फज्र की नमाज़ ( Fajr Namaz Step By Steps Complete Guide 10 Steps )
इस्लाम में पाँच वक़्त की नमाज़ हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है। इनमें से पहली नमाज़ फ़ज्र की नमाज़ है, जो सुबह सवेरे सूरज निकलने से पहले अदा की जाती है।
यह नमाज़ इमान और तक़वा की शुरुआत मानी जाती है और अल्लाह तआला की तरफ़ से बरकत व रहमत का ज़रिया है। सुन्नी अक़ीदा (Sunni belief) के मुताबिक़ इसके तरीक़े और अहकाम नीचे विस्तार से दिए जा रहे हैं।

नमाज़ का वक़्त Timing
-
शुरुआत: Subh-e-Sadiq (सच्चा सहर)
-
अंत: सूरज निकलने से पहले
-
देर से पढ़ने पर नमाज़ क़ज़ा हो जाती है।
रकअतें Rakats
-
फ़ज्र की नमाज़ कुल 4 रकअत पर आधारित है:
-
2 रकअत सुन्नत (मोअक्कदा) – नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने इसे हमेशा पढ़ा, कभी नहीं छोड़ा।
-
2 रकअत फ़र्ज़ – इस्लाम में लाज़िमी (Obligatory) है।
-
फ़ज्र की नमाज़ का तरीक़ा (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. नियत Niyyah
दिल में यह इरादा करें कि मैं अल्लाह की ख़ुशनूदी के लिए फ़ज्र की सुन्नत/फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहा/रही हूँ।
-
अरबी:
نويت أن أصلي ركعتين سنة/فرض الفجر لله تعالى -
हिंदी उच्चारण:
“Nawaytu an usalliya rak‘ataini sunnat/ fard al-fajri lillahi ta‘ala” नवायतु अन उसल्लिया रकअतैनी सुन्नत/ फ़र्ज़ अल-फ़ज्रि लिल्लाही ता‘आला -
मतलब (Meaning):
मैंने अल्लाह तआला के लिए फ़ज्र की 2 रकअत सुन्नत/फ़र्ज़ नमाज़ की नियत की।
2. तक़्बीर-ए-तहरीमा Starting Takbeer
-
हाथ कान तक उठाकर कहें: “अल्लाहु अकबर”
-
फिर हाथों को सीने पर बाँध लें।
3. क़िरात Recitation
-
सना पढ़ें: سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ، وَتَبَارَكَ اسْمُكَ، وَتَعَالَى جَدُّكَ، وَلَا إِلَهَ غَيْرُكَ Subhanaka allahumma wa bihamdika wa tabarakasmuka wa ta’ala jadduka wa la ilaha ghairuk
-
फिर सूरह फ़ातिहा और उसके बाद कोई और सूरह (अक्सर सूरह इख़लास, सूरह काफ़िरून या सूरह बक़रह की शुरुआती आयतें) पढ़ना सुन्नत है।
-
दोनों रकअत में यही अमल होगा।
4. रुकू Bowing
-
“अल्लाहु अकबर” कहकर झुक जाएँ।
-
कमर सीधी रखें, हाथ घुटनों पर।
-
तीन बार पढ़ें: “सुब्हाना रब्बियाल अज़ीम”
5. क़ौमा Standing after Ruku
-
उठकर कहें: “समीअल्लाहु लिमन हामिदह, रब्बना लक़ल हम्द”
6. सज्दा Prostration
-
“अल्लाहु अकबर” कहकर सज्दे में जाएँ।
-
सात अंग ज़मीन पर टिकें (माथा, नाक, दोनों हथेलियाँ, दोनों घुटने और दोनों पाँव की उँगलियाँ)।
-
तीन बार पढ़ें: “सुब्हाना रब्बियाल अ‘ला”
7. जलसा Sitting between two Sujood
-
सज्दे से उठकर बैठें और “रब्बिघफ़िर ली” कहें।
-
फिर दूसरा सज्दा करें।
8. दूसरी रकअत
-
पहली रकअत की तरह दूसरी रकअत भी पूरी करें।
-
दूसरी रकअत में क़िरात के बाद सज्दों के बाद तशह्हुद पढ़ें।
9. तशह्हुद, दुरूद और दुआ
-
अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीमी और दुआएं पढ़ी जाती हैं।
अत्तहिय्यात At-Tahiyyat –
اَلتَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللهِ وَبَرَكَاتُهُ، اَلسَّلاَمُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ
अत्तहिय्यातु लिल्लाही वस्सलावातु वत्तैय्यिबातु, अस्सलामु अलैका अय्युहान नबीय्यु व रहमतुल्लाही व बरकातुहु, अस्सलामु अलैना वअला इबादील्लाहिस्सालिहीन, अश्हदु अन ला इला-हा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मुहम्मदन् अब्दुहु व रसूलुहु
At-tahiyyatu lillahi wassalawatu wattayyibatu, assalamu alaika ayyuhan-nabiyyu wa rahmatullahi wa barakatuhu, assalamu alaina wa ala ibadillahis-salihin, ash-hadu an la ilaha illallah wa ash-hadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluhu
