और सुन्नत

7 ghusl steps in Islam Hindi

ग़ुस्ल करने का तरीका और इस्लाम में ग़ुस्ल की अहमियत  इस्लाम एक ऐसा मज़हब है जो सिर्फ़ इबादत पर नहीं बल्कि तहारा ( पाकीज़गी ) और सफ़ाई पर भी ज़ोर देता है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया –  “अत-तहूरु शत्रुल ईमान” (साफ़-सफ़ाई ईमान का आधा हिस्सा है – सहीह मुस्लिम) ग़ुस्ल यानी पूरा इत्तमाम … Read more

इस्लाम में वुज़ू कैसे करें ( 10 Steps of wudu hindi – Authentic Details)

10 Steps of wudu hindi

इस्लाम में वुज़ू कैसे करें ( 10 Steps of wudu hindi ) इस्लाम में वुज़ू (Wudu) इबादत की बुनियाद है। यह सिर्फ शारीरिक सफाई ही नहीं बल्कि रूहानी (spiritual) सफाई भी है। अल्लाह तआला कुरआन में फ़रमाता है – “ऐ ईमान वालो! जब तुम नमाज़ के लिए खड़े हो तो अपने चेहरे और हाथों को … Read more

सौ बार तौबा की सुन्नत (The Prophet repents 100 times a day- Authentic Details)

The Prophet repents 100 times a day

सौ बार तौबा की सुन्नत (The Prophet repents 100 times a day) इस्लाम इंसान को हमेशा अल्लाह तआला की तरफ़ लौटने और अपने गुनाहों से माफी माँगने की तालीम देता है। तौबा का मतलब है गुनाह पर नादिम होकर अल्लाह से माफी माँगना और भविष्य में उस गुनाह को न करने का पक्का इरादा करना। … Read more

सफ़र और नमाज़ – मुसाफ़िर के लिए अहकाम (5 time prayer rule for travellers hindi- Authentic Details)

5 time prayer rule for travellers hindi

सफ़र और नमाज़ – मुसाफ़िर के लिए अहकाम (5 time prayer rule for travellers hindi) इस्लाम में नमाज़ (सलात) की अहमियत हर हाल में क़ायम रहती है – चाहे इंसान अपने घर पर हो या सफ़र (यात्रा) में। लेकिन सफ़र की हालत में नमाज़ अदा करने के कुछ अलग अहकाम (rules) हैं, जिन्हें सलात अल-मुसाफ़िर … Read more

मिराज में आयतों का नुज़ूल (Revealation of last 2 verses of Surah Baqarah – Authentic Details)

Revealation of last 2 verses of Surah Baqarah

मिराज में आयतों का नुज़ूल (Revealation of last 2 verses of Surah Baqarah) इस्लामी इतिहास और क़ुरआन की तफ़्सीर में सूरह अल-बक़रह (आयत 285-286) की बहुत बड़ी अहमियत है। ये दोनों आयतें नबी-ए-करिम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम को इसरा व मिराज की रात अल्लाह तआला की तरफ़ से सीधा तोहफ़े के तौर पर अता … Read more