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Zohar Namaz Ka Tarika ज़ुहर की नमाज़ पढ़ने का आसान तरीका: 4 रकअत फ़र्ज़ स्टेप-बाय-स्टेप सीखें

ज़ुहर की नमाज़ पढ़ने तरीका (Zohar Namaz Ka Tarika)

ज़ुहर की नमाज़ में कितनी रकअत होती हैं?

ज़ुहर (Zuhr या Johar) दिन की दूसरी फ़र्ज़ नमाज़ है। इसे ज़ुहर का वक़्त शुरू होने के बाद और अस्र का वक़्त शुरू होने से पहले अदा किया जाता है।

नमाज़ रकअत
फ़र्ज़ से पहले सुन्नत-ए-मुअक्कदा 4
फ़र्ज़ 4
फ़र्ज़ के बाद सुन्नत-ए-मुअक्कदा 2
इसके बाद नफ़्ल 2 (इख़्तियारी)

इस आर्टिकल में हम खास तौर पर ज़ुहर की 4 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ने का तरीका सीखेंगे।

नमाज़ शुरू करने से पहले

नमाज़ पढ़ने से पहले इन बातों का ख़याल रखें-

  1. बदन, कपड़े और नमाज़ पढ़ने की जगह पाक हो।
  2. वुज़ू सही तरीके से किया हो।
  3. नमाज़ का वक़्त हो चुका हो।
  4. क़िबला यानी ख़ाना-ए-काबा की तरफ़ रुख़ करें।
  5. दिल में नियत करें कि आप अल्लाह के लिए ज़ुहर की 4 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहे हैं।

नियत की मिसाल: दिल में नियत करें कि आप अल्लाह के लिए ज़ुहर की चार रकअत फ़र्ज़ नमाज़ अदा कर रहे हैं। नियत दिल के इरादे का नाम है; कोई तयशुदा अरबी या हिंदी जुमला ज़ुबान से बोलना ज़रूरी नहीं। ” नियत करता / करती हूँ मैं , 4 रकअत नमाज़ फर्ज पढ़ने की , वास्ते अल्लाह ताला के , मुँह मेरा काबे शरीफ की तरफ ”

पहली रकअत का तरीका

1. तकबीर-ए-तहरीमा

सीधे खड़े होकर दोनों हाथ उठाएँ और कहें-

अरबी-

اللَّهُ أَكْبَرُ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

अल्लाहु अकबर

Hinglish-

Allahu Akbar

मतलब- अल्लाह सबसे बड़ा है।

इसके बाद हाथ बाँधकर खड़े रहें। हाथ बाँधने की जगह और कुछ दूसरे तरीक़ों में फ़िक़्ही इख़्तिलाफ़ है।

2. सना पढ़ें

अरबी-

سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ وَتَبَارَكَ اسْمُكَ وَتَعَالَىٰ جَدُّكَ وَلَا إِلَٰهَ غَيْرُكَ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

सुब्हानकल्लाहुम्मा व बिहम्दिका, व तबा-रकस्मुका, व तआला जद्दुका, व ला इलाहा ग़ैरुक।

Hinglish-

Subhanakallahumma wa bihamdika, wa tabarakasmuka, wa ta’ala jadduka, wa la ilaha ghairuk.

मतलब- ऐ अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है। तेरा नाम बरकत वाला है, तेरी शान बुलंद है और तेरे सिवा कोई माबूद नहीं।

3. तअव्वुज़ और तस्मिया पढ़ें

अरबी-

أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

अऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम।

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम।

Hinglish-

A’uzu billahi minash-shaitanir-rajim.

Bismillahir-Rahmanir-Rahim.

मतलब: मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ शैतान मरदूद से। अल्लाह के नाम से शुरू, जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम करने वाला है।

4. सूरह अल-फ़ातिहा पढ़ें

अरबी-

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ

الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ

إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ

اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ

صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम।

अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन।

अर्रहमानिर्रहीम।

मालिकि यौमिद्दीन।

इय्याका नअबुदु व इय्याका नस्तईन।

इहदिनस्सिरातल मुस्तक़ीम।

सिरातल्लज़ीना अनअम्ता अलैहिम, ग़ैरिल मग़दूबि अलैहिम वलद्दाल्लीन।

Hinglish-

Bismillahir-Rahmanir-Rahim.

Alhamdu lillahi Rabbil Aalameen.

