Maghrib Namaz Ka Tarika

मग़रिब की नमाज़ पढ़ने का तरीका
मग़रिब की नमाज़ पाँच वक़्त की नमाज़ों में से एक है। इसका वक़्त सूरज ग़ुरूब होने के बाद शुरू होता है। हर मुसलमान के लिए नमाज़ का सही तरीक़ा सीखना और वक़्त की पाबंदी करना अहम है।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि मग़रिब की नमाज़ में कितनी रकअत होती हैं, फ़र्ज़, सुन्नत और नफ़्ल नमाज़ कैसे पढ़ी जाती हैं और हर मुक़ाम पर कौन-सी दुआ या तस्बीह पढ़नी चाहिए।
मग़रिब की नमाज़ में कितनी रकअत होती हैं?
मग़रिब की नमाज़ में 3 रकअत फ़र्ज़ होती हैं। इसके बाद 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा पढ़ी जाती हैं। इनके अलावा 2 रकअत नफ़्ल भी पढ़ सकते हैं।
| नमाज़ का प्रकार | रकअत |
|---|---|
| फ़र्ज़ | 3 |
| सुन्नत-ए-मुअक्कदा | 2 |
| नफ़्ल | 2 |
| कुल | 7 |
इस तरह 3 फ़र्ज़, 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल मिलाकर कुल 7 रकअत होती हैं।
ज़रूरी बात- 3 रकअत फ़र्ज़ और 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा की अहमियत अलग है। 2 रकअत नफ़्ल अतिरिक्त इबादत है और इसे पढ़ना फ़र्ज़ नहीं है। नफ़्ल को सुन्नत के बराबर या फ़र्ज़ का हिस्सा न समझें।
नमाज़ से पहले की तैयारी
मग़रिब की नमाज़ शुरू करने से पहले इन बातों का ख़याल रखें-
- बदन, कपड़े और नमाज़ की जगह पाक-साफ़ हों।
- वुज़ू किया हुआ हो।
- बदन का ज़रूरी हिस्सा ढका हुआ हो।
- क़िबला यानी ख़ाना-ए-काबा की तरफ़ रुख़ करें।
- मग़रिब का वक़्त शुरू हो चुका हो।
- दिल में नियत करें कि आप अल्लाह के लिए मग़रिब की नमाज़ अदा कर रहे हैं।
नियत दिल के इरादे का नाम है। इसे ज़ुबान से किसी ख़ास अरबी जुमले में कहना ज़रूरी नहीं है।
मग़रिब की 3 रकअत फ़र्ज़ का तरीक़ा
1. तकबीर-ए-तहरीमा
क़िबला रुख़ खड़े होकर नमाज़ शुरू करें। हाथ उठाते हुए कहें-
अरबी-
اللّٰهُ أَكْبَرُ
हिंदी में पढ़ें- अल्लाहु अकबर।
Hinglish- Allahu Akbar.
मतलब- अल्लाह सबसे बड़ा है।
इसके बाद हाथ बाँधकर खड़े हो जाएँ। हाथ बाँधने की जगह में फ़िक़्ही मसलकों के मुताबिक़ फ़र्क़ हो सकता है।
2. सना और बिस्मिल्लाह पढ़ें
तकबीर के बाद सना पढ़ें।
अरबी-
سُبْحَانَكَ اللّٰهُمَّ وَبِحَمْدِكَ وَتَبَارَكَ اسْمُكَ وَتَعَالَىٰ جَدُّكَ وَلَا إِلٰهَ غَيْرُكَ
हिंदी में पढ़ें:-
सुब्हानकल्लाहुम्मा व बिहम्दिका व तबा-रकस्मुका व तआला जद्दुका व ला इलाहा ग़ैरुक।
Hinglish-
Subhanakallahumma wa bihamdika wa tabarakasmuka wa ta’ala jadduka wa la ilaha ghairuk.
इसके बाद पढ़ें-
अरबी-
أَعُوذُ بِاللّٰهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ
हिंदी में पढ़ें- अऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम।
Hinglish- A’uzu billahi minash-shaitanir-rajim.
