सर दर्द की दुआ : 3 असरदार दुआएँ और राहत का सही तरीका (Sar dard ki dua)

सर दर्द की दुआ (sar dard ki dua): 3 असरदार दुआएँ 

sar dard ki dua

सर दर्द होने पर इंसान तकलीफ़ से राहत पाने के लिए अल्लाह सुब्हानवा तआला से दुआ कर सकता है। इस्लाम में बीमारी और दर्द के वक़्त अल्लाह से शिफ़ा माँगना और इलाज कराना, दोनों अहम हैं।

अगर आप sar dard ki dua, सर दर्द की दुआ हिंदी में या सिर दर्द दूर करने की दुआ तलाश कर रहे हैं, तो इस लेख में दर्द के लिए नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित दुआ, शिफ़ा की दुआ और कुरआन में हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की दुआ दी गई है।

1. सर दर्द की दुआ अरबी में (sar dard ki dua)

दर्द की जगह पर हाथ रखकर पहले तीन बार बिस्मिल्लाह  بِسْمِ اللَّهِ पढ़ें। इसके बाद नीचे दी गई दुआ सात बार पढ़ें। यह तरीका सहीह मुस्लिम की हदीस में बयान हुआ है।

अरबी दुआ-

بِسْمِ اللَّهِ

أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ

हिंदी में पढ़ने का तरीका-

बिस्मिल्लाह।

अऊज़ु बिल्लाहि व क़ुदरतिही मिन शर्रि मा अजिदु व उहाज़िरु।

Hinglish-

Bismillah.

A’udhu billahi wa qudratihi min sharri ma ajidu wa uhadhiru.

हिंदी मतलब – 

मैं अल्लाह और उसकी क़ुदरत की पनाह माँगता हूँ, उस तकलीफ़ की बुराई से जो मैं महसूस कर रहा हूँ और जिससे मुझे डर है।

English Meaning-

I seek refuge in Allah and His power from the evil of what I feel and what I fear.

हदीस का हवाला- सहीह मुस्लिम, हदीस 2202।

हज़रत उस्मान बिन अबिल आस रज़ियल्लाहु अन्हु ने अपने जिस्म में होने वाले दर्द की शिकायत नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से की। आपने उन्हें दर्द वाली जगह पर हाथ रखकर तीन बार बिस्मिल्लाह और सात बार यह दुआ पढ़ने की तालीम दी। यह हदीस दर्द के लिए आम है, इसलिए सर दर्द में भी इस पर अमल किया जा सकता है।

2. शिफ़ा की दुआ अरबी में

बीमारी और दर्द से राहत के लिए नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से एक और दुआ साबित है। इस दुआ में अल्लाह तआला से तकलीफ़ दूर करने और मुकम्मल शिफ़ा देने की गुज़ारिश की जाती है।

अरबी दुआ-

اللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ أَذْهِبِ الْبَأْسَ وَاشْفِ أَنْتَ الشَّافِي لَا شِفَاءَ إِلَّا شِفَاؤُكَ شِفَاءً لَا يُغَادِرُ سَقَمًا

हिंदी में पढ़ने का तरीका-

अल्लाहुम्मा रब्बन्नासि अज़हिबिल-बअसा, वश्फि अन्तश-शाफ़ी, ला शिफ़ा-अ इल्ला शिफ़ाउक, शिफ़ाअन ला युग़ादिरु सक़मा।

Hinglish-

Allahumma Rabban-naasi, adhhibil-ba’sa, washfi Antash-Shaafi, laa shifaa’a illaa shifaa’uka, shifaa’an laa yughaadiru saqamaa.

हिंदी मतलब –

ऐ अल्लाह! ऐ लोगों के रब! तकलीफ़ दूर फ़रमा और शिफ़ा अता फ़रमा। तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के सिवा कोई शिफ़ा नहीं। ऐसी शिफ़ा अता फ़रमा जो कोई बीमारी बाक़ी न छोड़े।

English Meaning-

O Allah, Lord of mankind, remove the suffering and grant healing. You are the Healer. There is no healing except Your healing, a healing that leaves no illness behind.

हदीस का हवाला- सहीह अल-बुख़ारी और सहीह मुस्लिम में बीमारी से शिफ़ा माँगने की यह दुआ रिवायत हुई है।

3. कुरआन में हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की दुआ

कुरआन मजीद में हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की दुआ का ज़िक्र है। उन्होंने तकलीफ़ के वक़्त अल्लाह तआला से रहम की दरख़्वास्त की थी। यह सर दर्द के लिए ख़ास दुआ नहीं, बल्कि तकलीफ़ और बीमारी के वक़्त पढ़ी जा सकने वाली कुरआनी दुआ है।

अरबी दुआ-

رَبِّ إِنِّي مَسَّنِيَ الضُّرُّ وَأَنْتَ أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ

हिंदी में पढ़ने का तरीका-

रब्बि इन्नी मस्-सनियद-दुर्रु व अन्ता अरहमुर-राहिमीन।

Hinglish-

Rabbi inni massaniyad-durru wa anta arhamur-raahimeen.

हिंदी अर्थ-

ऐ मेरे रब! मुझे तकलीफ़ पहुँची है और तू सब रहम करने वालों से बढ़कर रहम करने वाला है।

English Meaning-

My Lord, adversity has touched me, and You are the Most Merciful of the merciful.