दुरूद-ए-इब्राहीमी Durood-e-Ibrahimi
اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ، كَمَا صَلَّيْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ، إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ. اللَّهُمَّ بَارِكْ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ، كَمَا بَارَكْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ، إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ
अल्लाहुम्मा सल्लि ‘अला मुहम्मदिन वअला आली मुहम्मद, कमासल्लैता ‘अला इब्राहीम वअला आली इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक ‘अला मुहम्मदिन वअला आली मुहम्मद, कमाबारक्ता ‘अला इब्राहीम वअला आली इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद
Allahumma salli ‘ala Muhammadin wa ‘ala ali Muhammad, kama sallayta ‘ala Ibrahim wa ‘ala ali Ibrahim, innaka Hamidun Majid. Allahumma barik ‘ala Muhammadin wa ‘ala ali Muhammad, kama barakta ‘ala Ibrahim wa ‘ala ali Ibrahim, innaka Hamidun Majid
नोट:
-
फ़ज्र की दोनों फ़र्ज़ रकअत में अत्तहिय्यात और दुरूद-ए-इब्राहीमी केवल दूसरी रकअत के बाद तशह्हुद में पढ़ी जाती हैं।
-
यह पढ़ना सुन्नत और हदीस के मुताबिक़ बहुत फ़ज़ीलत वाला अमल है।
10. सलाम Ending
-
नमाज़ को ख़त्म करने के लिए पहले दाएँ, फिर बाएँ मुँह करके कहें:
“अस्सलामु अलैकुम वा रहमतुल्लाह”
फ़ज्र नमाज़ में आँखों की स्थिति
सुन्नी हुक्म के मुताबिक़ नमाज़ के दौरान आँखें अक्सर नीचे की तरफ़ रखी जाती हैं, यानी सीधे जमीन की ओर देखें। ऐसा करने से:
-
ध्यान और ख़ुशू (ख़ुशू’ – नमाज़ में ध्यान और तसल्ली) बढ़ती है।
-
आँखों का इधर-उधर घूमना कम होता है और दिल की एकाग्रता बनी रहती है।
-
हदीस में आया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम नमाज़ में अक्सर अपनी नज़र को सज्दे और हाथों के बीच जमीन की तरफ़ टिकाते थे।
नोट:
-
रुकू और सज्दे के दौरान आँखें जमीन पर या अपने हाथों पर स्थिर रखें।
-
कभी भी आँखें ऊपर उठाकर आस-पास न देखें; इससे नमाज़ में ख़ुशू’ कम हो जाता है।
-
यह नियम सभी पाँच वक़्त की नमाज़ पर लागू होता है, ख़ासकर फ़ज्र में, क्योंकि सुबह का समय ध्यान और एकाग्रता के लिए सबसे अच्छा होता है।
फ़ज्र की नमाज़ की ख़ास अहमियत
-
यह ईमान की पहचान है।
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया – “जो शख़्स फ़ज्र की नमाज़ अदा करता है, वह अल्लाह की पनाह में आ जाता है।”
(सहीह मुस्लिम, हदीस 657)
-
यह नमाज़ दिन भर की बरकत और कामयाबी की वजह बनती है।
फ़ज्र की सुन्नत रकअतें बहुत अहम हैं। हदीस में है कि ये दुनिया और उसमें जो कुछ है उससे बेहतर हैं। (सहीह मुस्लिम)
5 FAQ about Fajr Namaz
Q1: फ़ज्र की नमाज़ का सही वक़्त कब से कब तक है?
फ़ज्र की नमाज़ का वक़्त Subh-e-Sadiq (सच्चा सहर) से शुरू होकर सूरज निकलने से पहले तक रहता है।
Q2: अगर कोई फ़ज्र की नमाज़ सोने की वजह से मिस कर दे तो क्या करें?
उसे उठने के बाद सबसे पहले क़ज़ा (missed prayer) अदा करनी चाहिए।
Q3: फ़ज्र की सुन्नत रकअतें कितनी अहम हैं?
बहुत अहम! हदीस में आया है कि ये दुनिया और जो कुछ उसमें है, उससे बेहतर हैं। (सहीह मुस्लिम)
Q4: फ़ज्र की नमाज़ में कौन सी सूरह पढ़नी चाहिए?
हर छोटी सूरह पढ़ सकते हैं, लेकिन अक्सर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम सूरह इख़लास, सूरह काफ़िरून, सूरह बक़रह की शुरुआती आयतें पढ़ा करते थे।
Q5: नमाज़ के दौरान आँखों की पोज़िशन कहाँ रखनी चाहिए?
आँखें हमेशा सज्दे की जगह पर या हाथों पर टिकाएँ। ऊपर या इधर-उधर देखना मना है।
होम पेज – https://islamicknowledgehindi.com/
हमारे यूट्यूब पेज को चेक करें ( DoFollow ) – https://www.youtube.com/@DaastanByJafar