फिर पढ़ें-
अरबी-
بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
हिंदी में पढ़ें- बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम।
Hinglish- Bismillahir-Rahmanir-Raheem.
3. सूरह फ़ातिहा पढ़ें
अरबी-
بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
الْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ
صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ
हिंदी में पढ़ें-
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम।
अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन।
अर्रहमानिर्रहीम।
मालिकि यौमिद्दीन।
इय्याका नअबुदु व इय्याका नस्तईन।
इहदिनस्सिरातल मुस्तक़ीम।
सिरातल्लज़ीना अनअम्ता अलैहिम, ग़ैरिल मग़दूबि अलैहिम व लद्दाल्लीन।
Hinglish-
Bismillahir-Rahmanir-Raheem.
Alhamdu lillahi Rabbil Aalameen.
Ar-Rahmanir-Raheem.
Maliki Yawmid-Deen.
Iyyaka na’budu wa iyyaka nasta’een.
Ihdinas-siratal-mustaqeem.
Siratal-lazeena an’amta alaihim, ghairil-maghdubi alaihim wa lad-dalleen.
आख़िर में आमीन कहें।
अरबी- آمِين
हिंदी में पढ़ें- आमीन।
Hinglish: Aameen.
4. सूरह इख़लास पढ़ें
पहली और दूसरी रकअत में सूरह फ़ातिहा के बाद क़ुरआन की कोई दूसरी सूरह या आयतें पढ़ें। उदाहरण के लिए सूरह इख़लास पढ़ सकते हैं।
अरबी-
قُلْ هُوَ اللّٰهُ أَحَدٌ
اللّٰهُ الصَّمَدُ
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
हिंदी में पढ़ें-
क़ुल हुवल्लाहु अहद।
अल्लाहुस्समद।
लम यलिद व लम यूलद।
व लम यकुल्लहू कुफुवन अहद।
Hinglish-
Qul huwallahu ahad.
Allahus-samad.
Lam yalid wa lam yoolad.
Wa lam yakun lahu kufuwan ahad.
मतलब- अल्लाह एक है, बेनियाज़ है। न उसकी कोई औलाद है और न वह किसी की औलाद है। कोई उसके बराबर नहीं।
क़ुरआन का हवाला- सूरह अल-इख़लास, 112:1–4।
5. रुकू करें
अल्लाहु अकबर कहते हुए रुकू में जाएँ। दोनों हाथ घुटनों पर रखें और पीठ को जहाँ तक मुमकिन हो सीधा रखें।
अरबी-
سُبْحَانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ
हिंदी में पढ़ें- सुब्हाना रब्बियल अज़ीम।
Hinglish- Subhana Rabbiyal Azeem.
मतलब- मेरा अज़मत वाला रब हर ऐब से पाक है।
इसे आम तौर पर तीन बार पढ़ा जाता है।
6. रुकू से उठें
रुकू से उठते हुए पढ़ें-
अरबी-
سَمِعَ اللّٰهُ لِمَنْ حَمِدَهُ
हिंदी में पढ़ें- समिअल्लाहु लिमन हमिदह।
Hinglish- Sami’Allahu liman hamidah.
सीधे खड़े होकर पढ़ें-
अरबी-
رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ
हिंदी में पढ़ें: रब्बना व लकल हम्द।
Hinglish: Rabbana wa lakal hamd.
मतलब: ऐ हमारे रब! तमाम हम्द तेरे ही लिए है।
7. पहला सज्दा करें
अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएँ। पेशानी और नाक ज़मीन पर रखें। दोनों हथेलियाँ, घुटने और पैरों की उँगलियाँ भी ज़मीन पर हों।
अरबी-
سُبْحَانَ رَبِّيَ الْأَعْلَى
हिंदी में पढ़ें- सुब्हाना रब्बियल आला।
Hinglish- Subhana Rabbiyal A’la.