कुरआन का हवाला- सूरह अल-अंबिया, 21:83।

अगली आयत (21:84) में अल्लाह तआला हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की दुआ क़बूल करने और उनकी तकलीफ़ दूर करने का ज़िक्र फ़रमाता है।

सर दर्द की दुआ पढ़ने का सही तरीका

  1. दर्द वाली जगह पर अपना हाथ रखें।
  2. तीन बार बिस्मिल्लाह पढ़ें।
  3. पहली दुआ सात बार पढ़ें: أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ
  4. अल्लाह तआला से दिल से शिफ़ा और राहत की दुआ करें।
  5. ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें और मुनासिब इलाज कराएँ।

तीन बार बिस्मिल्लाह और सात बार पहली दुआ पढ़ने का तरीका हदीस में आया है। दूसरी दुआ और कुरआनी दुआ के लिए यहाँ कोई ख़ास गिनती तय नहीं की गई है।

सर दर्द की दुआ की फ़ज़ीलत

1. अल्लाह से मदद माँगने का ज़रिया

दर्द और बीमारी के वक़्त दुआ करना बंदे के अल्लाह तआला से ताल्लुक़ को मज़बूत करता है। इंसान को चाहिए कि तकलीफ़ में अल्लाह से रहम और शिफ़ा माँगे।

2. सुन्नत पर अमल

दर्द की जगह पर हाथ रखकर बिस्मिल्लाह और उसके बाद बताई गई दुआ पढ़ने का तरीक़ा सहीह मुस्लिम में मौजूद है। इस पर अमल करना नबी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम की तालीम पर अमल है।

3. सब्र और सवाब की उम्मीद

सहीह अल-बुख़ारी, हदीस 5641 में बयान है कि मुसलमान को बीमारी, थकान, ग़म या तकलीफ़ पहुँचती है तो अल्लाह उसके ज़रिये उसके कुछ गुनाह माफ़ फ़रमाता है। इसलिए तकलीफ़ में सब्र रखें और अल्लाह की रहमत से उम्मीद न तोड़ें।

4. दुआ के साथ इलाज भी ज़रूरी है

दुआ करना और इलाज कराना एक-दूसरे के ख़िलाफ़ नहीं हैं। सर दर्द बार-बार हो, बहुत तेज़ हो या लंबे वक़्त तक बना रहे तो उसकी वजह मालूम करने के लिए डॉक्टर से मशवरा करना चाहिए।

क्या कुरआन में सर दर्द की कोई ख़ास दुआ है?

कुरआन मजीद में सर दर्द के लिए किसी एक ख़ास दुआ को अलग से निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की दुआ (सूरह अल-अंबिया 21:83) तकलीफ़ के वक़्त अल्लाह से रहम माँगने की एक कुरआनी मिसाल है।

दर्द के लिए हाथ रखकर पढ़ी जाने वाली दुआ सहीह मुस्लिम, हदीस 2202 में मौजूद है। इसलिए इस लेख में उसी को सर दर्द के लिए मुख्य दुआ के तौर पर पेश किया गया है।

सर दर्द होने पर किन बातों का ख़याल रखें?

  • पानी की कमी, नींद की कमी और तनाव भी सर दर्द की वजह हो सकते हैं।
  • आराम करें और अपनी सेहत का ख़याल रखें।
  • अगर सर दर्द अचानक बहुत तेज़ शुरू हो, या उसके साथ कमज़ोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी, बुख़ार के साथ गर्दन अकड़ना या नज़र में अचानक बदलाव हो, तो फ़ौरन इमरजेंसी मेडिकल मदद लें।
  • दुआ पढ़ने को इलाज का विकल्प न समझें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. सर दर्द की सबसे सहीह दुआ कौन-सी है?

दर्द के लिए सहीह मुस्लिम, हदीस 2202 में दर्ज दुआ पढ़ सकते हैं। दर्द वाली जगह पर हाथ रखकर तीन बार बिस्मिल्लाह और फिर सात बार “अऊज़ु बिल्लाहि व क़ुदरतिही मिन शर्रि मा अजिदु व उहाज़िरु” पढ़ें।

2. सर दर्द की दुआ हिंदी में कैसे पढ़ें?

दर्द वाली जगह पर हाथ रखकर तीन बार “बिस्मिल्लाह” पढ़ें। फिर सात बार “अऊज़ु बिल्लाहि व क़ुदरतिही मिन शर्रि मा अजिदु व उहाज़िरु” पढ़ें।

3. क्या सर दर्द की दुआ कुरआन में मौजूद है?

सर दर्द के लिए कोई ख़ास दुआ कुरआन में निर्धारित नहीं है। लेकिन सूरह अल-अंबिया, आयत 83 में हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की तकलीफ़ के वक़्त पढ़ी गई दुआ का ज़िक्र है।

4. क्या सर दर्द की दुआ सात बार पढ़नी चाहिए?

सहीह मुस्लिम, हदीस 2202 में दर्द वाली जगह पर हाथ रखकर तीन बार बिस्मिल्लाह और उसके बाद सात बार दर्द से पनाह माँगने वाली दुआ पढ़ने का तरीक़ा आया है।

5. क्या दुआ पढ़ने से सर दर्द तुरंत ठीक हो जाता है?

दुआ अल्लाह से मदद और शिफ़ा माँगने का ज़रिया है, लेकिन यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि हर बार दर्द तुरंत ख़त्म हो जाएगा। अगर दर्द तेज़ है या बार-बार होता है तो डॉक्टर से सलाह लें।

नतीजा

सर दर्द होने पर अल्लाह सुब्हानवा तआला से शिफ़ा माँगें और दर्द के लिए नबी करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलय्हि वसल्लम से साबित दुआ पढ़ें। बिस्मिल्लाह तीन बार और उसके बाद दर्द

जज़ाकल्लाह खैर। अल्लाह सुब्हानवताला इस कोशिश में हुई छोटी बड़ी गलती को माफ़ करे  – आमीन ।

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