ईद मिलादुन्नबी 2025 ( Eid Miladun Nabi 2025)

Eid Miladun Nabi 2025

ईद मिलादुन्नबी 2025 ( Eid Miladun Nabi 2025) ईद मिलादुन्नबी जिसे मौलिदुन्नबी या बारा-वफ़ात भी कहा जाता है, हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की पैदाइश की याद में मनाई जाती है। तारीख़ी रिवायतों के मुताबिक़, नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की पैदाइश सन 570 ईस्वी (आम-उल-फ़ील) में मक्का मुअज़्ज़मा में हुई थी। इस दिन मुसलमान पूरी दुनिया … Read more

इस्लामी साल 2025 हिजरी कैलेंडर (1446-1447) ( Islamic Year 2025 Hijri Calendar)

इस्लामी साल 2025 हिजरी कैलेंडर (Islamic Year 2025 Hijri Calendar) इस्लामी साल 2025, हिजरी सन 1446 और 1447 AH पर मुश्तमिल है। चाँद के दिखाई देने पर मबनी ये कैलेंडर मुसलमानों की इबादात, रोज़ा, हज और ईद की बुनियाद है। इस साल बहुत सी अहम तारीख़ें और रूहानी मौके आने वाले हैं जो मुसलमानों के … Read more

4 खाश सहाबा जो कुरआन के इल्म में माहिर थे (The 4 experts on Quran among the Sahabah)

The 4 experts on Quran among the Sahabah

4 खाश सहाबा जो कुरआन के इल्म में माहिर थे (The 4 experts on Quran among the Sahabah)         इस्लाम की तालीम और हिदायत का सबसे बड़ा ज़रिया कुरआन-ए-हकीम है। हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम के सहाबा ( रदियल्लाहुताला अन्हु ) ने कुरआन की तिलावत, हिफ़्ज़, तफ़सीर और तालीम को आगे बढ़ाने … Read more

उस्मान इब्न अफ्फान (रज़ि.) का तआरुफ़ ( 3rd Khalifa Uthman ibn affan R. – Authentic Facts in Hindi)

3rd Khalifa Uthman ibn affan R.

उस्मान इब्न अफ्फान (रज़ि.) का तआरुफ़ ( 3rd Khalifa Uthman ibn affan R. – Authentic Facts in Hindi) इस्लामी इतिहास में हज़रत उस्मान इब्न अफ्फान (रज़ि.) का नाम एक रोशन सितारे की तरह चमकता है। आप तीसरे खलीफ़ा-ए-राशिदीन थे और अपने दौर में इस्लामी उम्मत को मज़बूत बनाने, कुरआन-ए-मजीद को एक मुसलसल और मुकम्मल किताब … Read more

कौन है अहमदिया कम्युनिटी ? ( 200 mulko me moujud muslim ahmadiya samuday – Authentic Fact based View )

muslim ahmadiya samuday

कौन है अहमदिया कम्युनिटी ? ( muslim ahmadiya samuday ) अहमदिया जमाअत का इतिहास ( muslim ahmadiya samuday ) मुस्लिम अहमदिया जमाअत का आग़ाज़ 1889 में हुआ जब मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी (1835–1908) ने पंजाब (भारत) के छोटे से क़स्बे क़ादियाँ में इस जमाअत की नींव रखी। उनका दावा था कि वे वही “मसीह मौऊद” … Read more

क़यामत की 10 बड़ी निशानियाँ ( qayamat ki 10 badi nishaniyan – Authentic Details )

qayamat ki 10 badi nishaniyan

क़यामत की 10 बड़ी निशानियाँ ( qayamat ki 10 badi nishaniyan – Authentic Details )             हज़रत हूज़ैफ़ा बिन उसैद अल-ग़िफ़ारी रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम ने फ़रमाया: “क़यामत तब तक क़ायम नहीं होगी जब तक तुम उससे पहले दस अलामात न देख लो।”(सह़ीह मुस्लिम, हदीस … Read more

अल वसीला जन्नत का सबसे बुलंद मक़ाम (Al Waseelah in islam Hindi)

Al Waseelah in islam Hindi

अल वसीला जन्नत का सबसे बुलंद मक़ाम (Al Waseelah in islam Hindi) इस्लाम में अल-वसीला का तसव्वुर एक बेहद ख़ास और मुबारक दर्जा है, जिसका ज़िक्र हदीस शरीफ़ में मिलता है। अल-वसीला का लफ़्ज़ अरबी ज़बान से लिया गया है, जिसका मतलब है “करीब होने का ज़रिया” या “सर्वोच्च मक़ाम”। उलमा के मुताब़िक़, यह जन्नत का … Read more

नमाज़ के 5 अलग-अलग मक़ामात पर सवाब (Prayer Rewards in Islam At 5 Different Location)

Prayer Rewards in Islam At 5 Different Location

नमाज़ के 5 अलग-अलग मक़ामात पर सवाब (Prayer Rewards in Islam)           इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि घर में, मोहल्ले की मस्जिद में, मस्जिद-ए-अक्सा, मस्जिद-ए-नबवी और मस्जिद- अल-हरम में नमाज़ अदा करने के क्या-क्या अज्र व सवाब हैं। हदीस शरीफ़ और ऑथेंटिक इस्लामी किताबों के हवाले से यह जानकारी आपके … Read more

इस्लाम में चार प्रमुख मक़तब-ए-फ़िक्र ( 4 School of Thought In Islam Hindi – Authentic Details)

4 School of Thought In Islam Hindi

इस्लाम में चार प्रमुख मक़तब-ए-फ़िक्र ( 4 School of Thought In Islam Hindi)         इस्लाम में शरीअत (Shari’ah) की तफ़्सील और अमली रहनुमाई के लिए उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन-ए-करीम, हदीस-ए-नबवी सल्लाहु अलय्हि वसल्लम , इज्मा (सम्मति) और क़ियास (Analogical reasoning) की बुनियाद पर फ़िक्ह (Islamic Jurisprudence) को तर्तीब दिया। इसके नतीजे में चार … Read more

सहीह बुखारी हदीश नंबर 19 ( Authentic Sahih Al Bukhari Hadith 19 in Hindi )

Sahih Al Bukhari Hadith 19

सहीह बुखारी हदीश नंबर 19 ( Authentic Sahih Al Bukhari Hadith 19 in Hindi )     सय्यदा आयशा रदिअल्लाहुताला अन्हा फरमाती है – जब कभी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम लोगो को अच्छे कामो का हुकुम देते थे तो ऐसे अमल बताते जो वे बड़ी आसानी से कर सकते । वे अर्ज करते – या … Read more