मतलब- मेरा सबसे बुलंद रब हर ऐब से पाक है।
इसे आम तौर पर तीन बार पढ़ें।
8. दोनों सज्दों के बीच बैठें
अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठकर इत्मीनान से बैठें।
अरबी-
رَبِّ اغْفِرْ لِي
हिंदी में पढ़ें- रब्बिग़फ़िर ली।
Hinglish- Rabbighfir li.
मतलब- ऐ मेरे रब! मुझे माफ़ फ़रमा।
इसके बाद दूसरा सज्दा करें और उसमें फिर पढ़ें-
अरबी- سُبْحَانَ رَبِّيَ الْأَعْلَى
हिंदी में पढ़ें- सुब्हाना रब्बियल आला।
Hinglish- Subhana Rabbiyal A’la.
इस तरह पहली रकअत पूरी हो गई।
9. दूसरी और तीसरी रकअत पूरी करें
दूसरी रकअत-
- खड़े होकर बिस्मिल्लाह पढ़ें।
- सूरह फ़ातिहा पढ़ें।
- कोई दूसरी सूरह या कुछ आयतें पढ़ें।
- रुकू और रुकू से उठने की तस्बीह पढ़ें।
- दोनों सज्दे पूरे करें।
- बैठकर अत्तहिय्यात पढ़ें।
अत्तहिय्यात के बाद तीसरी रकअत के लिए खड़े हो जाएँ।
तीसरी रकअत-
- खड़े होकर बिस्मिल्लाह और सूरह फ़ातिहा पढ़ें।
- रुकू करें।
- रुकू से उठें।
- दोनों सज्दे पूरे करें।
- आख़िरी क़ायदे में बैठें।
तीसरी रकअत में फ़र्ज़ नमाज़ के दौरान आम तौर पर सूरह फ़ातिहा ही पढ़ी जाती है। इमाम के पीछे पढ़ने और दूसरे फ़िक़्ही मसलों की तफ़सील अपने मसलक के भरोसेमंद आलिम से सीखें।
10. अत्तहिय्यात, दुरूद, दुआ और सलाम पढ़ें
अत्तहिय्यात
अरबी-
التَّحِيَّاتُ لِلّٰهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللّٰهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَىٰ عِبَادِ اللّٰهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ
हिंदी में पढ़ें-
अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबात। अस्सलामु अलैका अय्युहन्नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व बरकातुह। अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन। अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह।
Hinglish-
At-tahiyyatu lillahi was-salawatu wat-tayyibat. Assalamu alaika ayyuhan-nabiyyu wa rahmatullahi wa barakatuh. Assalamu alaina wa ala ibadillahis-saliheen. Ashhadu alla ilaha illallah wa ashhadu anna Muhammadan abduhu wa rasooluh.
दुरूद-ए-इब्राहीमी
अरबी-
اللّٰهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَعَلَىٰ آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا صَلَّيْتَ عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ وَعَلَىٰ آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ
اللّٰهُمَّ بَارِكْ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَعَلَىٰ آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا بَارَكْتَ عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ وَعَلَىٰ آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ
हिंदी में पढ़ें-
अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिंव व अला आलि मुहम्मद, कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद।
अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिंव व अला आलि मुहम्मद, कमा बारकता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद।
Hinglish-
Allahumma salli ala Muhammadin wa ala aali Muhammad, kama sallaita ala Ibrahima wa ala aali Ibrahim, innaka Hameedum Majeed.
Allahumma barik ala Muhammadin wa ala aali Muhammad, kama barakta ala Ibrahima wa ala aali Ibrahim, innaka Hameedum Majeed.
क़ुरआनी दुआ
अरबी-
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
हिंदी में पढ़ें-
रब्बना आतिना फ़िद्दुनिया हसनतंव व फ़िल आख़िरति हसनतंव व क़िना अज़ाबन्नार।
Hinglish-
Rabbana atina fid-dunya hasanatan wa fil-akhirati hasanatan wa qina azaban-nar.