Ar-Rahmanir-Raheem.

Maliki Yawmid-Deen.

Iyyaka na’budu wa iyyaka nasta’een.

Ihdinas-siratal-mustaqeem.

Siratal-lazeena an’amta alaihim, ghairil-maghdubi alaihim wa lad-daalleen.

इसके बाद कहें-

अरबी- آمِين

हिंदी- आमीन

Hinglish- Aameen

मतलब- ऐ अल्लाह! हमारी दुआ क़ुबूल फ़रमा।

क़ुरआन का हवाला– सूरह अल-फ़ातिहा, 1:1–7।

5. कोई छोटी सूरह पढ़ें

सूरह अल-फ़ातिहा के बाद पहली और दूसरी रकअत में कोई सूरह या क़ुरआन की कुछ आयतें पढ़ें। नए सीखने वालों के लिए सूरह अल-इख़लास एक आसान मिसाल है।

अरबी-

قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ

اللَّهُ الصَّمَدُ

لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ

وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

क़ुल हुवल्लाहु अहद।

अल्लाहुस्समद।

लम यलिद व लम यूलद।

व लम यकुल्लहू कुफुवन अहद।

Hinglish-

Qul huwallahu ahad.

Allahus-samad.

Lam yalid wa lam yoolad.

Wa lam yakun lahu kufuwan ahad.

मतलब- कह दीजिए कि अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है। न उसकी कोई औलाद है और न वह किसी की औलाद है। और कोई भी उसके बराबर नहीं।

क़ुरआन का हवाला– सूरह अल-इख़लास, 112:1–4।

6. रुकू में जाएँ

अब “अल्लाहु अकबर” कहते हुए रुकू करें। हाथ घुटनों पर रखें और पीठ को मुमकिन हो तो सीधा रखें।

अरबी-

سُبْحَانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

सुब्हाना रब्बियल अज़ीम।

Hinglish-

Subhana Rabbiyal Azeem.

मतलब- मेरा अज़मत वाला रब पाक है।

इसे आम तरीके में तीन बार पढ़ा जाता है।

7. रुकू से उठें

रुकू से उठते हुए कहें-

अरबी-

سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

समिअल्लाहु लिमन हमिदह।

Hinglish-

Sami’allahu liman hamidah.

मतलब- अल्लाह ने उसकी सुन ली जिसने उसकी तारीफ़ की।

सीधे खड़े होकर कहें-

अरबी-

رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

रब्बना लकल हम्द।

Hinglish-

Rabbana lakal hamd.

मतलब- ऐ हमारे रब! सारी तारीफ़ तेरे ही लिए है।

8. पहला सज्दा करें

“अल्लाहु अकबर” कहते हुए सज्दे में जाएँ। पेशानी और नाक, दोनों हाथ, दोनों घुटने और पैरों की उँगलियाँ ज़मीन पर रखें।

अरबी-

سُبْحَانَ رَبِّيَ الْأَعْلَى

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

सुब्हाना रब्बियल आला।

Hinglish-

Subhana Rabbiyal A’la.

मतलब- मेरा सबसे बुलंद रब पाक है।

आम तरीके में इसे तीन बार पढ़ा जाता है।

9. दोनों सज्दों के बीच बैठें

“अल्लाहु अकबर” कहते हुए सज्दे से उठकर इत्मीनान से बैठें।

इस बीच पढ़ने के लिए यह दुआ मशहूर है-

अरबी-

رَبِّ اغْفِرْ لِي

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

रब्बिग़फ़िर ली।

Hinglish-

Rabbighfir li.

मतलब: ऐ मेरे रब! मुझे माफ़ फ़रमा।

फिर “अल्लाहु अकबर” कहते हुए दूसरा सज्दा करें और उसमें भी “सुब्हाना रब्बियल आला” पढ़ें।

इस तरह पहली रकअत पूरी हो गई।

दूसरी रकअत का तरीका

10. दूसरी रकअत में क़िरअत करें

दूसरे सज्दे के बाद “अल्लाहु अकबर” कहते हुए खड़े हो जाएँ।

दूसरी रकअत में सना और तअव्वुज़ दोबारा नहीं पढ़ें। बिस्मिल्लाह से शुरू करके सूरह अल-फ़ातिहा पढ़ें और उसके बाद कोई दूसरी सूरह पढ़ें।