मतलब- ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई अता फ़रमा और आख़िरत में भी भलाई अता फ़रमा और हमें जहन्नम के अज़ाब से बचा।
क़ुरआन का हवाला- सूरह अल-बक़रह, 2:201।
सलाम फेरें
पहले दाईं तरफ़ और फिर बाईं तरफ़ चेहरा फेरकर सलाम कहें।
अरबी-
السَّلَامُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللّٰهِ
हिंदी में पढ़ें- अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह।
Hinglish- Assalamu alaikum wa rahmatullah.
इस तरह मग़रिब की 3 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ पूरी हो जाती है।
मग़रिब की 2 रकअत सुन्नत का तरीक़ा
3 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ के बाद 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा पढ़ें।
सुन्नत की दोनों रकअत अलग से पढ़ी जाती हैं। इसका तरीक़ा आम तौर पर 2 रकअत की दूसरी सुन्नत नमाज़ों जैसा है।
पहली रकअत
- दिल में सुन्नत नमाज़ की नियत करें।
- अल्लाहु अकबर कहकर नमाज़ शुरू करें।
- सना, तअव्वुज़ और बिस्मिल्लाह पढ़ें।
- सूरह फ़ातिहा पढ़ें।
- कोई दूसरी सूरह पढ़ें, जैसे सूरह इख़लास।
- रुकू करें और सुब्हाना रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
- रुकू से उठें और सीधे खड़े हों।
- दो सज्दे करें और हर सज्दे में सुब्हाना रब्बियल आला पढ़ें।
दूसरी रकअत
- खड़े होकर बिस्मिल्लाह पढ़ें।
- सूरह फ़ातिहा और कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
- रुकू और दोनों सज्दे करें।
- आख़िरी क़ायदे में बैठें।
- अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीमी और दुआ पढ़ें।
- दोनों तरफ़ सलाम फेरें।
इस तरह 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा पूरी हो जाती हैं।
मग़रिब की 2 रकअत नफ़्ल का तरीक़ा
सुन्नत के बाद आप चाहें तो 2 रकअत नफ़्ल भी पढ़ सकते हैं। नफ़्ल अतिरिक्त इबादत है और इसे पढ़ना फ़र्ज़ नहीं है।
पहली रकअत
- दिल में 2 रकअत नफ़्ल नमाज़ की नियत करें।
- अल्लाहु अकबर कहकर नमाज़ शुरू करें।
- सना, तअव्वुज़ और बिस्मिल्लाह पढ़ें।
- सूरह फ़ातिहा पढ़ें।
- कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
- रुकू करें और उसकी तस्बीह पढ़ें।
- रुकू से उठें और फिर दो सज्दे करें।
दूसरी रकअत
- खड़े होकर बिस्मिल्लाह पढ़ें।
- सूरह फ़ातिहा और कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
- रुकू और दोनों सज्दे करें।
- आख़िरी क़ायदे में बैठें।
- अत्तहिय्यात, दुरूद और दुआ पढ़ें।
- दाईं और बाईं तरफ़ सलाम फेरें।
इस तरह 2 रकअत नफ़्ल पूरी हो जाती हैं।
ध्यान दें- नफ़्ल नमाज़ के लिए अलग से कोई नई दुआ या ख़ास सूरह ज़रूरी नहीं है। इसमें भी नमाज़ के सामान्य अरकान और क़िरअत अदा की जाती है।
मग़रिब की नमाज़ का पूरा चार्ट
| नमाज़ | पहली रकअत | दूसरी रकअत | तीसरी रकअत |
|---|---|---|---|
| 3 फ़र्ज़ | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे; फिर अत्तहिय्यात | फ़ातिहा, रुकू, 2 सज्दे; फिर आख़िरी क़ायदा |
| 2 सुन्नत | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे; फिर अत्तहिय्यात, दुरूद, दुआ, सलाम | लागू नहीं |
| 2 नफ़्ल | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे | फ़ातिहा + सूरह, रुकू, 2 सज्दे; फिर अत्तहिय्यात, दुरूद, दुआ, सलाम | लागू नहीं |
मग़रिब की नमाज़ की अहमियत
अल्लाह सुब्हानवताला क़ुरआन में फरमाते है-
अरबी-
حَافِظُوا عَلَى الصَّلَوَاتِ وَالصَّلَاةِ الْوُسْطَىٰ وَقُومُوا لِلَّهِ قَانِتِينَ
हिंदी में पढ़ें-
हाफ़िज़ू अलस्सलवाति वस्सलातिल वुस्ता व क़ूमू लिल्लाहि क़ानितीन।
Hinglish-
Hafizoo alas-salawati was-salatil wusta wa qumoo lillahi qaniteen.