फिर पहली रकअत की तरह रुकू, रुकू से उठना और दोनों सज्दे करें।

11. पहली बैठक में अत्तहिय्यात पढ़ें

दूसरी रकअत के दूसरे सज्दे के बाद बैठें। इस बैठक को क़अदा ऊला कहते हैं।

अरबी-

التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَىٰ عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबातु। अस्सलामु अलैका अय्युहन्नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू। अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन। अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह।

Hinglish-

Attahiyyatu lillahi was-salawatu wat-tayyibat. Assalamu alaika ayyuhan-nabiyyu wa rahmatullahi wa barakatuh. Assalamu alaina wa ala ibadillahis-saliheen. Ash-hadu alla ilaha illallah wa ash-hadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluh.

आसान मतलब- सारी इज़्ज़त, इबादतें और पाकीज़ा बातें अल्लाह के लिए हैं। ऐ नबी! आप पर सलाम, अल्लाह की रहमत और बरकतें हों। हम पर और अल्लाह के नेक बंदों पर सलाम हो। मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम उसके बंदे और रसूल हैं।

ज़रूरी बात- आम तरीके में पहली बैठक में अत्तहिय्यात पढ़कर तीसरी रकअत के लिए खड़े हो जाते हैं। यहाँ दुरूद-ए-इब्राहीमी और उसके बाद की दुआ नहीं पढ़ते।

तीसरी और चौथी रकअत का तरीका

12. तीसरी रकअत

“अल्लाहु अकबर” कहते हुए खड़े हो जाएँ।

ज़ुहर की 4 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ के तरीके में तीसरी रकअत में सूरह अल-फ़ातिहा पढ़ें। इसके बाद कोई दूसरी सूरह मिलाए बिना रुकू करें।

फिर रुकू से उठें, दोनों सज्दे करें और चौथी रकअत के लिए खड़े हो जाएँ।

13. चौथी रकअत

चौथी रकअत में भी सूरह अल-फ़ातिहा पढ़ें। फिर रुकू, रुकू से उठना और दोनों सज्दे उसी तरह करें।

चौथी रकअत के दूसरे सज्दे के बाद बैठ जाएँ। अब आख़िरी बैठक में अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीमी और दुआ पढ़ें।

आख़िरी बैठक की दुआएँ

14. दुरूद-ए-इब्राहीमी पढ़ें

अरबी-

اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَعَلَىٰ آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا صَلَّيْتَ عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ وَعَلَىٰ آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ

اللَّهُمَّ بَارِكْ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَعَلَىٰ آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا بَارَكْتَ عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ وَعَلَىٰ آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिं व अला आलि मुहम्मद, कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद।

अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिं व अला आलि मुहम्मद, कमा बारकता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद।

Hinglish-

Allahumma salli ala Muhammadin wa ala aali Muhammad, kama sallaita ala Ibrahima wa ala aali Ibrahim, innaka Hameedum Majeed.

Allahumma barik ala Muhammadin wa ala aali Muhammad, kama barakta ala Ibrahima wa ala aali Ibrahim, innaka Hameedum Majeed.

आसान मतलब: ऐ अल्लाह! मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फ़रमा, जैसे तूने इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फ़रमाई। बेशक तू तारीफ़ के लायक़ और बुज़ुर्गी वाला है। ऐ अल्लाह! मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम और उनकी आल पर बरकत नाज़िल फ़रमा, जैसे तूने इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनकी आल पर बरकत नाज़िल फ़रमाई।

15. क़ुरआनी दुआ पढ़ें

दुरूद-ए-इब्राहीमी के बाद यह क़ुरआनी दुआ पढ़ सकते हैं-

अरबी-

رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या हसनतं व फ़िल आख़िरति हसनतं व क़िना अज़ाबन्नार।

Hinglish-

Rabbana atina fid-dunya hasanatan wa fil-akhirati hasanatan wa qina azaban-nar.

मतलब- ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई अता फ़रमा और आख़िरत में भी भलाई अता फ़रमा और हमें जहन्नम के अज़ाब से बचा।

क़ुरआन का हवाला- सूरह अल-बक़रा, 2:201।

16. सलाम फेरें

अब पहले दाईं तरफ़ और फिर बाईं तरफ़ चेहरा फेरते हुए कहें-

अरबी:

السَّلَامُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللَّهِ

हिंदी तलफ़्फ़ुज़-

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह।

Hinglish-

Assalamu alaikum wa rahmatullah.