मतलब- नमाज़ों की हिफ़ाज़त करो और अल्लाह के सामने अदब और फ़रमाँबरदारी के साथ खड़े हो।
हवाला- सूरह अल-बक़रह, 2:238।
यह आयत नमाज़ों की पाबंदी और अल्लाह के सामने आजिज़ी से खड़े होने की अहमियत बताती है। मग़रिब की नमाज़ भी अपने वक़्त पर अदा करने की कोशिश करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
1. मग़रिब की नमाज़ में कुल कितनी रकअत होती हैं?
मग़रिब में 3 रकअत फ़र्ज़ होती हैं। इसके बाद 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा और 2 रकअत नफ़्ल पढ़ सकते हैं। इन सबको मिलाकर कुल 7 रकअत होती हैं।
2. क्या मग़रिब की 2 रकअत नफ़्ल पढ़ना ज़रूरी है?
नहीं, नफ़्ल पढ़ना फ़र्ज़ नहीं है। यह अतिरिक्त इबादत है। 3 रकअत फ़र्ज़ और 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा को नफ़्ल से अलग समझें।
3. मग़रिब की नमाज़ का वक़्त कब शुरू होता है?
मग़रिब का वक़्त सूरज ग़ुरूब होने के बाद शुरू होता है। अपने शहर का सही वक़्त किसी भरोसेमंद नमाज़ टाइमटेबल से देखें।
4. मग़रिब की नमाज़ में कितनी रकअत फ़र्ज़ हैं?
मग़रिब की नमाज़ में 3 रकअत फ़र्ज़ हैं। इन्हें अदा करना ज़रूरी है और जानबूझकर छोड़ना गंभीर मामला है।
5. क्या मग़रिब की सुन्नत के बाद नफ़्ल पढ़ सकते हैं?
जी हाँ, 2 रकअत नफ़्ल अतिरिक्त इबादत के तौर पर पढ़ सकते हैं। नफ़्ल की अपनी अलग नियत करें और इसे 2 रकअत की नमाज़ के तौर पर पूरा करें।
आख़िरी बात
मग़रिब की नमाज़ में 3 रकअत फ़र्ज़, 2 रकअत सुन्नत-ए-मुअक्कदा और 2 रकअत नफ़्ल का तरीक़ा सीखना आसान हो जाता है, जब आप नमाज़ के हर मुक़ाम को क्रम से समझते हैं।
अरबी दुआओं का सही तलफ़्फ़ुज़ सीखने के लिए किसी क़ारी या जानकार शख़्स से सुनकर अभ्यास करें। नमाज़ के कुछ अमली मसलों में फ़िक़्ही मसलकों के मुताबिक़ फ़र्क़ हो सकता है, इसलिए अपने मसलक के भरोसेमंद आलिम से भी रहनुमाई लें।
अल्लाह सुब्हानवताला हमें पाँचों वक़्त की नमाज़ पाबंदी से अदा करने और सही तरीक़े से सीखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
हवाले और आगे पढ़ें
- क़ुरआन — सूरह अल-बक़रह, आयत 238
- क़ुरआन — सूरह अल-बक़रह, आयत 201
- क़ुरआन — सूरह अल-इख़लास
- फ़ज्र की नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा
नोट- यह लेख नमाज़ सीखने में मदद के लिए है। अरबी उच्चारण, नमाज़ के अमली तरीक़े और फ़िक़्ही मसलों की तस्दीक़ किसी भरोसेमंद आलिम या क़ारी से कर लें।
होम पेज – https://islamicknowledgehindi.com/
हमारे यूट्यूब पेज को चेक करें ( DoFollow ) – https://www.youtube.com/@DaastanByJafar