मतलब- तुम पर सलामती हो और अल्लाह की रहमत हो।

इस तरह ज़ुहर की 4 रकअत फ़र्ज़ नमाज़ पूरी हो जाती है।

नमाज़ की पोज़िशन और पढ़ी जाने वाली चीज़ें

नमाज़ का मुक़ाम क्या पढ़ें?
नमाज़ शुरू करते समय अल्लाहु अकबर
पहली रकअत में खड़े होकर सना, तअव्वुज़, तस्मिया, फ़ातिहा और दूसरी सूरह
रुकू सुब्हाना रब्बियल अज़ीम
रुकू से उठते समय समिअल्लाहु लिमन हमिदह
सीधे खड़े होकर रब्बना लकल हम्द
सज्दा सुब्हाना रब्बियल आला
दोनों सज्दों के बीच रब्बिग़फ़िर ली
दूसरी रकअत की बैठक अत्तहिय्यात
तीसरी और चौथी रकअत फ़ातिहा, फिर रुकू और सज्दे
आख़िरी बैठक अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीमी और दुआ
नमाज़ ख़त्म करते समय दाईं और बाईं तरफ़ सलाम

ज़ुहर की नमाज़ के बारे में ज़रूरी बातें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. ज़ुहर की नमाज़ में कितनी रकअत फ़र्ज़ हैं?

ज़ुहर की नमाज़ में 4 रकअत फ़र्ज़ हैं। आम तरीके में इससे पहले 4 सुन्नत-ए-मुअक्कदा और बाद में 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा भी पढ़ी जाती हैं।

2. क्या ज़ुहर की चारों फ़र्ज़ रकअत में सूरह फ़ातिहा पढ़ते हैं?

जी हाँ। आम तरीके में चारों रकअत में सूरह अल-फ़ातिहा पढ़ी जाती है। पहली दो रकअत में इसके बाद कोई दूसरी सूरह भी मिलाई जाती है।

3. दूसरी रकअत के बाद कौन-सी दुआ पढ़ते हैं?

दूसरी रकअत के दूसरे सज्दे के बाद बैठकर अत्तहिय्यात पढ़ते हैं। आम तरीके में इसके बाद तीसरी रकअत के लिए खड़े हो जाते हैं।

4. क्या नमाज़ में दुआ हिंदी या Hinglish में पढ़ सकते हैं?

नमाज़ के अंदर क़ुरआन की तिलावत और तयशुदा अज़कार सही अरबी में सीखकर पढ़ने चाहिए। दूसरी भाषा में दुआ करने के मसाइल में फ़िक़्ही तफ़सील है, इसलिए अपने मसलक के भरोसेमंद आलिम से पूछें। नमाज़ के बाहर हिंदी या अपनी भाषा में अल्लाह से दुआ कर सकते हैं।

5. क्या बिना ज़ुबान से नियत बोले नमाज़ हो जाती है?

जी हाँ। नियत दिल के इरादे का नाम है। ज़ुहर की चार रकअत फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ने का इरादा दिल में होना काफ़ी है; कोई तयशुदा जुमला ज़ुबान से बोलना ज़रूरी नहीं।

आख़िरी बात

ज़ुहर की नमाज़ सीखने का सबसे अच्छा तरीका है कि हर रकअत का तरीका समझें, अरबी दुआओं का सही तलफ़्फ़ुज़ सुनकर सीखें और किसी जानकार इमाम या उस्ताद से अपनी नमाज़ की अदायगी की जाँच करवाएँ। शुरुआत में धीरे-धीरे सीखें और हर मुक़ाम पर इत्मीनान का ख़याल रखें।

अल्लाह तआला हमें पाँचों वक़्त की नमाज़ पाबंदी से अदा करने और उसे सही तरीक़े से सीखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

नमाज़ के तरीके और मालूमात के लिए नीचे लिखे पोस्ट पढ़े – 

Fajr Namaz Ka Tarika – फ़ज्र की नमाज़ पढ़ने के 10 आसान स्टेप्स

नमाज़ में सना की दुआ (दुआ-ए-इस्तिफ़्ताह)

नमाज़ में क्या लगाकर जाना जायज़ है? 11 चीज़ों का इस्लामी हुक्म

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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